बंधकों को आजादी, टू नेशन थ्योरी, गाजा में शांति के लिए PM मोदी ने फिलीस्तीनी राष्ट्रपति को क्या सॉल्यूशन बताए
PM Modi meets Palestine President: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका की तीन दिवसीय यात्रा के दौरान न्यूयॉर्क में फिलीस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास के साथ बैठक हुई है, जिसमें उन्होंने इजराइल और हमास के बीच संघर्ष के परिणामस्वरूप गाजा में मानवीय संकट के बारे में गंभीर चिंता जताई है।
लोटे यॉर्क पैलेस होटल में हुई इस बैठक में क्षेत्र में शांति की तत्काल बहाली की मांग करने के भारत के रुख को प्रधानमंत्री मोदी ने फिलीस्तीनी राष्ट्रपति के सामने रखा है। पीएम मोदी ने भारत और फिलीस्तीन के बीच मजबूत बंधन पर जोर दिया, जिसका मकसद लंबे समय से चली आ रही इस दोस्ती को और मजबूत करना है।

राष्ट्रपति अब्बास के साथ प्रधानमंत्री की चर्चा न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में भाग लेने के दौरान उनके व्यापक एजेंडे का हिस्सा थी। यहां, उन्हें 'भविष्य के शिखर सम्मेलन' में 'बेहतर कल के लिए बहुपक्षीय समाधान' विषय पर बोलना है। यह जुड़ाव बहुपक्षीय सहयोग और संवाद के माध्यम से वैश्विक मुद्दों को संबोधित करने के लिए भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
इजराइल-फिलिस्तीन संघर्ष पर भारत का रुख
भारत ने लगातार इजरायल-फिलिस्तीन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान की वकालत की है और टू नेशन थ्योरी समाधान का समर्थन किया है। 7 अक्टूबर को इजराइल पर हमास के आतंकी हमले की पीएम मोदी ने फिलीस्तीनी राष्ट्रपति के सामने भी निंदा की और भारत की स्थिति को दोहराया। इसके साथ ही पीएम मोदी ने इजराइली बंधकों की तत्काल रिहाई और फौरन युद्धविराम पर जोर दिया है।
हालांकि, प्रधानमंत्री मोदी ने ये भी कहा, कि इसके बावजूद, भारत गाजा में चल रही उथल-पुथल को लेकर चिंतित है। अपना समर्थन प्रदर्शित करते हुए, भारत ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए फिलीस्तीनी शरणार्थियों की सहायता के लिए जुलाई में संयुक्त राष्ट्र राहत और कार्य एजेंसी (यूएनआरडब्ल्यूए) को 2.5 मिलियन डॉलर की पहली किस्त का योगदान दिया है।
वैश्विक नेताओं से मिले पीएम मोदी
राष्ट्रपति अब्बास के साथ अपनी बैठक के अलावा, प्रधानमंत्री मोदी ने नेपाली प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और कुवैत के क्राउन प्रिंस शेख सबा खालिद अल-हमद अल-मुबारक अल-सबाह सहित कई अन्य प्रमुख हस्तियों के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। ये चर्चाएं विभिन्न मोर्चों पर मजबूत संबंधों को बढ़ावा देने के भारत के इरादे को दर्शाती हैं।
इसके अलावा, मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग द्वारा आयोजित एक गोलमेज सम्मेलन में शीर्ष तकनीकी नेताओं और सीईओ के साथ प्रधानमंत्री मोदी की बातचीत, वैश्विक उन्नति के लिए अवसर पैदा करने और इनोवेशन का लाभ उठाने में भारत की अग्रणी भूमिका को उजागर करती है।
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर बताया है, कि "न्यूयॉर्क में राष्ट्रपति महमूद अब्बास से मुलाकात की। क्षेत्र में शांति और स्थिरता की शीघ्र बहाली के लिए भारत के समर्थन को दोहराया। फिलिस्तीन के लोगों के साथ दीर्घकालिक मित्रता को और मजबूत करने के विचारों का आदान-प्रदान किया।"
इसके अतिरिक्त, भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने फिलीस्तीन के प्रति भारत के अटूट समर्थन को रेखांकित करते हुए कहा, "प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज संयुक्त राष्ट्र महासभा के अवसर पर फिलीस्तीन के राष्ट्रपति महामहिम महमूद अब्बास से मुलाकात की। प्रधानमंत्री ने गाजा में मानवीय स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की और फिलीस्तीन के लोगों के प्रति भारत के निरंतर समर्थन की पुष्टि की।"
न्यूयॉर्क में प्रधानमंत्री मोदी की बैठकों की श्रृंखला, विशेष रूप से फिलीस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास के साथ, न सिर्फ गाजा संकट पर भारत की चिंता को दोहराती है, बल्कि क्षेत्र में शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए उसके कूटनीतिक प्रयासों को भी उजागर करती है। इन मुलाकातों के माध्यम से, भारत बहुपक्षीय समाधानों की वकालत करना और संघर्ष समाधान के लिए समर्थन करना जारी रखता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय मंच पर मध्यस्थ और मानवीय कारणों के समर्थक के रूप में अपनी भूमिका का प्रदर्शन होता है।












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