Pakistan: इमरान खान की पैगंबर से तुलना करने पर पाकिस्तान में हैवानियत, भीड़ ने पीट-पीटकर मौलाना को मारा
पाकिस्तान में सैकड़ों लोगों को अभी तक ईशनिंदा के आरोप में मारा जा चुका है। ईशनिंदा कानून का इस्तेमाल विरोधियों के खिलाफ करना, पाकिस्तान में आम बात बन चुकी है।

Pakistan mob lynching: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा के मरदान क्षेत्र में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के राजनीतिक संगठन पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) की एक रैली के दौरान ईशनिंदा के आरोप में एक व्यक्ति की हिंसक भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी।
मॉब लिचिंग का ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जो काफी खतरनाक है। वीडियो में देखा जा रहा है, कि एक शख्स पर दर्जनों लोगों की भीड़ टूट पड़ी है। शख्स जमीन पर गिरा हुआ है और दर्जनों लोग एक साथ उसके शरीर को पैरों से रौंद रहे हैं।
जांच के दौरान पता चला है, की मारे गये शख्स की उम्र करीब 40 साल थी और वो पूर्व पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान का समर्थक था, जिसने इमरान खान की तुलना पैगंबर से की थी।
मौलाना की पाकिस्तान में मॉब लिचिंग
मृतक की पहचान मौलाना निगार आलम के रूप में की गई है और पाकिस्तानी अखबार, द फ्राइडे टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ की एक रैली में भीड़ के सामने, उसपर यह घोषणा करने का आरोप लगाया गया था, कि वह पीटीआई के अध्यक्ष इमरान खान का एक पैगंबर की तरह सम्मान करता है, क्योंकि वह एक ईमानदार व्यक्ति हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, इमरान खान की पैगंबर से तुलना करने के बाद रैली में मौजूद भीड़ भड़क गई और मौलाना निगार आलम पर टूट पड़ी। जब तक आरोपी को बचाने के लिए पुलिस मौके पर पहुंचती, उसकी हत्या की जा चुकी थी।
चश्मदीदों के मुताबिक, भीड़ ने मौलाना निगार आलम पर उस वक्त हमला किया था, जब वो रैली में कुछ बुजुर्ल लोगों से बात कर रहे थे। फ्राइडे टाइम्स की रिपोर्ट में कहा गया है, कि घटना से पहले देवबंदी विचारधारा वाले कुछ मौलवियों ने मांग की थी, कि पीड़ित के खिलाफ ईशनिंदा के आरोप में मामला दर्ज किया जाए।
द फ्राइडे टाइम्स के मुताबिक, पाकिस्तान के सोशल मीडिया पर कई यूजर्स मौलाना की हत्या का समर्थन कर रहे हैं और कह रहे हैं, कि इमरान खान की पैगंबर से तुलना कर, मौलाना ने भीड़ को भड़काने का काम किया था और इसी वजह से उसकी व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई।
खतरनाक देश बन गया है पाकिस्तान
पाकिस्तान में पिछले ही साल श्रीलंका के एक मैनेजर की भी ईशनिंदा के आरोप में भीड़ ने पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया था और श्रीलंका के मैनेजर की भीड़ ने रास्ते पर दौरा-दौरा कर हत्या कर दी थी। पिछले महीने, चीन के एक मैनेजर पर यह कहकर ईशनिंदा का आरोप लगाया गया, कि उसने रमजान के दौरान लोगों से काम करने के लिए कहा था।
चीनी इंजीनियर को मारने के लिए भी सैकड़ों लोगों की भीड़ मौके पर पहुंच गई थी, हालांकि मौके पर मौजूद पुलिस ने इंजीनियर को गिरफ्तार कर लिया और बाद में हेलीकॉप्टर से उसका रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया।
अंतर्राष्ट्रीय और पाकिस्तानी अधिकार समूहों का कहना है, कि ईशनिंदा के आरोपों का इस्तेमाल अक्सर धार्मिक अल्पसंख्यकों को डराने और व्यक्तिगत दुश्मनी निपटाने के लिए किया जाता है। पाकिस्तान की सरकार लंबे समय से देश के ईशनिंदा कानूनों को बदलने के लिए दबाव में रही है, लेकिन देश की अन्य राजनीतिक ताकतों ने इसका कड़ा विरोध किया है।
खुद इमरान खान ने 2021 में ईशनिंदा कानून को हटाने की कोशिश की थी, लेकिन मौलवियों के भारी विरोध के बाद उन्होंने बिल को संसद में पेश नहीं किया।
इससे पहले फरवरी में, ननकाना साहिब में ईशनिंदा के आरोपी एक व्यक्ति को लोगों की गुस्साई भीड़ ने जबरदस्ती थाने से बाहर ले जाकर मौत के घाट उतार दिया था।












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