जरदारी ने रखी बिलावल को प्रधानमंत्री बनाने की शर्त.. पाकिस्तान में सरकार बनाने के लिए कवायद तेज, इनसाइड स्टोरी
Bilawal Bhutto Pakistan Election: द न्यूज ने सूत्रों के हवाले से बताया है, कि पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के अध्यक्ष शहबाज शरीफ ने अपनी पार्टी के नेताओं से कहा है, कि पूर्व राष्ट्रपति आसिफ जरदारी ने पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (पीपीपी) के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी के लिए प्रधानमंत्री पद समेत सरकार में कई और प्रमुख पदों की मांग की है।
पाकिस्तान में सरकार गठन को लेकर अभी भी जोड़-तोड़ तल रहा है और एक बड़े डेवलपमेंट में पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी इस शर्त पर पीएमएल-एन के साथ गठबंधन सरकार बनाने पर सहमत हो गई है, कि बिलावल भुट्टो को पीएम बनाया जाए।

प्रधानमंत्री बनने के लिए अड़े बिलावल भुट्टो
शहबाज शरीफ ने पार्टी नेताओं को बताया है, कि आसिफ अली जरदारी ने पेशकश की है, कि पीपीपी ने इसके बदले में पंजाब में सरकार बनाने के लिए पीएमएल-एन का समर्थन करने का सौदा रखा है। यानि, अगर बिलावल भुट्टो को प्रधानमंत्री बनाया जाता है, तो फिर पंजाब प्रांत में बिलावल भुट्टो, नवाज शरीफ की सरकार बनाने के लिए समर्थ करेंगे।
आपको बता दें, कि पंबाज प्रांत में भी नवाज शरीफ की पार्टी को बहुमत नहीं मिला है और वहां भी इमरान खान की पार्टी से जुड़े निर्दलीयों ने शानदार प्रदर्शन किया है और 116 सीटें जीती हैं, जबकि नवाज शरीफ की पार्टी ने 137 सीटें जीती हैं।
द न्यूज को पीएमएल-एन सूत्रों से पता चला है, कि पूर्व प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शुक्रवार रात पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और बिलावल से मुलाकात की और भविष्य के गठबंधन पर चर्चा की। पार्टी सूत्रों ने बताया है, कि शनिवार को पीएमएल-एन नेताओं ने केंद्र के साथ-साथ पंजाब में भावी सरकार बनाने के लिए विभिन्न विकल्पों पर चर्चा की है।
इस संबंध में शनिवार को पीएमएल-एन नेतृत्व की बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता शहबाज शरीफ ने की है। बैठक में सीनेटर इशाक डार, ख्वाजा साद रफीक, सरदार अयाज सादिक, मरियम औरंगजेब, मलिक मुहम्मद अहमद खान, सीनेटर आजम नजीर तरार, अताउल्लाह तरार, ख्वाजा इमरान नजीर और अन्य शामिल हुए।
बैठक में पीएमएल-एन अध्यक्ष ने सरकार गठन के विभिन्न विकल्पों पर चर्चा की है। पार्टी में इस बात पर चर्चा हुई है, कि हालांकि पीएमएल-एन देश में सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बनकर उभरी है, फिर भी वह अपने दम पर सरकार नहीं बना सकती है और उसे अन्य राजनीतिक दलों या स्वतंत्र उम्मीदवारों की मदद की जरूरत है।
पार्टी सूत्रों ने दावा किया है, कि पीएमएल-एन नेतृत्व सदमे में है, क्योंकि चुनाव परिणाम उनकी उम्मीदों से बिल्कुल उलट आए हैं। उन्होंने कहा, कि नवाज शरीफ, मरियम नवाज और अन्य पीएमएल-एन नेता अति आत्मविश्वास में थे और पार्टी नेतृत्व ने सार्वजनिक रैलियों, घर-घर अभियान, बड़े पैमाने पर सार्वजनिक अभियान और मतदाताओं के साथ सीधे संपर्क पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया, खासकर चुनाव के दिन।
पार्टी सूत्रों ने कहा है, कि अब तक जरदारी के साथ गठबंधन बनाना पहला विकल्प था, जिसे पीएमएल-एन तलाश रही थी लेकिन वह प्रधानमंत्री का पद छोड़ना नहीं चाहती है।

नवाज शरीफ को भी चाहिए PM पद
सूत्रों ने दावा किया है, कि बैठक में फैसला लिया गया है, कि यदि पीपीपी के साथ बातचीत फेल हो जाती है, तो पीएमएल-एन एमक्यूएम, जेयूआई-एफ और निर्दलीय और निर्वाचित दलों सहित अन्य छोटे दलों के साथ गठबंधन सरकार बनाएगी। उन्होंने आगे दावा किया, कि ऐसी स्थिति में, पीएमएल-एन शहबाज शरीफ को प्रधान मंत्री और मरियम नवाज को पंजाब का मुख्यमंत्री बनाएगी।
हालांकि, पार्टी नेताओं को केंद्र, पंजाब और बलूचिस्तान में भविष्य में सरकार बनाने के लिए और अधिक विकल्पों पर विचार करने का निर्देश दिया गया है।
तीन सबसे बड़ी पार्टियां, पीएमएल-एन, पीपीपी और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) से संबद्ध निर्दलीय, 8 फरवरी के आम चुनावों के बाद अगली सरकार बनाने की रेस में हैं, क्योंकि चुनाव परिणामों की घोषणा हो चुकी है। पाकिस्तान चुनाव आयोग (ईसीपी) का काम अब लगभग पूरा हो चुका है।
पीएमएल-एन ने शनिवार को संघीय और प्रांतीय सरकारों की स्थापना के लिए पीपीपी के साथ चर्चा शुरू की। जबकि, पीटीआई के चेयरमैन बैरिस्टर गौहर अली खान ने इस बात पर जोर दिया, कि राष्ट्रपति उनकी पार्टी को संघीय सरकार स्थापित करने का अवसर देंगे, क्योंकि उनके पास निर्वाचित सांसदों की सबसे बड़ी संख्या का समर्थन है।
वहीं, बिलावल ने शनिवार को दावा किया, कि उनकी पार्टी के समर्थन के बिना केंद्र के साथ-साथ दो प्रांतों - पंजाब और बलूचिस्तान - में कोई सरकार नहीं बन सकती है।
पीएमएल-एन परामर्श समिति ने केंद्र और प्रांतों में सरकारों के गठन के लिए समान विचारधारा वाले दलों के साथ परामर्श प्रक्रिया पर चर्चा करने के लिए शनिवार को एक महत्वपूर्ण बैठक की।
वहीं, एक्सपर्ट्स का कहना है, कि पीएमएल-एन ज्यादा प्रेशर में है और उसे बिलावल को प्रधानमंत्री बनाने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है, क्योंकि इमरान खान की पार्टी लगातार चुनाव में धांधली का आरोप लगा रही है और जांच की मांग कर रही है। वहीं, अमेरिका और ब्रिटेन का भी प्रेशर काफी है। लिहाजा, नवाज शरीफ सरकार बनाने के लिए किसी ना किसी नतीजे पर जल्द पहुंचना चाहते हैं।
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