पाकिस्तान-तालिबान के कब्जे में गया अफिगानिस्तान में छोड़े गये अमेरिकी हथियार, पाकिस्तानी प्रधानमंत्री का दावा
Pakistani Taliban: पाकिस्तान के कार्यवाहक प्रधान मंत्री ने दावा किया है, कि अफगानिस्तान से वापसी के दौरान अमेरिकी सेना द्वारा छोड़े गए हथियार और उपकरण, तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) आतंकवादियों के हाथों में पड़ गए हैं और पाकिस्तानी तालिबान के पास पहुंच गए हैं।
पिछले महीने शपथ लेने वाले प्रधान मंत्री अनवर-उल-हक काकर ने सोमवार को दावा किया है, कि अमेरिका द्वारा अफगानिस्तान में छोड़े गये उपकरण, जिनमें नाइट विजन और आग्नेयास्त्र जैसी वस्तुएं शामिल हैं, वो अब पाकिस्तान के लिए "एक नई चुनौती के रूप में उभर रही हैं" क्योंकि इससे आतंकियों के लड़ने की क्षमता बढ़ गई है।

पाकिस्तानी पीएम के दावे में कितना दम?
पाकिस्तानी तालिबान, जिसे तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान या टीटीपी के नाम से जाना जाता है, उसने पिछले महीनों में पाकिस्तान के सुरक्षा बलों पर हमले तेज कर दिए हैं। टीटीपी एक अलग आतंकवादी समूह है लेकिन अफगान तालिबान का सहयोगी है।
तालिबान ने अगस्त 2021 में अफगानिस्तान पर नियंत्रण कर लिया था, क्योंकि करीब 20 वर्षों के युद्ध के बाद अमेरिका और नाटो सैनिक संघर्षग्रस्त देश से वापस चले गए थे।
तालिबान के हमले के सामने अमेरिका समर्थित और प्रशिक्षित अफगान सेना ढह गई।
इस बारे में कोई निश्चित जानकारी नहीं है, कि कितने अमेरिकी उपकरण अफगानिस्तान में रह गये हैं, लेकिन तालिबान ने आत्मसमर्पण करने वाले अफगान बलों से बंदूकें, गोला-बारूद, हेलीकॉप्टर और अन्य आधुनिक सैन्य उपकरण बरामद करते हुए, अमेरिका द्वारा आपूर्ति की गई गोलाबारी को जब्त कर लिया। हालांकि कोई भी सटीक मूल्य नहीं जानता है, लेकिन अमेरिकी रक्षा अधिकारियों ने पुष्टि की है कि यह महत्वपूर्ण है।
कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है, कि करोड़ों रुपये के हथियार अमेरिका ने अफगानिस्तान में छोड़ दिए थे। हालांकि, पहले पाकिस्तान खुश था और उसे लग रहा था, कि अमेरिकी हथियार वो तालिबान से ले लेगेा, लेकिन तालिबान ने अमेरिकी हथियारों के नजदीक भी पाकिस्तान को फटकने नहीं दिया।
वहीं, अब आरोप लगाते समय पाकिस्तान के केयर टेकर पीएम काकर ने अपने बयान के समर्थन में या अफगान तालिबान और टीटीपी के सीधे संबंध के लिए कोई सबूत नहीं दिया।
लिहाजा, उनके दावे पर सवाल उठ रहे हैं और कई एक्सपर्ट्स का कहना है, कि हो सकता है काकर, झूठ और फर्जी दावे करने की पाकिस्तानी प्रधानमंत्रियों की विरासत और परंपरा को ही आगे बढ़ा रहे हों, लेकिन किसी स्वतंत्र सोर्स से फिलहाल इसकी पुष्टि नहीं की गई है।
पाकिस्तानी केयरटेकर प्रधानमंत्री ने बचे हुए उपकरणों की चुनौती से निपटने के लिए "समन्वित दृष्टिकोण" की आवश्यकता का हवाला दिया।
हालांकि, काकर ने अफगान तालिबान की आलोचना की हिम्मत नहीं जुटा पाए और कहा, कि इस्लामाबाद ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय और काबुल में नए शासकों के बीच एक वार्ताकार के रूप में पहुंचने और कार्य करने की कोशिश की है, जिन्हें उनके अधिग्रहण के बाद से लगाए गए कठोर आदेशों के लिए बहिष्कृत कर दिया गया है।
इस्लामाबाद में दो सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, टीटीपी ने या तो अफगान तालिबान से उपकरण खरीदे हैं या सहयोगी के रूप में बरामद किए हैं।
हाल के महीनों में टीटीपी ने भी बयान और वीडियो क्लिप जारी कर दावा किया है, कि उसके पास लेजर और थर्मल दृष्टि प्रणाली वाली बंदूकें हैं।
एक अधिकारी ने बताया कि टीटीपी अब दूर से ही पाकिस्तानी सैनिकों पर हमला करता है।












Click it and Unblock the Notifications