Pakistan: सिंधु जल संधि खत्म होने से बिलबिलाया पाकिस्तान, गृहमंत्री मोहसिन नकवी ने दी युद्ध की गीदड़भभकी
Pakistan News: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए भीषण आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के प्रति अपना रुख सख्त कर लिया है। इस आतंकी घटना में 28 निर्दोष नागरिकों की जान गई थी और 17 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। हमले की क्रूरता ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया।
इस आतंकी हमले के बाद भारत ने कड़े कदम उठाते हुए सिंधु जल संधि को रोकने समेत कई कड़े कदम उठाए हैं। भारत के इस निर्णय से पाकिस्तान की बौखलाहट साफ़ झलकने लगी है। पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नक़वी ने बयान जारी कर कहा है कि भारत इस ऐतिहासिक संधि को एकतरफा खत्म नहीं कर सकता, क्योंकि इसकी निगरानी की जिम्मेदारी विश्व बैंक के पास है।

आजतक की खबर के मुताबिक, नक़वी ने विवादित टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर भारत ने इस दिशा में कोई कदम उठाया तो पाकिस्तान युद्ध के लिए तैयार है। पाकिस्तान की पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ने भी इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया दी। बिलावल ने कहा था कि मैं सिंधु दरिया के पास खड़े होकर साफ कहना चाहता हूं कि सिंधु नदी हमारी थी, है और हमारी ही रहेगी।
इतना ही नहीं, उन्होंने सिंधु नदी को पाकिस्तान की धरोहर बताते हुए कहा, 'या तो इस नदी से हमारा पानी बहेगा या फिर उसका खून, जो हमारी हिस्सेदारी छीनना चाहता है।' भुट्टो ने कहा कि पाकिस्तान की अवाम बहादुर है और किसी भी साजिश का डटकर मुकाबला करेगी।
गौरतलब है कि भारत और पाकिस्तान के बीच 1960 में विश्व बैंक की मध्यस्थता में सिंधु जल संधि पर हस्ताक्षर हुए थे, जिसमें छह नदियों के जल बंटवारे का स्पष्ट प्रावधान है। इस संधि के तहत भारत को तीन पूर्वी नदियों (रावी, ब्यास, सतलज) का और पाकिस्तान को तीन पश्चिमी नदियों (सिंधु, झेलम, चेनाब) का जल उपयोग का अधिकार प्राप्त है।
भारत का दावा है कि वह संधि के प्रावधानों का पूरी तरह पालन करता रहा है, लेकिन बार-बार सीमा पार से हो रहे आतंकी हमलों के चलते अब इसकी समीक्षा आवश्यक हो गई है।












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