दिल्ली से आया न्योता, हामिद अंसारी से मिला, ISI के लिए जानकारियां जुटाई... पाकिस्तानी पत्रकार ने किए बड़े दावे

नुशरत मिर्जा ने आगे के इंटरव्यू में कहा कि, 'मैं जब 2011 में दिल्ली गया था, जफरूल इस्लाम साहब के दावत पर, जो मिल्ली गैजेट नाम का अखबार निकालते हैं, उस वक्त में नई दिल्ली से काफी जानकारियां जुटाकर लाया था।'

इस्लामाबाद, जुलाई 11: पाकिस्तान के मशहूर पत्रकार और कॉलमनिस्ट नुशरत मिर्जा ने बहुत बड़ा दावा करते हुए कहा है कि, वो कई दफे भारत आ चुके हैं, जहां वो पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए जानकारियां जुटाने का काम करते थे। इतना ही नहीं, एक पाकिस्तानी यूट्यूब चैनल से बात करते हुए नुशरत मिर्जा ने ये भी दावा किया है, कि जब वो साल 2011 में भारत आए थे, उस वक्त भारत के पूर्व उप-राष्ट्रपति हामिद अंसारी ने भी उनका स्वागत किया था। नुशरत मिर्जा ने जो दावे किए हैं, उसे लेकर आने वाले वक्त में भारत में बवाल मचना तय माना जा रहा है, क्योंकि साल 2011 में भारत में कांग्रेस का शासन था।

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    इंटरव्यू में सनसनीखेज दावे

    इंटरव्यू में सनसनीखेज दावे

    नुसरत मिर्जा पाकिस्तान के काफी बड़े पत्रकार और कॉलमनिस्ट हैं और पाकिस्तान सरकार के साथ साथ पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई में उनकी काफी अंदर तक पहुंच है और उन्होंने दावा किया है कि, वो बराबर भारत आते रहते थे। पाकिस्तान के ही एक और पत्रकार शकील चौधरी के साथ नुसरत मिर्जा ने उनके यूट्यूब चैनल पर भारत और पाकिस्तान के संबंधों को लेकर बात की है, जिसमें उन्होंने सनसनीखेज खुलासे किए हैं। नुसरत मिर्जा ने अपने साल 2011 के भारत दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि, उस वक्त मिल्ली गैजेट नाम के एक अखबार के मालिक फरूल इस्लाम की तरफ से उन्हें भारत आने का न्योता मिला था और इस दौरे के दौरान उन्होंने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए काफी सारी जानकारियां जुटाई थीं।

    कांग्रेस शासन में आते थे भारत

    कांग्रेस शासन में आते थे भारत

    नुशरत मिर्जा ने इंटरव्यू के दौरान दावा करते हुए कहा कि, भारत के हर बड़े शहर में आईएसआई के एजेंट मौजूद हैं और आईएसआई के पास भारत के हर शहर की जानकारी मौजूद है। नुशरत मिर्जा ने कहा कि, कांग्रेस शासन में वो बराबर भारत का दौरा करते रहते थे। उन्होंने अपने 2011 के दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि, उस वक्त भारत में हामिद मीर उप-राष्ट्रपति थे और उस दौरान दिल्ली में एक बड़े कार्यक्रम का आयोजन किया गया था, जिसमें उन्हें आमंत्रित किया गया था। इसके आगे बोलते हुए नुशरत मिर्जा ने कहा कि, 'हम चूंकी मुगल हैं और हमने चूंकी वहां पर हुक्मरानी की है, इसीलिए वहां के हालात के बारे में हम जानते हैं और इंडिया के कल्चर को हम समझते हैं। हम उनकी कमजोरियों को जानते हैं, लेकिन, समस्या ये है, कि हमने भारत में जो तजुर्बा हासिल किया है, हमारे पास जो इतिहास का अनुभव है, उसका कोई फायदा उठाने वाला नहीं हैं।'

