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पाकिस्तान ने फिर फिर उगला जहर! बिलावल ने अमेरिका में धन मांगने के बजाय अलापा 'कश्मीर राग'

पाकिस्तान ने कई बार भारत के पीठ पर खंजर घोंपने की कोशिश कर चुका है। वहां के नेता शायद अंजान बनने की कोशिश करते हैं कि, उनके पाले हुए आतंकी भारत में अशांति फैलाने की कोशिश करता है।

न्यूयॉर्क/इस्लामाबाद 23 सितंबर : पाकिस्तान कश्मीर मुद्दे को लेकर अपनी हरकतों से बाज आना वाला नहीं है। वह यह समझने की कोशिश नहीं कर रहा है कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और उसके कहने से कुछ नहीं बदलने वाला है। वैसे भी इस वक्त पाकिस्तान बाढ़ की त्रासदी झेल रहा है और पैसों की कमी के कारण देश में भुखमरी के हालात पैदा हो गए हैं लेकिन पाकिस्तान के नेताओं को कश्मीर के अलावा और कुछ नजर ही नहीं आता है। खबर है कि विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी ने न्यूयॉर्क जाकर अपने देश के बाढ़ पीड़ितों के हित के लिए धन मांगने के बजाय कश्मीर का मुद्दा उठा दिया।

पाकिस्तान का कश्मीर राग

पाकिस्तान का कश्मीर राग

'उल्टा चोर कोतवाल को डांटे', यही काम पाकिस्तान भारत के खिलाफ करता आ रहा है। न्यूयॉर्क में विदेश संबंध परिषद को संबोधित करने के बाद एक प्रश्नोत्तर सत्र के दौरान बोलते हुए भारत-पाक संबंध और कश्मीर का मुद्दा गरमाने की फिर से कोशिश की। उन्होंने कहा कि, भारत के साथ संबंधों के पुनर्निर्माण के कोई संकेत नहीं देखे हैं।

भारत-पाक संबंध पर जरदारी का जवाब

भारत-पाक संबंध पर जरदारी का जवाब

पाकिस्तान में बाढ़ की स्थिति के बीच भारत के साथ संबंधों को फिर से ठीक करने के बारे में एक सवाल के जवाब में, जरदारी ने भारत पर हमला बोलते हुए कहा कि भारत उन देशों में से नहीं है जिन्होंने पाकिस्तान के लिए कोई सहायता की पेशकश की है। उन्होंने कहा, जहां तक उनकी और पीएम शहबाज शरीफ की पार्टी का संबंध है तो वे भारत के साथ एक शांतिपूर्ण वातावरण बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि, पाकिस्तान की सरकार भारत के साथ जुड़ाव के दिशा में लगातार प्रयास की वकालत करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि, भारत मौलिक रूप से बदल गया है।

बिलावल ने भारत के खिलाफ जहर उगला

बिलावल ने भारत के खिलाफ जहर उगला

जरदारी यूएनजीए की उच्च स्तरीय बैठक के लिए न्यूयॉर्क में हैं। उन्होंने आगे दावा किया कि पाकिस्तान के लिए भारत के साथ जुड़ना अविश्वसनीय रूप से कठिन हो गया है। अगस्त 2019 की कार्रवाइयों ने वास्तव में हमारे लिए इसे अविश्वसनीय रूप से कठिन बना दिया है।

भारत को अशांत देखना चाहता है पाकिस्तान

भारत को अशांत देखना चाहता है पाकिस्तान

बता दें कि, पाकिस्तान ने कई बार भारत के पीठ पर खंजर घोंपने की कोशिश कर चुका है। वहां के नेता शायद अंजान बनने की कोशिश करते हैं कि, उनके पाले हुए आतंकी भारत में अशांति फैलाने की कोशिश करता है। पाकिस्तान ने कई बार दोस्ती की आड़ में भारत के साथ दुश्मनी निभाने से बाज नहीं आता है। उसे जब भी मौका मिलता है भारत के खिलाफ ही जहर उगलता है।

भारत के सब्र की बांध तोड़ने की कोशिश कर रहा पाकिस्तान

भारत के सब्र की बांध तोड़ने की कोशिश कर रहा पाकिस्तान

ऐसा नहीं है कि, पाकिस्तान में बाढ़ के समय भारत ने उसे मदद करने की कोशिश नहीं की थी। पाकिस्तान में बाढ़ से होने वाले मानवीय और संसाधनों के नुकसान पर भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चिंता जताई थी। लेकिन पाकिस्तान को भारत को खिलाफ जहर उगलने के अलावा और कुछ भी नहीं नजर आता है। वहीं, बिलावल ने अमेरिका-पाकिस्तान संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि अमेरिकी पाकिस्तान संबंध अपनी योग्यता के आधार पर खड़े होते हैं। हमारे बीच ऐतिहासिक संबंध हैं।

अल्पसंख्यक के अधिकारों का उल्लंघन करता है पाकिस्तान

अल्पसंख्यक के अधिकारों का उल्लंघन करता है पाकिस्तान

बिलावल ने इस दौरान देश की स्थिति को सुधारने के लिए धन मांगने के बजाय कशमीर का मुद्दा उठा दिया। बिलावल ने जम्मू-कश्मीर मुद्दे को यूएनजीए में उठाया। उन्होंने ट्वीट करके इस बात की जानकारी दी। जरदारी, जो संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) में भाग लेने के लिए न्यूयॉर्क में हैं, ने पहले संयुक्त राष्ट्र में झूठे दावे किए थे कि भारत एक हिंदू वर्चस्ववादी देश में बदल रहा है। इस पर भारत के यूएनईएस (संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक) के संयुक्त सचिव, श्रीनिवास गोटरू ने करारा जवाब दिया और कहा कि यह विडंबना है कि इस्लामाबाद जिसने खुद अल्पसंख्यकों के अधिकारों का घोर उल्लंघन किया है, अल्पसंख्यकों के अधिकारों के बारे में बोल रहा है।

(Photo Credit : PTI & Twitter)

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