'लश्कर और जमात-उद-दावा को हासिल है पाक सेना का समर्थन'

अमेरिका में रहने वाले पाकिस्तानी लेखक आरिफ जमाल ने ‘कॉल्स फॉर ट्रांसनेशनल जेहाद: लश्कर-ए-तैयबा 1985-2014' नामक पुस्तक लिखी है।
इसमें कहा गया है, ‘यह जानकारी है कि जमात समुद्री और हवाई ताकत हासिल कर रहा है। बहरहाल, इसकी काम जानकारी है कि वह जनसंहारक हथियार हासिल करने की फिराक में है।'
उन्होंने अपनी इस 260 पृष्ठों की पुस्तक में लिखा है, ‘जमात का मानना है कि वह पाकिस्तान सरकार के खिलाफ नहीं जाकर परमाणु तकनीक हासिल कर सकता है। यह इससे पहले हो सकता है कि जब हम यह कल्पना करें कि जमात के पास अपनी योजना को व्यवस्थागत ढंग से और सहजता से अंजाम देने की क्षमता होगी।'
आरिफ जमाल ने अपनी पुस्तक में यह निष्कर्ष निकाला है कि पाकिस्तान सरकार की ओर से लश्कर और जमात या इसके सरगना हाफिज सईद के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की संभावना नहीं है क्योंकि पाकिस्तानी सेना एवं खुफिया एजेंसी आईएसआई का मकसद भारत को आघात पहुंचाना और युद्ध की स्थिति से बचना है।
जमाल ने कहा कि पाकिस्तानी सेना ने भारत और अफगानिस्तान के खिलाफ जेहादियों का इस्तेमाल किया है। उन्होंने कहा, ‘इनका मकसद रहा है कि शांति के समय भरत को आघात पहुंचाया जाए और युद्ध से बचा जाए।'
अमेरिका ने पिछले सप्ताह जमात को विदेशी आतंकी संगठन घोषित किया। इस स्थिति में अब अमेरिकी अधिकार क्षेत्र में आने वाली इस संगठन की सभी संपत्तियां जब्त हो जाएंगी।
जमाल लिखते हैं, ‘पांच साल बीतने के बावजूद पाकिस्तान ने नवंबर, 2008 में हुए मुंबई हमले के साजिशकर्ताओं के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है। लश्कर के आतंकवादियों के खिलाफ चल रही सुनवाई दिखाती है कि पाकिस्तान की अपने यहां जेहादी ढांचे को खत्म करने का कोई योजना नहीं है।'
उन्होंने कहा, ‘सच्चाई यह है कि मुंबई हमले के बाद से जमात पाकिस्तानी सेना की मदद से और मजबूत हो गया है।'












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