पाकिस्तान में हालात हुए ऑउट ऑफ कंट्रोल, प्रदर्शनकारी बरसा रहे हैं गोलियां, पंजाब में आर्मी की तैनाती
इमरान खान की गिरफ्तारी उस वक्त की गई, जब उन्होंने सीधे तौर पर देश की शक्तिशाली सेना और उसकी जासूसी एजेंसी आईएसआई पर हमला बोला था और उन्होंने आईएसआई के एक वरिष्ठ अधिकारी पर अपने उपर जानलेवा हमला करवाने का आरोप लगाया था।

Pakistan News: पाकिस्तान में मंगलवार को इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद अब हालात काबू से बाहर हो गये हैं। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस प्रशासन हालात को संभालने में नाकाम हो गया है, जिसके बाज पंजाब प्रांत में सेना को तैनात किया गया है।
पाकिस्तानी न्यूज चैनल समा के मुताबिक, पंजाब सरकार ने खतरनाक सुरक्षा स्थिति को ध्यान में रखते हुए पूरे प्रांत में पाकिस्तानी सेना की सेवाएं मांगी हैं। जिसके बाद पंबाज में सेना की तैनाती के आदेश दे दिए गये हैं। पंजाब सरकार की तरफ से संघीय आंतरिक मंत्रालय को एक अनुरोध भेजा गया था, जिसे मंजूरी दे दी गई थी।
पंजाब के गृह विभाग ने संविधान के अनुच्छेद 245 के तहत पूरे प्रांत में पाकिस्तानी सेना के जवानों को तैनात करने का अनुरोध भेजा था, जिसके बाद अब पंजाब में सेना के जवानों की तैनाती शुरू हो गई है।
पाकिस्तान में हालात बेकाबू
पंजाब सरकार ने कहा है, कि पंजाब में सेना की तैनाती का फैसला प्रांत में कानून व्यवस्था की स्थिति में सुधार के लिए लिया गया है। इस्लामाबाद में मंगलवार को पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की नाटकीय गिरफ्तारी के बाद देश भर के कई शहरों में बड़े पैमाने पर हिंसक विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, जिसके बाद स्थिति बेकाबू बताई जा रही है।
पाकिस्तान से एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें प्रदर्शनकारियों को फायरिंग करते हुए देखा जा सकता है। इस वीडियो में प्रदर्शनकारियों को गोलियों की बरसात करते हुए देखा जा रहा है, जिसके बाद सवाल ये भी उठ रहे हैं, कि आखिर प्रदर्शनकारियों के पास बंदूक कैसे आए हैं?
कई शहरों में पीटीआई कार्यकर्ताओं, समर्थकों और नेताओं ने टायर जलाए और सैन्य प्रतिष्ठानों सहित सार्वजनिक और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। जियो न्यूज के मुताबिक, गिरफ्तारी के खिलाफ कई शहरों में विरोध फिर से शुरू हो गया है।
सेना ने गिरफ्तारी में हाथ होने से किया इनकार
वहीं, इस्लामाबाद उच्च न्यायालय (IHC) के परिसर से पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के अध्यक्ष इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद, सरकारी सूत्रों ने पुष्टि की है, कि देश के सैन्य बलों का राजनीतिक नेताओं की गिरफ्तारी से कोई लेना-देना नहीं है।
जियो न्यूज के मुताबिक, सूत्रों ने कहा कि राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) ने कानून के तहत मंगलवार को खान को गिरफ्तार किया, जिसका पाकिस्तानी सेना से कोई संबंध नहीं है।
मंगलवार को, पीटीआई प्रमुख को अल-कादिर ट्रस्ट मामले में गिरफ्तार किया गया है, जिसके लिए इमरान खान ने पाकिस्तानी सेना को जिम्मेदार ठहराया है। वहीं, इमरान खान के समर्थक लगातार पाकिस्तानी सेना के दफ्तरों को निशाना बना रहे हैं। लाहौर में कोर कमांडर के घर को जला दिया गया है, वहीं प्रदर्शकारियों ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के घर में भी आग लगा दी।
पाकिस्तान के कई शहरों में सैन्य ठिकानों को इमरान समर्थकों ने निशाना बनाया है और पुलिस चौकियों को आग के हवाले कर दिया है। वहीं, सूत्रों ने कहा कि पीटीआई के कुछ नेता लगातार लोगों को हिंसा की ओर भड़का रहे हैं। जियो के मुताबिक, अधिकारी ने कहा है, कि "इस तरह के कृत्य को किसी भी मामले में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है और कानून के अनुसार निपटा जाएगा।"
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हालांकि, सूत्रों ने कहा कि पीटीआई नेतृत्व द्वारा प्रचार-प्रसार और हिंसा और उनके गैरकानूनी कार्यों के बावजूद, कानून लागू करने के लिए जिम्मेदार एजेंसियों ने पूर्ण संयम दिखाया और आगे भी ऐसा करती रहेंगी।
दूसरी तरफ, डॉन के मुताबिक पुलिस ने बताया है, कि पीटीआई कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर लाहौर में शादमान पुलिस स्टेशन पर हमला किया, जिससे परिसर के प्रवेश द्वार और अन्य संपत्ति को नुकसान पहुंचा है। अधिकारियों ने पुष्टि की कि हमलावर बड़ी संख्या में एक ट्रक पर सवार होकर पहुंचे और पुलिस थाने पर हमला किया।
वहीं, पीटीआई नेता शाह महमूद कुरैशी ने कहा है कि पार्टी इमरान खान की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा, कि गिरफ्तारी और धमकी "हमें डरा नहीं पाएगी"। उन्होंने यह भी कहा कि पीटीआई देश भर में "शांतिपूर्ण विरोध" को जारी रखेगा।
पंजाब पुलिस ने कहा है कि प्रांत में लगभग 1,000 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
एएफपी ने पुलिस के हवाले से कहा है, कि "पुलिस टीमों ने प्रांत भर से 945 कानून तोड़ने वालों और उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है।" वहीं, रिपोर्ट में कहा गया है, कि पूर्व पीएम की गिरफ्तारी के बाद भड़की हिंसा में 130 ऑफिसर्स और ऑफिसियल्स घायल हुए हैं।












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