भारत की जासूसी के लिए रूसी UAV का इस्तेमाल कर रहा पाकिस्तान, सुपरकैम ड्रोन की जबरदस्त डिमांड, पुतिन रोकेंगे?
Defence News: पाकिस्तान ने भारत की जासूसी करने के लिए रूसी ड्रोन का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है, जिसके बाद रूस ने अपने सुपरकैम ड्रोन सीरिज की बिक्री में भारी इजाफे की घोषणा की है, जो पहले से ही बेलारूस और पाकिस्तान सहित कई वैश्विक ग्राहकों को इन एडवांस मानव रहित हवाई वाहनों (UAV) का निर्यात कर रहा है।
यह घोषणा सुपरकैम ड्रोन के डेवलपर, अनमैन्ड सिस्टम्स ग्रुप ने चल रहे आर्मी-2024 इंटरनेशनल मिलिट्री-टेक्निकल फोरम के दौरान की है। यह कार्यक्रम 12 से 14 अगस्त 2024 तक मॉस्को में पैट्रियट कन्वेंशन और प्रदर्शनी केंद्र में आयोजित किया जा रहा है।

अनमैन्ड सिस्टम्स ग्रुप ने कहा है, कि सुपरकैम ड्रोन की ना सिर्फ रूस में बल्कि बेलारूस, कजाकिस्तान और उज्बेकिस्तान जैसे पूर्व सोवियत संघ के देशों में भी काफी डिमांड है।
सुपरकैम ड्रोन की डिमांड में उछाल
सुपरकैम ड्रोन में एडवांस ऑप्टोइलेक्ट्रॉनिक सिस्टम, कंप्यूटर विजन क्षमताएं और ऑटोमेटिक ट्रैकिंग और टारगेटिंग तंत्र हैं। यह विशेष रूप से अपनी उच्च-सटीक हवाई फोटोग्राफी के लिए जाना जाता है, जो कि जियोडेटिक-क्लास GNSS रिसीवर स्थापित करने के विकल्प को काफी आसान बना देता है, जो इसे दिन के किसी भी समय विस्तृत टोही और निगरानी मिशन के लिए एक शानदार डिवाइस बना देता है।
रूस और पूर्व सोवियत संघ के देशों से परे, ड्रोन के सुपरकैम फैमिली ने कई अन्य देशों तक भी अपनी पहुंच बढ़ाई है। कंपनी ने खुलासा किया है, कि पाकिस्तान, नाइजीरिया और अंगोला उन देशों में से हैं, जिन्होंने इन ड्रोन में दिलचस्पी जताई है।
कंपनी ने कहा है, कि डिमांड में इजाफा होने से प्रोडक्शन में काफी तेज इजाफा हुआ है। कंपनी ने कहा है, कि पिछले तीन वर्षों में उत्पादन की मात्रा में दस गुना वृद्धि हुई है, और यह अपने निर्यात ऑपरेशन पावर को और बढ़ाने के लिए तैयार है।
हालांकि, कंपनी की तरफ से इसका खुलासा नहीं किया गया है, कि किन देशों को ड्रोन का कौन सा वेरिएंट बेचा गया है, लेकिन पहले की एक रिपोर्ट में बताया गया था, कि पाकिस्तान ने रूस से सुपरकैम S-250 मिनी यूएवी खरीदे हैं।
ड्रोन के इस वेरिएंट का इस्तेमाल पाकिस्तान, भारतीय सीमाओं के पास खुफिया, निगरानी और टोही (ISR) उद्देश्यों के लिए किया जाता है।
सुपरकैम S-250 को इसकी सामरिक और तकनीकी श्रेष्ठता के लिए जाना जाता है। यह उच्च गुणवत्ता वाली वीडियो निगरानी प्रदान करते हुए चुनौतीपूर्ण मौसम की स्थिति में तीन घंटे तक उड़ सकता है। अमेरिकी सरकार की वेबसाइट ने सुपरकैम एस-250 को अपनी श्रेणी में टॉप यूएवी करार दिया है, जो विभिन्न ऑपरेशंस में इसकी विश्वसनीयता और प्रभावशीलता को रेखांकित करता है।
यूक्रेन युद्ध में भी सुपरकैम ड्रोन
रूस ने यूक्रेन के साथ चल रहे युद्ध में भी सुपरकैम ड्रोन की तैनाती की है। 30 जुलाई को, रोस्टेक के सीईओ सर्गेई चेमेजोव ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को सुपरकैम यूएवी तकनीक में प्रगति के बारे में जानकारी दी थी।
चेमेजोव ने बताया था, कि सुपरकैम ड्रोन अब टोही और कामिकेज, दोनों वेरिएंट्स में उपलब्ध है। इस ड्रोन का उत्पादन तेजी से हुआ है और सिर्फ पांच महीनों में 30,000 वर्ग मीटर में फैली एक नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट भी स्थापित की गई है।
सुपरकैम ड्रोन, युद्ध के मैदान में अपना महत्व साबित कर रहे हैं, खासकर जब इसे हॉवित्जर के साथ मिलकर इस्तेमाल किया जाता है। यूक्रेन युद्ध में, रूसी ऑपरेटर यूक्रेनी फायरिंग पोजिशन और फील्ड डिपो का प्रभावी ढंग से पता लगा सकते हैं और उन्हें बेअसर कर सकते हैं।
2023 की शुरुआत से ही सुपरकैम S350 इन ऑपरेशनों में अहम भूमिका निभा रहा है। अपने बड़े आकार की वजह से सुपरकैम S350 के पंखों की लंबाई 3.5 मीटर है, जो कि ओरलान-10 से काफी ज्यादा है, जिसका पंख फैलाव सिर्फ एक मीटर से कुछ ज्यादा है। अपने बड़े आयामों के बावजूद, सुपरकैम S350 छोटे यूएवी के बराबर रेंज और उड़ान की क्षमता बनाए रखता है।
2023 के अंत तक, यह अनुमान लगाया गया था, कि यूक्रेन में रूसी सेना द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले ड्रोन में से 15-20% सुपरकैम S350 थे। ये ड्रोन उन्नत कैमरों, वीडियो उपकरणों और थर्मल इमेजर्स से लैस हैं, जो उन्हें अत्यधिक सटीक 3D इलाके मॉडल और फोटोमैप बनाने में सक्षम बनाते हैं।












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