पाकिस्तान पर पसीजा रूस का दिल, कंगाल मुल्क को अगले महीने से करेगा तेल की सप्लाई
भारत की तरह ही पाकिस्तान, रूस से तेल आयात पर छूट हासिल करने में सफल हो गया है। पाकिस्तान के पेट्रोलियम राज्य मंत्री मुसादिक मलिक ने एक कार्यक्रम में इस बात का खुलासा किया है।

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बर्बादी के मुहाने पर खड़े पाकिस्तान के लिए एक अच्छी खबर आई है। पड़ोसी देश भारत की ही तरह पाकिस्तान भी अब रूस से सस्ता तेल हासिल करने में सफल होता दिख रहा है। पाकिस्तान के पेट्रोलियम राज्य मंत्री मुसादिक मलिक ने खुद ये दावा किया है। जियो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक राज्य मंत्री मलिक ने ये कहा है कि रूस से सस्ते तेल की पहली खेप अगले महीने तक पाकिस्तान पहुंच जाएगी। जियो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार एक निजी समाचार चैनल के साथ एक साक्षात्कार के दौरान राज्य मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान और रूस कई मामलों पर सहमत हुए हैं।
बाकी देशों जितनी मिलेगी छूट
राज्य मंत्री ने कहा कि दोनों देशों ने सौदे को अंतिम रूप दे दिया है। रूस से पहली खेप एक कार्गो के माध्यम से अगले 26-27 दिनों में पहुंच जाएगी। इसके साथ ही मुसादिक मलिक ने पाकिस्तान की जनता को भरोसा दिलाया है कि सरकार, उपभोक्ताओं को सस्ते तेल का लाभ देगी। बता दें कि पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल की कीमत 300 रुपये प्रति लीटर को छूने वाली है। राज्य मंत्री मुसादिक मलिक यह भी दावा किया है कि रूस ने उन्हें उतनी ही छूट देने का वादा किया है, जितनी वे पाकिस्तान के दूसरे पड़ोसी देशों को दे रहे हैं।
अमीर-गरीब के लिए अलग टैरिफ
आपको बता दें कि पाकिस्तान में इस समय गैस के लिए अमीरों और गरीबों को अलग-अलग कीमतें चुकानी पड़ रही है। मलिक ने ये भी कहा कि सरकार गरीब और अमीर वर्ग के लिए तेल की तरह बिजली और गैस दरों के भी अलग-अलग शुल्क तय करेगी। उन्होंने आगे कहा कि इस टैरिफ की घोषणा के बाद समाज के गरीब वर्ग को राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि शहबाज शरीफ सरकार गरीबों के लिए काम करती है। हम जो टैक्स अमीरों पर लगाते हैं उसे गरीबों पर नहीं लगाया जा सकता।
लंबे समय से हो रहे प्रयास
आपको बता दें कि दोनों देशों के बीच यह सौदा कई महीनों से चल रहा है। इससे पाकिस्तान की कुछ राजकोषीय परेशानियां कम हो सकती हैं। पिछले महीने द न्यूज ने सूत्रों के हवाले से एक रिपोर्ट लिखी थी जिसके मुताबिक पाकिस्तान, रूस से 50 डॉलर प्रति बैरल की दर से कच्चा तेल खरीदना चाहता है। आपको बता दें कि पाकिस्तान और रूस के बीच तेल के व्यापार को लेकर पिछले साल से बातचीत चल रही है जो पाकिस्तान की राजनीति में एक विवादास्पद मुद्दा बना हुआ था। पाकिस्तान ने 2022 में भी रूस से सस्ता तेल खरीदने की कोशिश की थी लेकिन तभी पाकिस्तान में सरकार बदल गई और सब कुछ ठंडे बस्ते में चला गया।
इमरान खान ने भी किया था प्रयास
इसके बाद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने सरकार पर आरोप लगाते हुए ये दावा किया कि उनकी सरकार भारत की ही तरह स्वतंत्र विदेश नीति का पालन करते हुए रूस से तेल खरीदना चाहती थी लेकिन अमेरिका के दबाव में उन्हें पद से हटा दिया गया है। इससे पहले अक्टूबर 2022 में वित्त मंत्री इशाक डार ने कहा था कि कि पाकिस्तान रूस से कच्चा तेल खरीदने पर विचार कर रहा है। इसके बाद पेट्रोलियम मंत्री मुसादिक मलिक कच्चे तेल और गैस आपूर्ति के मसले पर बातचीत के लिए मास्को गए थे। इसके बाद जनवरी में एक रूसी प्रतिनिधिमंडल समझौते को अंतिम रूप देने के लिए वार्ता के लिए इस्लामाबाद पहुंचा था।












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