UNHRC: भारत ने पाक को सुनाई खरी-खरी, ईसाईयों से गंदगी की सफाई कराने का मुद्दा उठाया
भारत ने कहा कि पाकिस्तान में ईसाई समुदाय के साथ बेहद बुरा व्यवहार किया जाता है। भारत ने आरोप लगाया कि ईसाईयों को अक्सर सख्त ईशनिंदा कानूनों के जरिए टार्गेट किया जाता है।

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संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) में पाकिस्तान की विदेश राज्य मंत्री हिना रब्बानी खार की ओर से दिए गए बयान पर भारत ने पलटवार किया है। भारतीय राजनयिक सीमा पुजानी ने पाकिस्तान को आतंकवाद के मुद्दे पर आड़े हाथ लिया और उसे आईना दिखाने का काम किया है। भारत ने 'जवाब के अधिकार' (Right to reply) का इस्तेमाल करते हुए कहा कि पाकिस्तान के प्रतिनिधि ने एक बार फिर से भारत के खिलाफ दुर्भावनापूर्ण दुष्प्रचार के लिए इस मंच का दुरुपयोग करना चुना है।
सीमा पुजानी ने कहा कि आज पाकिस्तान में कोई भी धार्मिक अल्पसंख्यक स्वतंत्र रूप से नहीं रह सकता है या अपने धर्म का पालन नहीं कर सकता है। दुनिया भर में हजारों नागरिकों की मौत के लिए पाकिस्तान की नीतियां सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं। भारत ने पड़ोसी देश के बारे में UNHRC कहा कि, "पाकिस्तान के खुद के जांच आयोग को पिछले एक दशक में 'जबरन गायब' किए जाने की 8,463 शिकायतें मिली हैं। बलूचिस्तान के बलूच लोगों ने इस क्रूर नीति का खामियाजा भुगता है। छात्रों, डॉक्टरों, इंजीनियरों, शिक्षकों और सामुदायिक नेताओं को राज्य द्वारा नियमित रूप से गायब कर दिया जाता है।"
भारत ने आगे कहा कि ईसाई समुदाय के साथ भी उतना ही बुरा व्यवहार किया जाता है। ईसाईयों को अक्सर सख्त ईशनिंदा कानूनों के जरिए टार्गेट किया जाता है। UNHRC में भारत ने कहा कि पाकिस्तान में सफाई कार्य जिसे आमतौर पर घृणित माना जाता है, ईसाईयों के लिए आधिकारिक तौर पर आरक्षित हैं। भारत ने आगे कहा कि राज्य की हिंसा और उदासीन न्यायपालिका के कारण अन्य समुदायों की कम उम्र की लड़कियों को इस्लाम में परिवर्तित किया जाता है। हिंदू और सिख समुदायों को अपने पूजा स्थलों पर लगातार हमले और उनकी कम उम्र की लड़कियों को जबरन धर्मांतरण जैसे मुद्दों का सामना करना पड़ता है।
कश्मीर को लेकर भी भारत ने पाक को कड़ा जवाब दिया। सीमा पुजानी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेशों के पूरे क्षेत्र भारत का हिस्सा थे, हैं और हमेशा रहेंगे। पाकिस्तान पोषित आतंकवाद को बेनकाब करते हुए भारतीय राजनायिक पुजानी ने कहा, "पाकिस्तान ने हमेशा ही आतंकियों को संरक्षण दिया है। आतंकी हाफिज सईद और आतंकी मसूद अजहर का वर्षों से पालन-पोषण किया जा रहा है। आतंकी ओसामा बिन लादेन तो पाकिस्तानी आर्मी की डिफेंस कॉलोनी के बगल में रहता था।"












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