लाहौर की हवा हुई खराब, पाकिस्तान ने भारत को ठहराया जिम्मेदार
पाकिस्तान ने लाहौर में बिगड़ते स्मॉग के लिए भारत से आने वाली हवाओं को जिम्मेदार ठहराया है और भारतीय अधिकारियों से इस मुद्दे को सुलझाने का आग्रह किया है। पिछले हफ्ते के आखिर में लाहौर का वायु गुणवत्ता सूचकांक रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया था, जिससे कई लोगों, खासकर बच्चों और बुजुर्गों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं होने लगीं।
पाकिस्तानी पंजाब के पर्यावरण संरक्षण विभाग ने बताया कि पीएम 2.5 का स्तर 450 के करीब पहुंच गया, जिसे खतरनाक माना जाता है।

'सीमा पार से आने वाली हवाओं का प्रभाव'
पाकिस्तानी पंजाब की सूचना मंत्री आजमा बोखारी ने आरोप लगाया कि भारत से आने वाली हवाएं लाहौर की वायु गुणवत्ता को खराब कर रही हैं। उन्होंने पंजाब से इस मामले को गंभीरता से लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, 'आज स्मॉग के स्तर में दिल्ली पहले स्थान पर है, जबकि लाहौर दूसरे स्थान पर है। दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक 393 के आसपास है, जबकि लाहौर का 280 के करीब है।'
पंजाब की वरिष्ठ मंत्री मरियम औरंगजेब ने भारत के साथ सीमा पार प्रदूषण पर चर्चा करने के लिए पाकिस्तान के विदेश कार्यालय को शामिल करने की योजना का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अमृतसर और चंडीगढ़ से आने वाली पूर्वी हवाओं ने हाल ही में लाहौर के वायु गुणवत्ता सूचकांक को 1,000 से ऊपर पहुंचा दिया। हवा का यह पैटर्न कम से कम एक और सप्ताह तक जारी रहने की उम्मीद है।
पंजाब सरकार ने बढ़ते स्मॉग के कारण लाहौर में प्राथमिक स्कूलों को एक सप्ताह के लिए बंद कर दिया है। विशेष रूप से सक्षम बच्चों के स्कूलों को एहतियात के तौर पर पहले ही तीन महीने के लिए बंद कर दिया गया है।
औरंगजेब ने निवासियों को सलाह दी कि जब तक आवश्यक न हो, वे घर के अंदर ही रहें तथा इस बात पर जोर दिया कि खराब वायु गुणवत्ता के इस दौर में बच्चों और बुजुर्गों को विशेष रूप से सतर्क रहना चाहिए।
16वीं और 19वीं शताब्दी के बीच मुगल काल के दौरान लाहौर को बागों के शहर के रूप में जाना जाता था। हालांकि, हाल के वर्षों में तेजी से बढ़ते शहरीकरण और जनसंख्या वृद्धि ने हरियाली वाले स्थानों को काफी हद तक कम कर दिया है।












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