नरेन्द्र मोदी को हराने की जरूरत.. पाकिस्तान के फवाद चौधरी ने उगला जहर, राहुल गांधी, केजरीवाल को कहा गुडलक
Pakistan on Indian Election: राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल के लिए कई बार समर्थन जता चुके पाकिस्तान के पूर्व मंत्री फवाद चौधरी ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना की है और कहा है, कि भारतीय नेता और उनकी "चरमपंथी विचारधारा" को हराने की जरूरत है।
भारतीय चुनाव पर बार बार मुंह फाड़ने वाले फवाद चौधरी उस इस्लामिक देश पाकिस्तान के नेता है, जहां अल्पसंख्यकों को करीब करीब खत्म कर दिया गया है और इसी साल उनकी पार्टी को पाकिस्तान की सेना ने चुनाव में हरा दिया है।

केजरीवाल-राहुल को शुभकामनाएं
फवाद चौधरी ने मौजूदा लोकसभा चुनावों में राहुल गांधी, केजरीवाल और पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी को अपनी शुभकामनाएं भी दीं। IANS के साथ एक विशेष इंटरव्यू में चौधरी ने कहा, "भारत को एक प्रगतिशील देश के रूप में आगे बढ़ना चाहिए और इसीलिए नरेंद्र मोदी और उनकी चरमपंथी विचारधारा को हराने की जरूरत है। जो भी उन्हें हराएगा, चाहे वह राहुल जी हों, केजरीवाल जी हों या ममता बनर्जी, उन्हें शुभकामनाएं।"
जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के शासन में संघीय मंत्री रहे फवाद चौधरी ने कहा, कि पाकिस्तान में हर कोई चाहता है, कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुनाव में सिकस्त खाएं और भारत का फायदा अपने पड़ोसी देश के साथ अच्छे संबंध स्थापित करने में है।
उन्होंने कहा, "भारतीय मतदाताओं का फायदा पाकिस्तान के साथ अच्छे संबंध रखने में है। भारत को एक प्रगतिशील राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ना चाहिए।"
पाकिस्तानी नेता की यह टिप्पणी प्रधानमंत्री मोदी की सोमवार की टिप्पणियों के जवाब में आई है, जिसमें उन्होंने पाकिस्तान से कुछ भारतीय राजनीतिक नेताओं को लगातार मिल रहे समर्थन की जांच की मांग की थी।
प्रधानमंत्री ने आईएएनएस को दिए इंटरव्यू में कहा, कि "मुझे समझ में नहीं आता, कि कुछ चुनिंदा लोगों, जो जाहिर तौर पर हमारे खिलाफ विरोधी रूख रखते हैं, उन्हें पाकिस्तान से समर्थन क्यों मिलता है, कुछ खास व्यक्तियों के लिए वहां से समर्थन की आवाजें क्यों उठती हैं?"
PM मोदी ने आगे कहा, कि भारत एक परिपक्व लोकतंत्र है, जिसके सिद्धान्त और परम्पराएं सुस्थापित हैं और मतदाता इस तरह की चालबाज़ियों को आसानी से पहचान सकते हैं। खास तौर पर, राहुल गांधी के समर्थन में फवाद चौधरी के बार बार आने वाले समर्थन संदेश पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तीखी प्रतिक्रिया आई है, और इसने इसे 'कांग्रेस की पाकिस्तान के साथ सांठगांठ' का स्पष्ट मामला बताया है।
'राहुल गांधी या केजरीवाल से कोई लगाव नहीं': चौधरी
पीएम मोदी की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए फवाद चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, कि उन्हें राहुल गांधी या अरविंद केजरीवाल से कोई लगाव नहीं है, लेकिन वे कट्टरपंथियों के खिलाफ मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने भारतीय नेता पर "घृणा और उग्रवाद का प्रतीक" बनने का आरोप लगाया और कहा, कि हिंदू महासभा के उदय के कारण भारत के मुसलमानों को अत्यधिक घृणा का सामना करना पड़ रहा है।
पाकिस्तानी नेता ने कहा, "(पाकिस्तान के) संस्थापकों ने भारत में रहने वाले मुसलमानों के अधिकारों के लिए खड़े होने का वादा किया था। यह दुर्भाग्यपूर्ण है, कि पाकिस्तान सरकार अपनी भूमिका नहीं निभा रही है, लेकिन मैं जिस भी क्षमता में भारत में मुस्लिम अधिकारों के लिए बोलूंगा और एक पहलू यह है कि नफरत की ताकतों को हराया जाना चाहिए और नफरत और उग्रवाद के आरएसएस+बीजेपी गठजोड़ को हराया जाना चाहिए और जो कोई भी उन्हें हराएगा, उसे वैश्विक सम्मान मिलेगा।"
विपक्षी नेताओं के लिए फवाद चौधरी का समर्थन
पाकिस्तानी नेताओं का भारतीय चुनावों पर बोलना बहुत ही असामान्य है, क्योंकि ज्यादातर नेता इस मामले पर टिप्पणी करने से बचते हैं। हालांकि, भारत में लोकसभा चुनाव के छठे चरण के दौरान भी फवाद चौधरी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का समर्थन किया था, जिसके बाद केजरीवाल ने उन्हें करारा जवाब देते हुए अपना घर संभालने की नसीहत दी थी।
फवाद चौधरी ने कथित शराब आबकारी नीति से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जमानत मिलने के बाद केजरीवाल का समर्थन किया था।
चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा था, कि "शांति और सद्भावना, नफरत और उग्रवाद की ताकतों को हरा सकती है।" 10 मई को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर केजरीवाल को अंतरिम जमानत मिलने के बाद फवाद चौधरी ने इसे भारतीय प्रधानमंत्री के लिए "एक और लड़ाई में हार" करार दिया था।
दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए फवाद चौधरी से कहा, कि भारत अपनी समस्याओं को सुलझाने में पूरी तरह सक्षम है और पाकिस्तानी नेता के समर्थन वाले ट्वीट की जरूरत नहीं है। केजरीवाल ने लिखा, "पाकिस्तान में इस समय हालात बहुत खराब हैं। अपने देश को संभालें।"
इससे पहले, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के नेता ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की तारीफ की थी, क्योंकि उनकी पार्टी ने वादा किया था, कि अगर वह सत्ता में आई तो वह वेल्थ रीडिस्ट्रीब्यूशन सर्वेक्षण कराएगी। उन्होंने राहुल गांधी की तुलना भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू से की, और कहा कि "दोनों समाजवादी थे।"
इससे पहले भी पाकिस्तान के पूर्व मंत्री ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी का एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें वह अयोध्या के राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर निशाना साधते नज़र आए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फवाद चौधरी की राहुल गांधी की तारीफ़ पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पाकिस्तान और कांग्रेस के बीच "साझेदारी" उजागर हो गई है।












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