Pahalgam Terror: 'मास्टरमाइंड से लेकर समर्थकों तक किसी को नहीं छोड़ेंगे', अमेरिकी विदेश मंत्री से बोले जयशंकर
Pahalgam Terror: पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान को भारत की तरफ से एक्शन का डर सता रहा है। कभी वह चीन से गुहार लगा रहा, तो कभी सऊदी से तो कभी यूनाइटेड नेशन्स में अर्जियां दाखिल कर रहा। यहां तक कि पाकिस्तानी सरकार के मंत्री तो 2 दिन के भीतर हमला होने का दावा कर चुके हैं। डर किस कदर हावी है पाकिस्तानी सिपहसलारों पर कि मंत्री से लेकर फौज तक के ज्यादातर वरिष्ठ पदाधिकारियों ने अपने घर वालों को दूसरे देशों में भेज दिया है, ताकि हमला हो तो वे सुरक्षित बच जाएं।

एस जयशंकर और मार्को रूबियो में क्या बात हुई?
दूसरी तरफ भारत में भी सरगर्मियां तेज हैं, पीएम मोदी एक के बाद एक बैठक ले रहे हैं जिनमें पाकिस्तान के खिलाफ उनके तेवर और तेज होते जा रहे हैं। इसी बीच विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ पहलगाम में हुए आतंकी हमले को लेकर फोन पर बात की। जयशंकर ने हमले में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर एक्शन लेने पर जोर दिया। उन्होंने इसे सोशल मीडिया साइट एक्स पर साझा करते हुए कहा, "कल पहलगाम आतंकवादी हमले के बारे में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से चर्चा की। इसके अपराधियों, समर्थकों और मास्टरमाइंड्स पर कार्रवाई करेंगे"
पहलगाम हमले पर क्या बोला व्हाइट हाउस?
अमेरिकी विदेश विभाग की प्रवक्ता टैमी ब्रूस ने भारत को दक्षिण एशिया में तनाव कम करने और शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पाकिस्तान के साथ बातचीत करने के लिए के लिए आग्रह किया। बातचीत का यह आह्वान भारत द्वारा पाकिस्तान के खिलाफ़ की गई कूटनीतिक कार्रवाइयों और सुरक्षा में बढ़ोतरी के बीच आया है। भारत सरकार की कार्रवाई आतंकवाद के खिलाफ़ एक मजबूत रुख को दर्शाती है, साथ ही अंतरराष्ट्रीय सहयोग की मांग भी करती है। अमेरिका जैसे वैश्विक साझेदारों के साथ जुड़कर, भारत का लक्ष्य क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों का प्रभावी ढंग से समाधान करना है।
पाक ने किया LOC पर सीजफायर का उल्लंघन
जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (LOC) पर पाकिस्तान द्वारा सीजफायर का उल्लंघन और हाल ही में बढ़े तनाव के जवाब में, विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने एस जयशंकर से संपर्क किया। अपनी बातचीत के दौरान, रुबियो ने आतंकवाद से निपटने के लिए भारत के साथ मिलकर काम करने की अमेरिका की नीति को दोहराया। उन्होंने पहलगाम में हुए "भयानक आतंकवादी हमले जिसमें 26 मासूम पर्यटकों ने जान गंवाई" उस पर संवेदनाएं व्यक्त कीं। हालांकि मार्को रोबियो ने पाकिस्तान के किसी मंत्री से कोई बात नहीं की है, जो बताता है कि अमेरिका का रुझान इस टकराव में किसकी तरफ है।
सीज फायर पर भारत का करारा जवाब
इंडियन आर्म LOC के पार पाकिस्तान की ओर से बिना उकसावे के छोटे हथियारों से की गई गोलीबारी का पूरी ताकत से जवाब दे रही है। 30 अप्रैल से 1 मई की रात को पाकिस्तान ने कुपवाड़ा, उरी और अखनूर सेक्टरों में लगातार सात रातों तक गोलीबारी की। भारतीय सेना ने भी उसे गोली का जवाब गोली से ही दिया। 26-27 अप्रैल को टुटमारी गली और रामपुर सेक्टरों के पास गोलीबारी की घटनाओं के दौरान भी इसी तरह की कार्रवाई देखने को मिली।
भारत ने बॉर्डर पर टाइट की सुरक्षा
पहलगाम की घटना के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे कश्मीर घाटी में आतंकवाद विरोधी अभियान तेज कर दिया है। हमले के बाद सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमिटी ऑन सिक्योरिटी (सीसीएस) की बैठक हुई और इसमें सीमा पार से इसके कनेक्शनों पर गौर किया गया। उन्होंने पाया कि यह घटना जम्मू-कश्मीर में सफल चुनावों के बाद हुई। आतंकवादी चाहते हैं कि कश्मीर फिर से हिंसा की आग में जले और देश में साम्प्रदायिक उन्माद भड़के इसलिए इस हमले को अंजाम दिया गया।
भारत ने अब तक क्या-क्या एक्शन लिया?
इन घटनाओं के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई कदम उठाए हैं। इनमें सिंधु जल संधि को निलंबित करना, अटारी में चेक पोस्ट को बंद करना और भारत में पाकिस्तानी डिप्लोमेट्स की संख्या कम करना जैसे कड़े कदम शामिल हैं। सरकार ने पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में सशस्त्र बलों को पूरी तरह से छूट दी है। जिसमें सेना जैसे चाहे, जब चाहे और जहां चाहे कार्रवाई कर सकती है। फिलहाल देखना होगा कि जब आमने-सामने टकराव की स्थिति बनेगी तो कौन-सा देश किसके साथ खड़ा होता है।
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