PM MODI सात साल बाद चाइना पहुंचे, हुआ भव्य स्वागत, SCO शिखर सम्मेलन में लेंगे हिस्सा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के महत्वपूर्ण शिखर सम्मेलन में भाग लेने और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय बैठक करने के लिए शनिवार को चीन के तियानजिन शहर पहुंचे। यह सात वर्षों में उनका पहला चीन दौरा है। जापान की अपनी यात्रा समाप्त करने के बाद पीएम मोदी चीन पहुंचे हैं, जापान में उन्होंने परिवहन, अंतरिक्ष अन्वेषण और व्यापार के क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा दिया था।

पीएम मोदी 1 सितंबर तक चीन में रहेंगे। इस दौरान उनकी चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ एक अहम मुलाकात होगी। उम्मीद है कि दोनों नेता भारत-चीन आर्थिक संबंधों की समीक्षा करेंगे और संबंधों को सामान्य बनाने के तरीकों पर चर्चा करेंगे। इस यात्रा का विशेष महत्व है क्योंकि बुधवार से भारत पर अमेरिकी शुल्क में 50% की वृद्धि प्रभावी हो गई है।
प्रधानमंत्री के तौर पर मोदी की यह सात साल बाद पहली चीन यात्रा है। यह यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब यूक्रेन युद्ध के बीच भारत द्वारा रूसी तेल ख़रीदने को लेकर अमेरिका ने आपत्ति जताई है। इस मुद्दे पर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 25% अतिरिक्त टैरिफ़ भी लगा दिया था, जिससे कुल टैरिफ़ 50% हो गया।
मोदी चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के निमंत्रण पर चाइना पहुंचे हैं। यह निमंत्रण भारत-चीन संबंधों में आई गर्माहट के बीच आया है। इससे पहले 2020 में सीमा पर हुए संघर्षों से दोनों देशों के रिश्ते तनावपूर्ण हो गए थे।
2024 में पीएम मोदी की कजान में जिनपिंग से हुई थी मुलाकात
अगस्त 2024 में रूस के कज़ान में हुए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी नेता शी जिनपिंग एक साथ नज़र आए थे। प्रधानमंत्री की इस चीन यात्रा से पहले एक बड़ा संदेश भी आया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि 'भारत तैयार है...'।
SCO में लेंगे हिस्सा
शंघाई सहयोग संगठन SCO) की बैठक 31 अगस्त और 1 सितंबर को तियानजिन में होनी है। भारत 2017 से SCO का सदस्य है। मोदी रविवार को वेलकम डिनर में शामिल होंगे और मुख्य शिखर सम्मेलन सोमवार, 1 सितंबर को आयोजित होगा। SCO शिखर सम्मेलन में, मोदी से उम्मीद है कि वह पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच हुए हालिया संघर्ष के संदर्भ में सीमा-पार आतंकवाद के ख़िलाफ़ भारत के रुख़ को दोहराएंगे।
जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे
शिखर सम्मेलन के इतर, प्रधानमंत्री मोदी चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। भारतीय पीएम रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी मुलाक़ात करने वाले हैं।
विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने प्रधानमंत्री की जापान और चीन यात्रा पर जानकारी देते हुए कहा, "कई द्विपक्षीय बैठकें आयोजित की जाएंगी। हम अभी उन बैठकों को अंतिम रूप दे रहे हैं और आपको कार्यवाही के बारे में अपडेट करते रहेंगे।"प्रधानमंत्री के तौर पर मोदी की यह सात साल बाद पहली चीन यात्रा है।
जिनपिंग ने भेजा था न्यौता
मोदी चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के निमंत्रण पर चाइना आए हैं। यह निमंत्रण भारत-चीन संबंधों में आई गर्माहट के बीच आया है। इससे पहले 2020 में सीमा पर हुए संघर्षों से दोनों देशों के रिश्ते तनावपूर्ण हो गए थे।











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