'Israel से दिनदहाड़े रिश्वत लेता है America', Pakistan के रक्षा मंत्री Khawaja Asif का दावा, क्या है मामला?
Pakistan के रक्षा मंत्री Khawaja Asif ने एक इंटरव्यू में चौंकाने वाला दावा किया है। उनका कहना है कि पाकिस्तान को रिश्वतखोरी के लिए बदनाम किया जा रहा है, जबकि America खुलेआम Israel से रिश्वत लेता है। यह बयान ऐसे समय आया है जब पाकिस्तान में बढ़ते भ्रष्टाचार और पारदर्शिता की कमी पर सवाल उठ रहे हैं।
"अगर रिश्वत लेनी होती तो छिपकर लेता"
जियो टीवी पर पत्रकार शाहजेब खानजादा से बातचीत में आसिफ ने कहा, "हमें रिश्वत लेने के लिए बदनाम किया जा रहा है। अमेरिकी राजनेता खुले तौर पर इज़रायल से रिश्वत लेते हैं। अगर मुझे रिश्वत लेनी होती, तो मैं छिपकर ऐसा करता।" उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिकी डिफेंस लॉबी, प्रतिनिधि सभा और सत्तारूढ़ वर्ग, इज़रायल और उसकी लॉबी को फंड देते हैं।

पाकिस्तान में भ्रष्टाचार पर बढ़ी बहस
आसिफ के इस बयान के बाद पाकिस्तान में भ्रष्टाचार को लेकर बहस और तेज हो गई है। देश में पारदर्शिता की कमी और वित्तीय घोटालों के आरोप लंबे समय से चर्चा में हैं। पाकिस्तान की हर सरकार में भ्रष्टाचार का लंबा इतिहास रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को भ्रष्टाचार के चलते लंबे समय तक लंदन में रहना पड़ा। इमरान खान भी भ्रष्टाचार के मामले में जेल में बंद हैं। आर्मी वर्ल्ड बैंक से मिले उधार में भ्रष्टाचार करती रही है।
पुर्तगाल में काला धन भेजने का आरोप
अगस्त में आसिफ ने दावा किया था कि पाकिस्तान के आधे से अधिक बड़े डिप्लोमेट्स काला धन पुर्तगाल भेज रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया साइट 'X' पर लिखा था कि शीर्ष नौकरशाह विदेशों में पैसा ट्रांसफर कर रहे हैं और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री उस्मान बुज़दार के करीबी अधिकारी पर भी सवाल उठाए थे। आसिफ ने कहा कि भ्रष्टाचार के कारण राजनेताओं को न तो जमीन मिलती है, न विदेशी नागरिकता, क्योंकि उन्हें चुनाव लड़ना होता है। यही वजह है कि वे बचा-खुचा खाकर हंगामा करते हैं।
गाजा पर इज़रायल का हमला और अमेरिकी समर्थन
इस बीच, इज़रायल ने गाजा शहर पर हमला शुरू कर दिया है। अमेरिकी सचिव मार्को रुबियो ने इस हमले का समर्थन करते हुए हमास को "बर्बर आतंकवादी" कहा। इसी साल जून में इज़रायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भ्रष्टाचार के मुकदमे का सामना कर चुके हैं। 2019 में दायर केस में उन पर रिश्वतखोरी, धोखाधड़ी और विश्वास भंग का आरोप है। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने इसे "विच हंट" बताया था।
"इस्लामिक देशों को नाटो जैसा गठबंधन बनाना चाहिए"
आसिफ ने सुझाव दिया कि इस्लामिक राष्ट्रों को एकजुट होकर "रक्षात्मक गठबंधन" बनाना चाहिए, ठीक वैसे ही जैसे नाटो है, ताकि इस्लामिक देशों के हितों की रक्षा हो सके।
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