अफगानिस्तान के मुद्दे पर आयोजित सम्मेलन में शामिल नहीं होगा पाकिस्तान, भारत कर रहा है मेजबानी
इस्लामाबाद, 02 नवंबर: इस महीने अफगानिस्तान की स्थिति पर दिल्ली में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों (एनएसए) की बैठक होनी है। इसकी मेजबानी भारत करेगा। इस बैठक में शामिल होने के लिए चीन, रूस और पाकिस्तान समेत कई देशों को भी न्योता दिया गया है। नई दिल्ली में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) स्तरीय सम्मेलन में पाकिस्तान ने भाग लेने से मना कर दिया है। पाकिस्तान की ओर से इसकी पुष्टि की गई है।

द एक्सप्रेस ट्रिब्यून के मुताबिक, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मोईद यूसुफ ने मंगलवार को कहा कि वह 10 नवंबर को नई दिल्ली द्वारा आयोजित अफगानिस्तान पर एक सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत की यात्रा नहीं करेंगे। भारत ने क्षेत्रीय सम्मेलन में भाग लेने के लिए मोईद को निमंत्रण दिया था। रूस, चीन, उज्बेकिस्तान और ताजिकिस्तान, ईरान भारतीय राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार द्वारा आयोजित बैठक में शामिल होंगे।
हाल ही में समाप्त हुए मास्को फार्मेट मीट में भारत ने हिस्सा लिया था। हालांकि, भारत व पाकिस्तान के प्रतिनिधियों ने अलग से कोई वार्ता नहीं की थी। जबकि सितंबर में पाकिस्तान और अक्टूबर में ईरान द्वारा आयोजित सम्मेलन में भारत को आमंत्रित नहीं किया गया था। नई दिल्ली की ये बैठक मास्को प्रारूप का हिस्सा है। माना जा रहा है कि, इसमें अफगानिस्तान में मानवीय संकट के मसलों पर बातचीत होगी। साथ ही सुरक्षा मुद्दों पर भी चर्चा की जाएगी।
सूत्रों ने बताया कि जिन देशों के एनएसए को आमंत्रित किया गया है, उन्हें पहले ही भारत से इनविटेशन मिल चुका है। हालांकि, इस कॉन्फ्रेंस में तालिबान को न्योता नहीं दिया गया है। रूस ने भी 20 अक्टूबर को मॉस्को में इसी तरह का सम्मेलन रखा है। इसमें भारत के साथ-साथ उसने तालिबान को भी बुलाया था। इस साल मई में भी भारत ने अफगानिस्तान पर कॉन्फ्रेंस का प्रस्ताव किया था। तब भी यूसुफ को न्योता दिया गया था। हालांकि, दिल्ली में कोरोना की दूसरी लहर के कारण यह बैठक नहीं हो पाई थी।












Click it and Unblock the Notifications