Modi in France: भारत से चंदन की सितार लेकर पहुंचे प्रधानमंत्री, गिफ्ट पाकर खिला राष्ट्रपति मैक्रों का चेहरा
Modi in France: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस दौरे पर कहा, 'मैं आपको बैस्टिल दिवस की बधाई देता हूं। इस वर्ष हम अपनी रणनीतिक साझेदारी के 25 वर्ष पूरे होने का जश्न मना रहे हैं।'
पेरिस में भारत-फ्रांस सीईओ फोरम में पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, आप जैसे बिजनेस लीडर्स ने इस साझेदारी में बहुत योगदान दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भी फोरम में शामिल हुए।

इसक अलावा पीएम नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को विशेष उपहार भी सौंपा। चंदन की लकड़ी से बना सितार गिफ्ट कर पीएम मोदी ने उन्हें सैंडलवुड सितार की विशेषताएं भी बताईं।
उपहार पाने के बाद फ्रांस के राष्ट्रपति को काफी उत्साहित देखा गया। समाचार एजेंसी ANI की रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री ने फ्रांस के राष्ट्रपति को जो उपहार दिया है उसका कनेक्शन साउथ इंडिया से है।
रिपोर्ट के अनुसार, संगीत वाद्ययंत्र सितार की अनूठी प्रतिकृति शुद्ध चंदन से बनी है। चंदन की लकड़ी पर नक्काशी की कला एक उत्कृष्ट और प्राचीन शिल्प है जिसका अभ्यास दक्षिणी भारत में सदियों से किया जाता रहा है।
इस दौरे पर पीएम मोदी ने कई और नेताओं को भी उपहार सौंपे। उन्होंने, फ्रेंच नेशनल असेंबली के अध्यक्ष येल ब्रॉन-पिवेट को हाथ से बुना हुआ 'सिल्क कश्मीरी कालीन' उपहार में दिया।
कश्मीर के हाथ से बुने रेशम के कालीन अपनी कोमलता और शिल्प कौशल के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध हैं। सिल्क कश्मीरी कालीन के रंग और इसकी जटिल गांठें इसे किसी भी अन्य कालीन से अलग करती हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस की प्रधानमंत्री एलिज़ाबेथ बोर्न को 'मार्बल इनले वर्क टेबल' उपहार में दिया। 'मार्बल इनले वर्क' अर्ध-कीमती पत्थरों का उपयोग करके संगमरमर पर की गई सबसे आकर्षक कलाकृतियों में से एक है।
पीएम नरेंद्र मोदी ने फ्रांस की प्रथम महिला ब्रिगिट मैक्रॉन को सैंडलवुड बॉक्स में पोचमपल्ली इकत उपहार में दिया। भारत के तेलंगाना के पोचमपल्ली शहर का पोचमपल्ली रेशम इकत कपड़ा, भारत की समृद्ध कपड़ा विरासत का एक मंत्रमुग्ध कर देने वाला प्रमाण है।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन द्वारा आयोजित रात्रिभोज के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पेरिस के एलिसी पैलेस पहुंचे। जहां फ्रांस के राष्ट्रपति ने एलिसी पैलेस पहुंचने पर PM मोदी का स्वागत किया।
विदेश मंत्रालय ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फ्रांस यात्रा के परिणामों की सूची में इंडो-पैसिफिक में भारत-फ्रांस सहयोग का रोडमैप और फ्रांसीसी शैक्षणिक संस्थानों से मास्टर्स डिग्री धारक भारतीयों के लिए 5 साल का वीजा शामिल है।
दोनों की मुलाकात के बारे में विदेश मंत्रालय ने भी बयान जारी किया। विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने शुक्रवार को बताया, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच रूस-यूक्रेन संघर्ष और विकासशील देशों पर इसके प्रभाव पर विस्तार से चर्चा हुई।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री इस बात के सबसे बड़े पैरोकार रहे हैं कि विवाद को कूटनीति से सुलझाया जाना चाहिए। रूस-यूक्रेन संघर्ष पर दोनों देशों ने एक-दूसरे की स्थिति को बहुत स्पष्ट तरीके से समझा।
विदेश सचिव के अनुसार, दोनों नेता आज से पहले कल भी मिले थे। दोनों के बीच विस्तार से चर्चा हुई। रूस-यूक्रेन संघर्ष की वर्तमान स्थिति पर मित्र पक्ष ने भी भारत के रूख की काफी सराहना की।
