SCO Summit: पहली बार बैठक के लिए भारत पहुंचे पाकिस्तानी सेना के अधिकारी, शहबाज की अकल आई ठिकाने?
शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) में भारत के अलावा पाकिस्तान, चीन, रूस, कजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान, किर्गीस्तान और ताजिकिस्तान भी हैं। एससीओ शिखर सम्मेलन इस साल भारत में होने वाला है।

India-Pakistan News: पाकिस्तान जब आर्थिक संकट में फंसा हुआ है और पाकिस्तानी एक्सपर्ट्स जब बार बार शहबाज सरकार से भारत संग रिश्तों की बहाली करने का आह्वान कर रहे हैं, उस वक्त ऐसा लग रहा है, कि धीरे धीरे पाकिस्तान की अकल ठिकाने पर आ रही है। पहली बार पाकिस्तान की सैन्य अधिकारियों की एक टीम भारत पहुंची है, जिसके बाद उम्मीद लगाई जा रही है, कि अगले कुछ महीनों में दोनों देशों के रिश्तों में कुछ सुधार देखने को मिल सकते हैं। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान सेना की तीन सशस्त्र बलों के अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल भारत पहुंचा है, जो शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की कार्यकारी समूह की बैठक में हिस्सा लेगा।
भारत में पाकिस्तानी सेना की टीम
पाकिस्तानी अखबार द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है, कि पाकिस्तानी सेना के अधिकारियों की एक टीम भारत पहुंच गई है। जिसके बाद कयास लगाए जा रहे हैं, कि मई महीने एससीओ के विदेश मंत्रियों की बैठक में पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो भी भारत आ सकते हैं। आपको बता दें, कि भारत इस वक्त शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की अध्यक्षता कर रहा है, लिहाजा इस साल एससीओ की कई बैठकों का आयोजन भारत में होने वाली है। अप्रैल महीने में एससीओ के रक्षा मंत्रियों की बैठक होने वाली है, जिसके लिए भारत ने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री को भी न्योता भेजा है। वहीं, मई महीने में एससीओ के विदेश मंत्रियों की बैठक के लिए बिलावल भुट्टो को भी आमंत्रित किया गया है। हालांकि, अभी तक साफ नहीं हो पाया है, कि क्या पाकिस्तान के रक्षा और विदेश मंत्री भारत आएंगे या नहीं?
भारत आएंगे पाकिस्तानी रक्षा और विदेश मंत्री?
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मुमताज ज़हरा बलूच ने इस्लामाबाद में संवाददाताओं से कहा, कि निमंत्रणों पर अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है, लेकिन उन्होंने रक्षा मंत्रियों की परिषद के तहत विशेषज्ञ कार्य समूह की एससीओ बैठक में संयुक्त कर्मचारी मुख्यालय से पाकिस्तान के एक प्रतिनिधिमंडल की भारत यात्रा की पुष्टि की है। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने कहा, कि "पाकिस्तान एससीओ का एक सक्रिय सदस्य है और इसके साथ जुड़ना जारी रखेगा"। आपको बता दें, कि पिछले हफ्ते भी पाकिस्तानी अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल नई दिल्ली में एससीओ बैठक के लिए पहुंचा था, लेकिन पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल कश्मीर पर गलत नक्शा के साथ बैठक में जाना चाहते थे, जिसके बाद भारत ने उन्हें बैठक से बाहर कर दिया था। आपको बता दें, कि इससे पहले एससीओ के जजों की बैठक में पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ने वर्चुअल तरीके से हिस्सा लिया था, लेकिन विदेश और रक्षा मंत्रियों के भारत दौरे को लेकर पाकिस्तान गंभीरता से विचार कर रहा है।
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क्या सुधार की तरफ बढ़ रहे हैं संबंध?
पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है, कि एससीओ एक क्षेत्रीय मंच है, जिसमें चीन और रूस भी इसके सदस्य हैं, लिहाजा पाकिस्तान विदेश कार्यालय के भीतर एक विचार यह है, कि पाकिस्तान को ऐसे महत्वपूर्ण मंचों से गैर-हाजिर नहीं रहना चाहिए, ताकि भारत को अंक हासिल करने का मौका मिले। भारत इस साल जून में एससीओ शिखर सम्मेलन की मेजबानी भी करने वाला है, जिसमें प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को आमंत्रित किए जाने की संभावना है। माना जा रहा है, कि कुछ मित्र देश पाकिस्तान और भारत के बीच बातचीत करवाने के रास्ते खोज रहे हैं और लेकिन पाकिस्तानी अखबार ट्रिब्यून के मुताबिक, पाकिस्तान में अनिश्चित राजनीतिक स्थिति के कारण चीजें आगे नहीं बढ़ पा रही हैं। यदि पाकिस्तान के रक्षा और विदेश मंत्री और बाद में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भारत का दौरा करते हैं, तो निश्चित तौर पर दोनों देशों के संबंधों में सुधार आने की काफी संभावना बढ़ जाएगी।












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