हिन्दू डॉक्टर के बाद पाकिस्तान में सिख व्यापारी की हत्या, इस्लामिक देश से मिट जाएगा अल्पसंख्यकों का निशान?
पाकिस्तान का पेशावर इलाका सिखों के लिए, और सिंध प्रांत हिन्दुओं के लिए काफी खतरनाक बन गया है। इन दोनों जगहों पर हर दूसरे दिन अल्पसंख्यकों को प्रताड़ित किया जाता है।

Sikh Businessman Killed In Pakistan: इस्लामिक देश पाकिस्तान ने ठान लिया है, कि एक दिन देश से अल्पसंख्यकों का नामोनिशान मिटा दिया जाएगा। पाकिस्तान में हिन्दू लड़कियों की जबरदस्ती मुस्लिमों से शादी कर दी जाती है, तो समाज के प्रतिष्ठित लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी जाती है। इसी हफ्ते पाकिस्तान में एक हिन्दू डॉक्टर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी और अब एक सिख व्यापारी की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई है। वहीं, पाकिस्तान की सरकारें, अल्पसंख्यकों के खिलाफ चरम पर पहुंच चुके अपराधों को लेकर चुप्पी साध लेती है।
सिख व्यापारी की गोली मारकर हत्या
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के पेशावर शहर में एक अज्ञात वाहन चालक ने शुक्रवार को दिनदहाड़े निशाना बनाकर एक सिख व्यवसायी की गोली मारकर हत्या कर दी। सिख कारोबारी दयाल सिंह की कराची में उस वक्त हत्या की गई है, जब सिर्फ एक दिन पहले एक प्रसिद्ध हिंदू नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉक्टर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पाकिस्तान के सिख कार्यकर्ता रादेश सिंह टोनी ने कहा, कि कराची मेट्रोपॉलिटन कॉरपोरेशन के पूर्व डायरेक्टर और नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ बीरबल गिन्नी की गुरुवार को ल्यारी एक्सप्रेसवे पर उस समय गोली मारकर हत्या कर दी गई, जब वह अपनी कार में थे। पेशावर के रहने वाले और पाकिस्तान के राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग (NCM) के सदस्य सरोप सिंह ने कहा, कि दयाल सिंह की पेशावर के पास अट्टा मोहम्मद गढ़ी गांव के जमील चौक पर एक किराना दुकान थी।
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मुस्लिमों को कराता था इफ्तार
सिख कार्यकर्ता सरूप सिंह ने कहा, कि दयाल सिंह काफी गरीब था, फिर भी वो मुस्लिमों को इफ्तार पार्टी देता था, लेकिन फिर भी इस्लामिक चरमपंथियों ने उसकी गोली मारकर हत्या कर दी। आपको बता दें, कि पिछले दो सालों में पेशावर में निशाना बनाकर 10 सिखों की हत्या की गई है। सरूप सिंह ने कहा, कि "रमजान के महीने में कई सिखों की निशाना बनाकर हत्या की गई है, जब सिख समुदाय के लोग मुसलमानों को इफ्तार पार्टी देते हैं।" रिपोर्ट के मुताबिक, दयाल सिंह के तीन बच्चे, पत्नी और दो भाई हैं, जो पेशावर में रहते हैं। सिख समुदाय के लोगों ने कहा, कि अल्पसंख्यक समुदाय पाकिस्तान में डर में रह रहा है और कई परिवार ननकाना साहिब, हसन अब्दाल, लाहौर जैसे सिख आबादी वाले क्षेत्रों में भाग गये हैं। गौरतलब है, कि 15 मई 2022 को पेशावर में दो अज्ञात बंदूकधारियों ने दो सिख व्यवसायियों कुलजीत सिंह और रंजीत सिंह की हत्या कर दी थी और वो दोनों दयाल सिंह के ही रिश्तेदार थे। उन दोनों की पेशावर के पास सरबद कस्बे के बारा मार्केट में किराना दुकान थी। सरूप सिंह ने पाकिस्तान सरकार से पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया है, हालांकि ये असंभव आग्रह है।












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