अफगानिस्तान तक जल्द बड़ी मदद पहुंचा सकता है भारत, अड़ंगा हटाने पर विचार कर रहा पाकिस्तान
अफगानिस्तान तक मानवीय मदद के तौर पर गेहूं पहुंचाने के लिए पाकिस्तान भारत को अपने क्षेत्र का इस्तेमाल करने दे सकता है।
नई दिल्ली/इस्लामाबाद, नवंबर 13: अफगानिस्तान में मानवीय मदद भेजने को तैयार भारत के रास्ते में पाकिस्तान लगातार अड़ंगा लगाए हुआ था, लेकिन अब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा है कि, वो भारत के मदद को लेकर 'अनुकूल' विचार करेंगे। जिसके बाद संभावना जताई जा रही है कि, भारतीय मदद को लेकर पाकिस्तान ने अब तक जो अड़ंगा लगा रखा था, उसे हटा सकता है।

पाकिस्तान हटा सकता है अड़ंगा
पाकिस्तानी अखबार 'डॉन' ने पाकिस्तानी अखबार इमरान खान के हवाले से लिखा है कि, तालिबान की तरफ से पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से अनुरोध किया गया था कि, वो अफगानिस्तान तक भारतीय सहायता पहुंचने दें, जिसके बाद प्रधानमंत्री कार्याकल की तरफ से 'सकारात्मक' संकेत दिए गये हैं। भारतीय मदद को लेकर तालिबान के कार्यवाहक विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने इमरान खान से मुलाकात की थी, जिसमें इमरान खान ने कहा कि, ''पाकिस्तान तालिबान शासन के अनुरोध पर भारत द्वारा मानवीय उद्देश्यों के लिए "असाधारण आधार" 'अनुकूल' विचार करेगा''।

गेहूं भेजना चाहता है भारत
आपको बता दें कि, पिछले दिनों तालिबान के साथ हुई बैठक में तालिबान ने भारत सरकार से अफगानिस्तान की जनता के लिए मानवीय आधार पर मदद मांगी थी, जिसके बाद भारत सरकार मदद भेजने के लिए तैयार हो गई थी, लेकिन अफगानिस्तान तक मदद पहुंचाने के लिए पाकिस्तान के रास्ते का इस्तेमाल करना होगा, लेकिन पाकिस्तान की तरफ से अभी तक सड़क मार्ग इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं दी गई है। जिसको लेकर तालिबान ने पाकिस्तान सरकार से अपील की थी। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय ने ट्वीट करते हुए कहा कि, "प्रधानमंत्री ने बताया है कि मौजूदा हालात को देखते हुए अफगानिस्तान के भाईयों की मदद के लिए भारतीय गेहूं को अफगानिस्तान तक पहुंचाने के लिए पाकिस्तान मानवीय उद्देश्यों के लिए असाधारण आधार पर विचार करेगा।"

पाकिस्तान का अफगानिस्तान 'कार्ड'
भारत और अफगानिस्तान के बीच की सीमा पर पाकिस्तान का कब्जा है, जिसे हम पीओके कहते हैं। इसके अलावा भारत को अगर सड़क मार्ग से अफगानिस्तान तक मानवीय मदद पहुंचानी है, तो एकमात्र रास्ता पाकिस्तान का बचता है, लिहाजा भारत को मजबूरन पाकिस्तान पर निर्भर होना पड़ता है और पाकिस्तान इसी का फायदा उठाता है। पाकिस्तान के प्रधान मंत्री इमरान खान ने पड़ोसी देश के सामने आने वाली चुनौतियों पर काबू पाने में अफगानिस्तान और अफगान लोगों को इस्लामाबाद के समर्थन की पुष्टि की है। उन्होंने पाकिस्तान और व्यापक क्षेत्र के लिए एक शांतिपूर्ण, स्थिर, संप्रभु, समृद्ध के महत्वपूर्ण महत्व पर भी बल दिया। लेकिन, अफगानिस्तान के लोगों का कहना है कि, ये सब पाकिस्तान को ढोंग है और तालिबान के शासन के लिए पाकिस्तान ही जिम्मेदार है।

पाकिस्तान का ढोंग
अफगानिस्तान के संदर्भ में पाकिस्तान ने हमेशा से अपनी रणनीतिक लोकेशन का फायदा उठाने की कोशिश की है और इसी वजह से अमेरिका को भी पाकिस्तान पर कई बार निर्भर होना पड़ा है। पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में भारतीय शिपमेंट को अपने क्षेत्र से गुजरने की अनुमति नहीं दी है।
अक्टूबर में अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र के विश्व खाद्य कार्यक्रम (डब्ल्यूएफपी) के कंट्री डायरेक्टर मैरी एलेन मैक ग्रोर्टी ने कहा था कि, वो तालिबान नियंत्रित अफगानिस्तान को गेहूं दान के लिए भारत के साथ बातचीत कर रहे हैं। अक्टूबर में भारतीय अधिकारियों के साथ एक बैठक के बाद तालिबान ने कहा था कि, नई दिल्ली ने अफगानों को व्यापक मानवीय सहायता प्रदान करने के लिए सहमति जता दी है।

बिगड़ रही है अफगानिस्तान की स्थिति
अफगानिस्तान में मानवीय स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है और पिछले दिनों अंतर्राष्ट्रीय रिपोर्ट में यहां तक कहा गया है कि, अगर जल्द अफगानिस्तान तक मदद नहीं पहुंचाई गई तो देश की स्थिति 'नरक' जैसी हो सकती है। तालिबान के देश पर नियंत्रण करने के बाद से सुरक्षा की स्थिति और खराब हो गई है। इसके साथ ही संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम (डब्ल्यूएफपी) ने चेतावनी दी है कि अगर अफगानिस्तान में तत्काल कार्रवाई नहीं की गई, तो लाखों अफगान इस सर्दी में भुखमरी का सामना करेंगे। रिपोर्ट में कहा गया है कि, अगले साल मार्च के महीने तक अफगानिस्तान के करीब 2 करोड़ 30 लाख लोग या अफगानिस्तान की करीब 55 प्रतिशत आबादी भीषण भूख का सामना करेगी। लिहाजा, तालिबान की तरफ से भी लगातार अफगानिस्तान की मदद के लिए मानवीय मदद के लिए अपील की जा रही है।












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