Nauru: चीन ने दिया ताइवान को बड़ा झटका, ड्रैगन के जाल में फंसने जा रहा एक और देश
हाइलाइट्स
• नाउरू ने ताइवान के साथ तोड़ा राजनयिक संबंध
• चीन के दबाव में नाउरू ने ताइवान से किया किनारा
• ताइवान का सिर्फ 12 देशों के साथ राजनयिक संबंध

ताइवान में बीते सप्ताह राष्ट्रपति चुनाव हुए थे जिसमें रूलिंग पार्टी के नेता और मौजूदा उपराष्ट्रपति विलियम लाई चिंग-ते ने जीत हासिल की। इससे पहले चीन ने मतदाताओं को चेतावनी दी थी कि यदि वे सैन्य संघर्ष से बचना चाहते हैं, तो सही विकल्प चुनें।
चीन की धमकी के बावजूद ताइवान के मतदाताओं ने तीसरी बार डीपीपी पार्टी के प्रति अपना समर्थन जताया। लेकिन ताइवान में नई सरकार बनने के कुछ ही दिन के बाद नाउरू ने ताइवान संग अपने संबंध तोड़ दिए हैं। इसे ताइवान के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
ताइवान को मिला बड़ा झटका
प्रशांत महासागर स्थित छोटा सा देश नाउरू अब ताइवान की जगह चीन संग अपने संबंध बहाल करने जा रहा है। नाउरू की सरकार ने कहा कि वह "अब ताइवान को एक अलग देश के रूप में नहीं, बल्कि चीन का एक अभिन्न हिस्सा के रूप में मान्यता देगी।"
ताइवान के सहयोगियों पर सेंध
चीन पिछले कुछ वर्षों से ताइवान के राजनयिक सहयोगियों पर सेंध लगा रहा है। ताइवान ने इस कदम को "लोकतांत्रिक चुनावों के खिलाफ चीन का प्रतिशोध" बताया है। ताइपे के उप विदेश मंत्री टीएन चुंग-क्वांग ने पुष्टि की कि उसने ताउरू के साथ संबंध तोड़ दिए हैं, उन्होंने कहा कि यह कदम "ताइवान की संप्रभुता और गरिमा को बनाए रखने के लिए" था।
'पराजय बदला ले रहा चीन'
ताइवान के विदेश मंत्रालय ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "यह समय न केवल हमारे लोकतांत्रिक चुनावों के खिलाफ चीन का प्रतिशोध है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के लिए सीधी चुनौती भी है।"
ताइवान ने की आलोचना
ताइवान के उप विदेश मंत्री टीएन ने कहा, "चीन सोचता है कि वह ऐसे तरीकों से ताइवान को दबा सकता है, लेकिन ये उनकी गलतफहमी है। दुनिया ने ताइवान के लोकतांत्रिक विकास को देखा है। अगर (बीजिंग) ताइवान के राजनयिक संबंधों को तोड़ने के लिए ऐसे घृणित तरीकों का इस्तेमाल करना जारी रखता है, तो दुनिया भर के लोकतांत्रिक देश इसे मान्यता नहीं देंगे।''
बीजिंग ने किया फैसले का स्वागत
वहीं, बीजिंग ने नाउरू के फैसले का स्वागत किया है। चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा, "चीन के साथ राजनयिक संबंधों को फिर से शुरू करने का नाउरू सरकार का निर्णय एक बार फिर दर्शाता है कि 'वन चाइन पॉलिसी' लोगों की इच्छा और समय की प्रवृत्ति है।"
नारू पहले भी तोड़ चुका है संबंध
यह पहली बार नहीं है जब नाउरू ने ताइवान के साथ संबंध तोड़े हैं। 2002 में भी नाउरू ने चीन के साथ संबंध तोड़ लिया था लेकिन बाद में इसने मई 2005 में ताइवान के साथ संबंध बहाल किए। नाउरू प्रशांत महासागर में स्थित एक द्वीप देश है और क्षेत्रफल की दृष्टि से यह तीसरा सबसे छोटा देश है।
अब सिर्फ 12 देश ताइवान के साथ
नाउरू के ताइवान संग संबंध तोड़ने और चीन संग संबंध जोड़ने के बाद अब केवल 12 देश ही बचे हैं जो अभी भी ताइपे के साथ राजनयिक संबंध बनाए हुए हैं। 9 महीने पहले मध्य अमेरिकी देश होंडुरास ने ताइवान के साथ राजनीतिक संबंध तोड़ दिया था।
10 देशों ने छोड़ा ताइवान का साथ
ताइवान ने 2016 के बाद से अपना दसवां राजनयिक सहयोगी गंवा दिया है। इनमें अधिकतर देश लैटिन अमेरिकी हैं। नाउरू और होंडुरास से पहले निकारागुआ ने ताइवान के साथ अपने राजनयिक संबंध खत्म कर दिया था।
ताइवान के किन देशों के साथ राजनयिक संबंध
- बेलीज
- ग्वाटेमाला
- परागुआ
- हैती
- संत किट्ट्स और नेविस
- सेंट लूसिया
- संत विंसेंट अँड थे ग्रेनडीनेस
- मार्शल द्वीपसमूह
- पलाउ
- तुवालू
- इस्वातिनी
- वेटिकन सिटी












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