एनएसजी सदस्यता के लिए भारत के पुराने दोस्त रूस से मांगी पाक ने मदद
इस्लामाबाद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पांच दिनों में पांच देशों के दौरे को पूरा कर लिया है। उनके इस दौरे पर स्विट्जरलैंड, अमेरिका और मैक्सिको ने भारत की एनएसजी सदस्यता का समर्थन किया है। इस बात से पाकिस्तान में हलचल और इसकी बेचैनी बढ़ गई है।

रूस को कर डाला फोन
गुरुवार को पाक विदेश और प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के सलाहकार सरताज अजीज ने बयान दिया कि एनएसजी पर भारत को मिलते समर्थन और गैर भेदभावपूर्ण नजरिए के लिए पाकिस्तान की सारी कोशिशें सफल होंगी। पाक की बेचैनी का आलम यह था कि उसने इस मुद्दे पर भारत के पुराने दोस्त औ अहम रणनीतिक साझीदार रूस को भी फोन कर डाला।
रूस के अलावा पाकिस्तान ने साउथ कोरिया और न्यूजीलैंड को भी एनएसजी सदस्यता पर समर्थन मांगा है।
भारत को ज्यादातर देशों का समर्थन
वहीं दूसरी ओर भारत की ओर से सदस्यता के लिए किए आवेदन के बाद 48 लोगों के एनएसजी की दो दिनों की मीटिंग गुरुवार को ऑस्ट्रिया की राजधानी विएना में शुरू हुई है। सूत्रों की मानें तो ज्यादातर देश भारत की दावेदारी के प्रति सकारात्मक नजर आए। अमेरिका भारत को एनएसजी की सदस्यता के मुद्दे पर पुरजोर समर्थन दे रहा है।
चीन की ओर से विरोध जारी
लेकिन चीन, भारत की सदस्यता का विरोध करने वाले देशों की अगुआई कर रहा है। जो खबरें आ रही हैं उनके मुताबिक टर्की, न्यूजीलैंड, आयरलैंड, दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रिया चीनी के रूख का समर्थन कर रहे हैं।












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