    आईएसआई को दी जानकारियां

    नुशरत मिर्जा ने आगे के इंटरव्यू में कहा कि, 'मैं जब 2011 में दिल्ली गया था, जफरूल इस्लाम साहब के दावत पर, जो मिल्ली गैजेट नाम का अखबार निकालते हैं, उस वक्त में नई दिल्ली से काफी जानकारियां जुटाकर लाया था।' उन्होंने कहा कि, 'दिक्कत ये है, कि पाकिस्तान में जो आईएसआई है, उसका जब नया मुखिया बनता है, तो वो पुराने कार्यक्रम को बंद कर नये कार्यक्रम को शुरू कर देता है और अपने नये कार्यक्रम चलाना शुरू कर देता है, इसीलिए फायदा नहीं मिलता।' नुशरत मिर्जा ने आगे कहा कि, 'जब मैं उस वक्त भारत से जानकारियां लेकर आया, तो आईएसआई के रिटायर्ड होने वाले प्रमुख ने मुझसे कहा था, कि जो भी जानकारियां आपने जुटाई हैं, वो आप आईएसआई के नये चीफ जनरल कियानी को दे दीजिए।' आगे बात करते हुए नुशरत मिर्जा ने कहा कि, 'लेकिन, मैंने सीधे कियानी को वो जानकारियां देने से मना कर दिया था और उनसे कहा था, कि आप वो सारी जानकारियां खुद कियानी को दे दें।' आपको बता दें कि, साल 2011 में भारत में कांग्रेस की सरकार हुआ करती थी और कांग्रेस की सरकार के दौरान भारत में कई बम धमाके हुए थे, जिसके आरोप पाकिस्तानी एजेंसी आईएसआई पर लगे।

    क्या भारत अब लेगा एक्शन?

    नुशरत मिर्जा ने अपने इस इंटरव्यू में आगे बताया है कि, पाकिस्तान आर्मी के एक ब्रिगेडियर ने एक बार उन्हें फोन करके कहा था, कि आप भारत से जो जानकारियां लाते हैं, अगर वैसी ही और जानकारियां मिल जाएं, तो काफी फायदा होगा। यानि, काफी आसानी से समझा जा सकता है, कि पाकिस्तानी पत्रकार भारत में मौजूद अपने दोस्तों का फायदा उठाकर पाकिस्तान तक जानकारी पहुंचाते रहे हैं, जिनका इस्तेमाल आईएसआई ने भारत के खिलाफ इस्तेमाल करने के लिए किया होगा। ऐसे में सवाल ये उठता है, कि आखिर उस दौरान भारत की इंटेलिजेंस एजेंसियों ने आईएसआई के इन सपोलों को क्यों नहीं पकड़ा?

    अब नहीं गल रही है आईएसआई की दाल

    अब नहीं गल रही है आईएसआई की दाल

    अपने इंटरव्यू में नुशरत मिर्जा ने आगे कहा कि, भारत से अब ऐसी जानकारियां निकालना काफी मुश्किल हो चुका है। उन्होंने कहा कि, लेकिन हमारे पास जो पुरानी जानकारियां हैं, हम उनका फायदा अभी भी उठा सकते हैं। नुशरत मिर्जा ने आगे कहा कि, अब पाकिस्तान रणनीतिक मामलों में काफी पीछे हो गया है और चीन ने भी पाकिस्तान को किनारे कर दिया है, वहीं कई और बड़े देश लगातार पाकिस्तान को किनारे करते जा रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने इस बात की भी आशंका जताई है, कि कहीं भारत को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की सदस्यता ना मिल जाए। उन्होंने कहा कि, अगर भारत यूएनएससी का स्थायी सदस्य बन जाता है, तो फिर आप दुनिया की नजरों में और गिर जाएंगे। इसके साथ ही नुशरत मिर्जा ने अपने इंटरव्यू में कहा कि, अमेरिका काफी पहले पाकिस्तान से परेशान हो चुका था और अब चीन भी पाकिस्तान से बोर हो चुका है।

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