भारत के साथ रिश्ते राष्ट्रपति ओबामा की एकमात्र उपलब्धि!
वॉशिंगटन। अमेरिका के हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव के स्पीकर पॉल रेयॉन का मानना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की एकमात्र उपलब्धि भारत के साथ आगे बढते रिश्ते हैं। पॉल रेयॉन वही व्यक्ति हैं जिन्होंने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदनों को संबोधित करने के लिए इनवाइट किया था।

ओबामा के आलोचक हैं रेयॉन
उनका कहना है कि भारत अमेरिका का बड़ा सहयोगी बनने जा रहा है। इसलिए जरूरी है कि इस संबंध को और मजबूत किया जाए। रेयॉन रिपब्लिकन हैं और उन्हें राष्ट्रपति बराक ओबामा की नीतियों का सबसे बड़ा आलोचक माना जाता है। लेकिन भारत के साथ संबंधों के के लिए उन्होंने ओबामा की सराहना की है। उन्होंने दूसरे देशों के संबंधों के लिहाज से इसे ओबामा की अकेली उपलब्धि करार दिया है।
भारत के साथ रिश्ते समय की जरूरत
रेयॉन का मानना है कि यह समय की जरूरत है कि पीएम मोदी के नेतृत्व में रिश्तों को आगे बढ़ाया जाए। इन रिश्तों के भविष्य को लेकर बड़ी संभावनाएं हैं।
रेयान ने साफ कहा कि भारत के साथ संबंधों का विकास ओबामा सरकार की एक उपलब्धि है, जो उनके आठ साल के कार्यकाल की गलत विदेश नीति के बीच से निकली है।
अंतराष्ट्रीय स्तर पर भारत का सहयोग
एशिया पैसेफिक में और हिंद महासागर क्षेत्र में भारत के सहयोग से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संबंधों को आगे बढ़ा सकते हैं। इसके लिए हमें चीन को ध्यान में रखना होगा जो द्वीपों को भी तैयार कर रहा है। रेयान के अध्यक्ष वाले कार्यकाल में मोदी पहले विदेशी नेता हैं, जिन्होंने अमेरिकी संसद को संबोधित किया। संबोधन से पहले बुधवार को दोनों नेताओं के बीच अकेले में बातचीत भी हुई। रेयान ने मोदी के सम्मान में भोज आयोजित किया था।
मोदी की प्रशंसा लेकिन आलोचना भी
रेयान ने विदेशी मामलों की इस महत्वपूर्ण बैठक में मोदी की जमकर प्रशंसा की। कहा, नई भारतीय सरकार हमारी बड़ी सहयोगी बन सकती है और हम उसके साथ बड़ा रक्षा सहयोग कर सकते हैं। जरूरत इस संबंध को लगातार मजबूत बनाए रखने की है। रेयान ने कहा, मोदी के प्रशंसक जान लें कि वे कुछ मामलों में रुढ़िवादी हैं लेकिन मुक्त बाजार के समर्थक हैं। वह अपने देश में सुधार लागू करना चाहते हैं।












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