नीलाम हो रहा है Pakistan! 135 अरब में बिकी एयरलाइन, अब इन 3 राष्ट्रीय संपत्ति को बेचने जा रही है शहबाज सरकार
Pakistan privatization list 2025: पाकिस्तान में कंगाली के बीच संपत्तियों की नीलामी की प्रक्रिया तेज हो गई है। 24 दिसंबर 2025 की सबसे बड़ी खबर यह है कि पाकिस्तान की राष्ट्रीय एयरलाइन (PIA) को आरिफ हबीब कंसोर्टियम ने 135 अरब पाकिस्तानी रुपये में खरीद लिया है। यह सौदा सरकार की उम्मीद से कहीं ज्यादा रहा, जिससे शहबाज शरीफ प्रशासन उत्साहित है।
आर्थिक तंगी से जूझ रही सरकार अब रुकने वाली नहीं है; निजीकरण सलाहकार मुहम्मद अली ने स्पष्ट कर दिया है कि अगला निशाना तीन प्रमुख हवाई अड्डे और ऊर्जा क्षेत्र है। घाटे में चल रही संस्थाओं को बेचकर सरकार अपना वित्तीय बोझ कम करना चाहती है।

135 अरब रुपये की बोली ने चौंकाया
PIA की नीलामी पाकिस्तान के आर्थिक इतिहास का एक महत्वपूर्ण मोड़ है। आरिफ हबीब ग्रुप, जो फर्टिलाइजर, सीमेंट और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सक्रिय चार कंपनियों का समूह है, अब इस एयरलाइन का नया मालिक है। सरकार को 120 अरब रुपये की उम्मीद थी, लेकिन 135 अरब रुपये की बोली ने सबको चौंका दिया। इस सौदे के तहत 125 अरब रुपये सीधे एयरलाइन के विकास में लगाए जाएंगे, जिससे फिलहाल संचालित 18 विमानों के बेड़े को आधुनिक बनाने में मदद मिलेगी।
Pakistan News hindi: तीन प्रमुख एयरपोर्ट्स की नीलामी
हवाई सफर को और बेहतर बनाने और पारदर्शिता लाने के नाम पर शहबाज सरकार ने देश के तीन सबसे बड़े हवाई अड्डों लाहौर, इस्लामाबाद और कराची को निजी हाथों में सौंपने का फैसला किया है। इसके लिए 'ओपन ऑक्शन' (खुली नीलामी) की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। सरकार का मानना है कि इन हवाई अड्डों के निजीकरण से न केवल सेवाओं में सुधार होगा, बल्कि सरकार को प्रबंधन के भारी-भरकम खर्च से भी मुक्ति मिलेगी। यह कदम विदेशी निवेश आकर्षित करने की रणनीति का हिस्सा है।
बिजली वितरण कंपनियों को बेचने की तैयारी
निजीकरण सलाहकार मुहम्मद अली के अनुसार, जब तक ऊर्जा क्षेत्र (Energy Sector) का निजीकरण नहीं होगा, तब तक पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था में स्थायी सुधार संभव नहीं है। सरकार घाटे में चल रही बिजली वितरण कंपनियों (DISCOs) को बेचने की तैयारी कर रही है। सरकार का तर्क है कि निजीकरण के बाद ये संस्थान बंद होने के बजाय टैक्स देंगे, जिससे सरकार की कमाई बढ़ेगी। वर्तमान में बिजली चोरी और सर्कुलर डेट पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था की सबसे बड़ी कमजोरी बने हुए हैं।
2026 तक आर्थिक सुधार का लक्ष्य
शहबाज सरकार का दावा है कि निजीकरण का असली असर 2026 में दिखाई देगा। वर्तमान में सरकार को इन संस्थानों को चलाने के लिए भारी सब्सिडी देनी पड़ती है, जिससे राजकोषीय घाटा बढ़ता है। नीलामी के बाद, इन संस्थानों का संचालन निजी कंपनियां करेंगी और सरकार को केवल राजस्व (Tax) प्राप्त होगा। हालांकि, पेरिस और न्यूयॉर्क (रूजवेल्ट) स्थित होटलों को इस बार की नीलामी प्रक्रिया से बाहर रखा गया है, जिन्हें भविष्य के लिए सुरक्षित रखा गया है।












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