प्रधानमंत्री मोदी को मिला US में राजकीय सम्मान, तो जल-भुन गया पाकिस्तान, हिना रब्बानी का आया बयान
Pakistan Reaction PM Modi US Visit: भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अमेरिका की राजकीय यात्रा को लेकर पाकिस्तान परेशान है और पाकिस्तान के अलग अलग नेताओं की तरफ से अलग अलग बयान सामने आ रहे हैं। कुछ पाकिस्तानी नेताओं ने अमेरिका और भारत के मजबूत हुए रिश्ते को पाकिस्तान के लिए खतरा भी बताया है।
वहीं, पाकिस्तान की विदेश राज्य मंत्री हिना रब्बानी की तरफ से प्रधानमंत्री मोदी के अमेरिका दौरे को लेकर प्रतिक्रिया सामने आई है। भारतीय प्रधानमंत्री की अमेरिका यात्रा पर टिप्पणी करते हुए, पाकिस्तान की विदेश राज्य मंत्री हिना रब्बानी खार ने कहा, कि पाकिस्तान हमेशा संप्रभु देशों के बीच के द्विपक्षीय संबंधों को सकारात्मक रूप से देखेगा और उन्हें नकारात्मक दृष्टि से नहीं देखेगा।

हिना रब्बानी खार की प्रतिक्रिया
वॉयस ऑफ अमेरिका (वीओए) के साथ एक साक्षात्कार में हिना रब्बानी खार ने कहा, कि "किसी भी चीज को नकारात्मक रूप से देखने की कोई जरूरत नहीं है।" हालांकि, उन्होंने ये भी कहा, कि पाकिस्तान के पास एक 'लड़ाकू' पड़ोसी है, जिसने 2019 में पाकिस्तान में जेट भेजकर सैन्य दुस्साहस किया था और उन्होंने इस कदम को "अभूतपूर्व" और "अकल्पनीय" बताया।
राज्य मंत्री हिना रब्बानी ने कहा, कि दुनिया को इस कारक पर गौर करना चाहिए और तय करना चाहिए, कि क्या क्षेत्रीय सुरक्षा में भूमिका के लिए प्रचारित किए जा रहे लोग इसके लायक हैं।
उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा, कि "दुनिया को यह देखना होगा कि क्या उनके (भारत) कारण संघर्ष समाधान के बजाय संघर्ष संरक्षण था, तो यह क्षेत्र के लिए अच्छा संकेत नहीं है। हमें उम्मीद है, कि क्षेत्र और पाकिस्तान के लिए कुछ भी गलत नहीं होगा।"
आपको बता दें, कि भारतीय प्रधानमंत्री इस समय आधिकारिक राजकीय यात्रा की पूर्ण राजनयिक स्थिति के साथ अपनी पहली यात्रा के लिए अमेरिका में हैं। यह यात्रा वाशिंगटन और नई दिल्ली के बीच के मजबूत संबंधों का विस्तार कर रही है, जिसको लेकर पाकिस्तान परेशान है और भारत के पड़ोसी देश में काफी हलचल हो रही है। अमेरिका और भारत के 'गठबंधन' को पाकिस्तान अपने लिए खतरा बता रहा है।
हालांकि,पीएम मोदी की इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच टेक्नोलॉजी, डिफेंस सेक्टर और अमेरिकन टेक्नोलॉजी को लेकर कई समझौते होने की उम्मीद है। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है, कि अमेरिका इस बार भारत को वो टेक्नोलॉजी देने वाला है, जो शायद ही वॉशिंगटन कभी किसी गैर-सहयोगी के साथ साझा करता हो।
जियो न्यूज के मुताबिक, भारतीय प्रधानमंत्री मोदी की अमेरिका यात्रा, पाकिस्तान के लिए तनाव बढ़ाने वाला है। पिछले कुछ वर्षों में, भारत के साथ वाशिंगटन का सहयोग बढ़ा है, जबकि पाकिस्तान चीन के करीब आ गया है, खासकर चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) में भारी निवेश के बाद, जिसको लेकर अमेरिका कई बार अपनी नाराजगी पाकिस्तान को दिखा चुका है।
पाकिस्तान को लग रहा डर
वहीं, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भी पीएम मोदी की अमेरिका यात्रा को लेकर जो बयान दिया है, उसमें पाकिस्तान का डर दिख रहा है। उन्होंने डॉन से बात करते हुए कहा, कि 'भारत और अमेरिका अपने संबंध बेहतर कर रहे हैं, इससे पाकिस्तान को कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन इससे पाकिस्तान पर असर ना पड़ना चाहिए।'
वहीं, पाकिस्तान के पूर्व डिप्लोमेट अब्दुल बासित ने भारत और अमेरिका के बीच होने वाले रक्षा समझौतों को लेकर कहा, कि इस डिफेंस डील के बाद दक्षिण एशिया में अस्थिरता बढ़ेगी और देशों के बीच हथियार जुटाने की होड़ बढ़ेगी। वहीं, कई पाकिस्तानी विश्लेषकों का मानना है, कि प्रधानमंत्री मोदी की अमेरिका यात्रा का इस्तेमाल प्रधानमंत्री मोदी भारत में अगले साल होने वाले चुनाव में कर सकते हैं और इससे उन्हें फायदा मिल सकता है।












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