पाकिस्तान बनेगा अफगानिस्तान से निकले अमेरिकी सैनिकों का अगला 'ठिकाना'? शेख राशिद अहमद ने दिया जवाब
इस्लामाबाद, अगस्त 31: पाकिस्तान ने अफगानिस्तान से आने वाले अमेरिकी बलों को इस्लामाबाद में लंबे समय तक मौजूद रहने की अनुमति देने की संभावना से भी इनकार कर दिया। पाकिस्तान के गृह मंत्री शेख राशिद अहमद ने मंगलवार को उन खबरों को खारिज कर दिया कि अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिक इस्लामाबाद में दीर्घकालिक अवधि के लिए आने वाले हैं। उन्होंने आगे कहा कि, वे देश में सीमित अवधि तक ही रहेगें।

गृह मंत्री शेख राशिद अहमद ने इस्लामाबाद हवाई अड्डे पर अमेरिकी बलों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर आने के बाद यह प्रतिक्रिया दी है। इन तस्वीरों के सामने आने के बाद पाकिस्तान में अमेरिकी बलों की दीर्घकालिक मौजूदगी की संभावना को लेकर अटकलें लगाई जाने लगीं हैं। समाचार एजेंसी पीटीआई ने पाकिस्तान के डॉन के हवाले से बताया कि अहमद ने स्पष्ट किया कि उनका प्रवास 'सीमित अवधि' के लिए है और पाकिस्तान में अमेरिकी सैनिकों को तीन सप्ताह से एक महीने तक का ट्रांजिट वीजा जारी किया गया है।
इससे पहले जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम के प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान ने दावा किया था कि पाकिस्तान इस्लामाबाद में अमेरिकियों के लिए होटल बुक कर रहा है और कहा कि वह मुशर्रफ-युग में लौट रहा है। इस अटकल को अहमद ने खारिज कर दिया। आंतरिक मंत्री ने यह भी कहा कि पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में शांति प्रक्रिया में एक बड़ी भूमिका निभाई है और वह राष्ट्रीय सुरक्षा और अपनी अंतरराष्ट्रीय अपेक्षाओं के अपने कर्तव्य को पूरा करना जारी रखेगा। "पाकिस्तान के अलावा किसी अन्य देश ने अफगानिस्तान में शांति के लिए बलिदान नहीं दिया है।
अफगानिस्तान में शांति और स्थिरता पाकिस्तान में शांति और स्थिरता से जुड़ी हुई है।" उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें तालिबान से आश्वासन मिला है कि प्रतिबंधित संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) अफगानिस्तान की धरती का इस्तेमाल देश के खिलाफ आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए नहीं करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि 30 से 40 नागरिकों को छोड़कर सभी पाकिस्तानियों को अफगानिस्तान से निकाला गया क्योंकि उनके परिवार वहां रहते हैं।
अहमद ने बताया कि तोरखाम सीमा से करीब 2,192 लोग पाकिस्तान आए हैं जबकि 1,627 लोग विमानों से इस्लामाबाद पहुंचे। इनके अलावा कुछ लोग चमन सीमा से आए, हालांकि ऐसे लोगों की संख्या बहुत कम है। चमन सीमा से कई लोग पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच रोज आना-जाना करते हैं। अहमद ने बताया कि कई अफगान नागरिक चमन सीमा से आए और लौट भी गए और यह सामान्य बात है।












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