ऑपरेशन थियेटर बंद, ICU में हड़कंप, जहां-तहां ट्रेनें रूकीं... बिजली कटने से पाकिस्तान में हड़कंप
पाकिस्तान में पिछले साल अक्टूबर में भी 12 घंटों के लिए बिजली संकट पैदा हो गई थी, जिसको लेकर अब लोगों में भारी गुस्सा है। बिजली के बिल पहले भी काफी ज्यादा बढ़ाए जा चुके हैं।

Pakistan Power Outage: पाकिस्तान में बिजली सप्लाई ठप पड़ने से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है और पूरे पाकिस्तान में हाहाकार मचा हुआ है। करीब 22 करोड़ लोग बिजली संकट से गंभीर तौर पर जूझ रहे हैं और पाकिस्तान से जो रिपोर्ट आ रही हैं, उनसे पता चल रहा है, कि देश में हड़कंप मचा हुआ है। बिजली से चलने वालीं हजारों ट्रेने कहीं के कहीं फंस गई हैं, तो अपार्टमेंट्स में बिजली की सप्लाई बाधित होने से पानी की सप्लाई भी नहीं हो रही है।

बड़े संकट में फंसा है पाकिस्तान
पहले से ही राजनीतिक और आर्थिक संकट से जूझ रहा, नकदी की तंगी से जूझ रहा पाकिस्तान सोमवार को ट्रांसमिशन लाइनों में आई खराबी के कारण भीषण बिजली संकट में फंसा हुआ है और दर्जनों शहरों में आज सुबह से ही बिजली की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। पाकिस्तान के प्रमुख शहर, जिनमें कराची, लाहौर, इस्लामाबाद और क्वेटा भी शामिल हैं, वो सुबह से बिना बिजली के हैं और बिजली संकट से करीब 22 करोड़ लोगों की आबादी पर गंभीर असर पड़ा है। पिछले चार महीने के भीतर पड़ोसी देश में यह दूसरा बड़ा बिजली आउटेज है, जबकि, पाकिस्तान पहले से ही ऊर्जा संकट और उच्च बिजली बिलों से परेशान है।

पाकिस्तान में बिजली संकट की वजह
पाकिस्तान के ऊर्जा मंत्रालय ने एक बयान में कहा है, कि राष्ट्रीय ग्रिड की फ्रीक्वेंसी सुबह 7:34 बजे (स्थानीय समयानुसार) कम हो गई और उसके बाद बिजली व्यवस्था में "व्यापक खराबी" आ गई। मंत्रालय ने बाद में कहा, कि ग्रिड स्टेशनों की बहाली वारसाक से शुरू की गई थी और इस्लामाबाद सप्लाई कंपनी और पेशावर सप्लाई कंपनी की "सीमित संख्या में ग्रिड" को बहाल किया गया था। पाकिस्ताने के ऊर्जा मंत्री खुर्रम दस्तगीर ने कहा, फिलहाल पाकिस्तान में रात के वक्त बिजली की सप्लाई बंद कर दी जाती है और आज सुबह जब बिजली का सिस्टम चालू किया गया, तो बिजली प्रोडक्शन यूनिट्स में अचानक वोल्टेज में उतार-चढ़ाव देखा गया और उसके बाद एक के बाद एक ग्रिड फेल होते चले गये।
'अंधकार और निराशा'
पाकिस्तान के पूर्व सांसद बुशरा गोहर ने कहा, कि पख्तूनख्वा के कई इलाकों में कई दिनों से अघोषित बिजली कटौती के बाद से पूरे पाकिस्तान में अंधेरा और निराशा फैल गई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा है, कि "अंधेरा और निराशा पाकिस्तान में फैल गई है, पख्तूनख्वा के कई इलाकों में अघोषित बिजली कटौती और खराब व्यवस्था से कोई इंटरनेट कनेक्शन नहीं है।" इसके साथ ही उन्होंने पाकिस्तान को परमाणु हथियारों वाला एक असुरक्षित देश करार दिया है। वहीं, पाकिस्तान सरकार के ऊर्जा मंत्रालय का कहना है, कि अभी तक साफ नहीं है, कि ऊर्जा संकट कब तक बना रहेगा और देश में बिजली कब तक बहाल की जाएगी, लेकिन पाकिस्तान के दक्षिण-पश्चिम बलूचिस्तान प्रांत के क्वेटा शहर में, बिजली कटौती ने अस्पतालों, बाजारों के साथ साथ लोगों के दैनिक जीवन के सभी पहलुओं को बुरी तरह से प्रभावित किया है।