उन्होंने इस बात पर भी चर्चा की कि इस संघर्ष का विकासशील देशों पर क्या प्रभाव पड़ेगा, खाद्य सुरक्षा की चुनौतियां, विकराल होती चुनौतियां और इससे ऊर्जा सुरक्षा के लिए पैदा होने वाली अनिश्चितता, उर्वरक सुरक्षा चुनौतियों में तेजी से वृद्धि होगी।
दोनों देशों ने माना कि आने वाले दिनों में खाद्य सुरक्षा चुनौतियों में तब्दील हो सकती है। विदेश सचिव क्वात्रा के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच रक्षा संबंधों पर भी बात हुई।
क्वात्रा ने कहा, "2047 होराइजन दस्तावेज़ सुरक्षा और संप्रभुता को व्यक्तिगत लेनदेन के एक सेट के बजाय अधिक समग्र और व्यापक तरीके से देखता है। इसका कारण यह है कि रक्षा साझेदारी के मेट्रिक्स को एकल अधिग्रहण या गैर-अधिग्रहण, एकल खरीद या एकल लेनदेन के रूप में परिभाषित नहीं किया गया है।"
उन्होंने कहा, "भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी की प्रकृति हमारे जुड़ाव के सभी तत्वों को देखती है। इसलिए दस्तावेज़ में दोनों देशों की बात की गई है, भारत और फ्रांस उन्नत रक्षा प्रौद्योगिकियों के सह-विकास और सह-उत्पादन पर सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"
क्वात्रा ने भारत और फ्रांस के बीच रक्षा संबंधों पर कहा, "यह अपने स्वयं के रक्षा औद्योगिक और तकनीकी आधार बनाने के भारत के इरादे की भी बात करता है। यह एक विज़न दस्तावेज़ है। हमारी रक्षा साझेदारी के आधार और विशिष्टताएं वास्तव में प्रौद्योगिकी साझेदारी कर रही हैं।"
दोनों राष्ट्राध्यक्षों की मुलाकात के बाद, सैन्य-औद्योगिक सहयोग, अनुसंधान डिजाइन और प्रौद्योगिकी के हस्तांतरण बढ़ेगा। सशस्त्र बलों के बीच वास्तव में सैन्य अभ्यास की पूरी श्रृंखला का रास्ता भी साफ होगा।
विदेश मंत्रालय ने कहा, पांच दशकों से अधिक समय से सैन्य उड्डयन में भारत और फ्रांस के बीच उत्कृष्ट सहयोग के अनुरूप भारत ऑर्डर किए गए 36 राफेल की समय पर डिलीवरी का स्वागत करता है।
सरकार के अनुसार, भविष्य में भारत और फ्रांस लड़ाकू विमान इंजन को संयुक्त रूप से तैयार करके उन्नत वैमानिक प्रौद्योगिकियों में अपने अभूतपूर्व रक्षा सहयोग का विस्तार करेंगे। इस प्रोजेक्ट पर इस साल के अंत से पहले सफरान और डीआरडीओ के बीच एक रोडमैप तैयार किया जाएगा।
विदेश मंत्रालय ने कहा, सफरान हेलीकॉप्टर इंजन फ्रांस के साथ भारतीय मल्टी रोल हेलीकॉप्टर [आईएमआरएच] कार्यक्रम के तहत हैवी लिफ्ट हेलीकॉप्टरों के मोटरीकरण के लिए औद्योगिक सहयोग का भी समर्थन करते हैं।
आईएमआरएच कार्यक्रम को आगे बढ़ाने के लिए इंजन विकास के लिए हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) और सफरान हेलीकॉप्टर इंजन के बीच एक समझौता संपन्न हुआ है।
आने वाले वर्षों में सह-उत्पादन सह-विनिर्माण पर अधिक ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। रक्षा के क्षेत्र में, भारत औऱ फ्रांस विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र के बीच आपूर्ति श्रृंखला एकीकरण पर भी ध्यान देंगे।
क्वात्रा ने कहा, दोनों देशों के बीच रक्षा के क्षेत्र में प्रौद्योगिकी मूल्य श्रृंखला एकीकरण आगे बढ़ रहा है। हेलीकॉप्टर इंजन या एयरो इंजन या अन्य पहलुओं पर भी सहयोग को लेकर बातें हुईं।
उन्होंने कहा कि इनमें से बहुत से उन्नत रक्षा प्रौद्योगिकियों के बड़े दायरे में कैद हैं। विदेश सचिव ने कहा, "प्रधानमंत्री बहुत स्पष्ट हैं कि इनमें से बहुत सी चीजों को आत्मनिर्भर भारत की प्राथमिकता से जोड़ना होगा।"
इससे पहले फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने PM नरेंद्र मोदी को ग्रैंड क्रॉस ऑफ द लीजन ऑफ ऑनर से सम्मानित किया। आज फ्रांस की प्रथम महिला ब्रिगिट मैक्रॉन और फ्रांस के प्रधानमंत्री एलिज़ाबेथ बोर्न ने पेरिस में बैस्टिल डे परेड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत किया।












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