जम्मू कश्मीर पर पाक संसद का संयुक्त सत्र, इमरान खान की गैर मौजूदगी पर विपक्ष का हंगामा
जम्मू कश्मीर पर पाक संसद का संयुक्त सत्र, इमरान खान की गैर मौजूदगी पर विपक्ष का हंगामा
नई दिल्ली। पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने मंगलवार को पाक की संसद के दोनों सदनों का संयुक्त सत्र बुलाया है। भारत सरकार के जम्मू कश्मीर के विशेष राज्य का दर्जा खत्म कर, केंद्र शासित प्रदेश बनाने के बाद पाक के रुख पर चर्चा के लिए ये सेशन बुलाया गया है। मंगलवार सुबह सत्र शुरू होने के बाद ही लगातार हंगामा हो रहा है। सदन में पीएम इमरान खान मौजूद नहीं होने को लेकर विपक्ष के मेंबर हंगामा कर रहे हैं।

पीएमएलएन, पीपीपी और दूसरे विपक्ष के सदस्यों ने सदन के भीतर हंगामा किया जिसके चलते बार-बार कार्यवाही में बाधा पड़ी। लगातार हंगामे करे बाद नेशनल असेंबली स्पीकर असद कैसर ने 20 मिनट के लिए कार्यवाही भंग की है। विपक्षी सदस्यों का कहना है कि भारत के फैसले पर पाक का रुख खुद इमरान खान संसद में रखें।
पाक मीडिया के मुताबिक, संसद का संयुक्त सत्र एलओसी पर तनावपूर्ण स्थिति और भारत सरकार के जम्मू कश्मीर को दो राज्यों में बांटने और आर्टिकल 370 खत्म करने पर चर्चा के लिए बुलाया गया है। पाक विदेश मंत्रालय ने जम्मू कश्मीर को अंतरराष्ट्रीय विवाद बताते हुए भारत के कदम को गलत कहा है। पाक की ओर से कहा गया है कि भारत सरकार की ओर से उठाये गये किसी भी एकतरफा कदम से इस क्षेत्र का दर्जा नहीं बदल सकता क्योंकि ये यूएनएससी के प्रस्तावों में निहित है।
बता दें, जम्मू कश्मीर पुनर्गठन विधेयक सोमवार को राज्यसभा से पास हो चुका है। मंगलवार को इसे लोकसभा में पेश किया गया है। बिल में जम्मू कश्मीर से लद्दाख को अलग करने और दो अलग केंद्र शासित राज्य बनाने का प्रावधान है। इस बिल को लेकर भारत में भी दो तरह की राय है। एक बड़ा तबका इसे बेहतर कदम बता रहा है तो जम्मू कश्मीर (खासतौर से घाटी में प्रभाव रखने वाले) के नेता और देश की कई राजनीतिक पार्टियां भारी विरोध कर रहे हैं। जम्मू कश्मीर के चार पूर्व सीएम, कई मौजूदा सांसद और ज्यादातर मेनस्ट्रीम पार्टियां इस बिल को विनाशकारी कह रही हैं। बीते दो दिन से राज्य के ज्यादातर बड़े नेता या तो पुलिस हिरासत में हैं या फिर उनको नजरबंद किया गया है।












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