पूरे देश में जनजीवन अस्तव्यस्त
पाकिस्तान के सबसे बड़े शहर कराची में रहने वाले 54 वर्षीय मुहम्मद परवेज ने कहा,कि उनके बीमार पिता डॉक्टर को दिखाने के लिए एक घंटे से ज्यादा समय से इंतजार कर रहे थे, लेकिन उनका इलाज नहीं हो पा रहा था, क्योंकि बिजली आउटेज ने क्लिनिक में इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम को बंद कर दिया था। अल जजीरा से बात करते हुए उन्होंने कहा, कि "कुछ बड़े अस्पतालों में जनरेटर लगाया गया है, लेकिन छोटे छोटे अस्पतालों में निजी क्लिनिक्स की स्थिति काफी खराब है, क्योंकि सब कुछ मैन्युअल रूप से किया जा रहा है।" वहीं, एक रोगी ने कहा, कि सरकारी अस्पतालों की स्थिति काफी गंभीर हो चुकी है, खासकर आईसीयू में बिजली की आपूर्ति जारी रखने के लिए भीषण संघर्ष किया जा रहा है।

कारखानें हैं बंद
लाहौर स्थित एक कपड़ा कंपनी के प्रबंध निदेशक कामरान अरशद ने कहा, कि सोमवार को बिजली गुल होने के कारण उन्हें अपना कारखाना बंद करना पड़ा। उन्होंने कहा, कि "हम 40 प्रतिशत गैस और 60 प्रतिशत बिजली पर काम करते हैं, लेकिन पहले से ही गैस की कमी है, और आज बिजली आउटेज के साथ, हमारे कारखाने का ऑपरेशन दिन के लिए बंद है।" कामरान अरशद, जो ऑल पाकिस्तान टेक्सटाइल मिल्स एसोसिएशन के एक वरिष्ठ अधिकारी भी हैं, उन्होंने कहा, कि आउटेज के कारण होने वाला नुकसान अरबों का हो सकता है। अलजीजरा के मुताबिक, उन्होंने बताया कि, "एक दिन के लिए भी प्रोडक्शन बंद होने पर हमारा खुद का नुकसान 20 मिलियन पाकिस्तानी रुपये ($ 87,000) से ज्यादा है। और अगर पूरे पाकिस्तान के टेक्सटाइल इंडस्ट्री को इसमें शामिल कर लिया जाए, तो शायद अरबों के नुकसान की संभावना है।"
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ऑपरेशन थियेटर बंद
इस्लामाबाद स्थित सार्वजनिक अस्पताल, पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (पीआईएमएस) के एक अधिकारी ने कहा, कि बिजली गुल होने के कारण अस्पताल को अपने ऑपरेशन थिएटर बंद करने पड़े हैं। हालांकि, पाकिस्तान के सबसे बड़े सार्वजनिक अस्पतालों में से एक, कराची के जिन्ना पोस्टग्रेजुएट मेडिकल सेंटर (जेपीएमसी) के अधिकारियों ने कहा है, कि बिजली आउटेज से काम प्रभावित नहीं होगा, क्योंकि उनके पास बिजली बैकअप है। लेकिन, देश के ज्यादातर सरकारी अस्पतालों का बुरा हाल है। कई जगहों पर अस्पतालों में जेनरेटर उपलब्ध करवाने के लिए लोगों परेशान देखा गया है। पिछले चार महीनों में यह दूसरी बार है जब पाकिस्तान में बिजली गुल हुई है। अक्टूबर में आउटेज 12 घंटे से अधिक समय तक चला और मुख्य रूप से देश के दक्षिणी हिस्सों को प्रभावित किया था।

ऑपरेशन थियेटर बंद
इस्लामाबाद स्थित सार्वजनिक अस्पताल, पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (पीआईएमएस) के एक अधिकारी ने कहा, कि बिजली गुल होने के कारण अस्पताल को अपने ऑपरेशन थिएटर बंद करने पड़े हैं। हालांकि, पाकिस्तान के सबसे बड़े सार्वजनिक अस्पतालों में से एक, कराची के जिन्ना पोस्टग्रेजुएट मेडिकल सेंटर (जेपीएमसी) के अधिकारियों ने कहा है, कि बिजली आउटेज से काम प्रभावित नहीं होगा, क्योंकि उनके पास बिजली बैकअप है। लेकिन, देश के ज्यादातर सरकारी अस्पतालों का बुरा हाल है। कई जगहों पर अस्पतालों में जेनरेटर उपलब्ध करवाने के लिए लोगों परेशान देखा गया है। पिछले चार महीनों में यह दूसरी बार है जब पाकिस्तान में बिजली गुल हुई है। अक्टूबर में आउटेज 12 घंटे से अधिक समय तक चला और मुख्य रूप से देश के दक्षिणी हिस्सों को प्रभावित किया था।












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