चीन के बाद उत्तर कोरिया भी भड़का, नैन्सी को बताया 'शांति की विनाशक', अमेरिका को दी धमकी
अमेरिकी संसद की स्पीकर नैन्सी पेलोसी की ताइवान यात्रा ने कई देशों को भड़का दिया है। चीन तो पहले से नाराज है अब ताइवान को लेकर उत्तर कोरिया ने भी नैन्सी पर तीखा बयान दिया है।
प्योंगयांग, 6 अगस्त : अमेरिकी संसद की स्पीकर नैंसी पेलोसी की एशिया यात्रा ने कई देशों को भड़का दिया है। उनके ताइवान दौरे से चीन पहले से ही भड़का हुआ है। उसने सैन्य कार्रवाई तक की चेतावनी दे डाली है। अब नैन्सी पेलोसी की ताइवान यात्रा को लेकर उत्तर कोरिया भी भड़क गया है। उसने भी नैन्सी के खिलाफ तीखा बयान जारी किया है। ( North Korea calls Nancy Pelosi destroyer of international peace)

ताइवान को लेकर उत्तर कोरिया भड़का
ताइवान की यात्रा को लेकर अमेरिका पर भड़के उत्तर कोरिया ने नैन्सी पेलोसी को अंतरराष्ट्रीय शांति और स्थिरता के लिए विनाशक बताया है और वॉशिंगटन को गंभीर नतीजे भुगतने की चेतावनी भी दी है। बता दें कि, चीन की धमकी और मना करने के बावजूद भी नैन्सी पेलोसी ने ताइवान का दौरा किया था। उनके जाने के बाद ताइवान में युद्ध जैसे हालात उत्पन्न हो गए हैं। इसको लेकर कई देश अमेरिका से नाराज हैं।

चीन नैन्सी के दौरे से नाराज
चीन ने अमेरिका को धमकी देते हुए कहा था कि, अगर नैन्सी पेलोसी ताइवान का दौरा करेंगी तो यह अमेरिका के लिए अच्छा नहीं होगा। वहीं, किम जोंग उन का देश उत्तर कोरिया के विदेश मंत्रालय ने नैंसी पेलोसी के ताइवान दौरे की कड़ी निंदा की है। उत्तर कोरिया के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जो योंग सैम ने अपने बयान में कहा है कि नैन्सी पेलोसी वैश्विक शांति और स्थिरता का सबसे बड़ी विनाशक हैं। इसके साथ ही उत्तर कोरिया ने अमेरिका को चेतावनी भी दे दी है।

नैन्सी पेलोसी ने परेशानियां पैदा कीं
उत्तर कोरिया का कहना है कि, नैन्सी पेलोसी जहां कहीं भी गईं वहां उन्होंने परेशानियां पैदा कीं, इन सबके लिए अमेरिका को नतीजे भुगतने होंगे। दूसरी तरफ चीन भी नैन्सी के ताइवान दौरे के बाद से काफी भड़का हुआ है। वह सैन्य अभ्यास के नाम पर ताइवान के अंदर तक घुसा चला जा रहा है। वह मिसाइलें दाग रहा है।

चीन दाग रहा मिसाइल
अमेरिकी स्पीकर नैन्सी पेलोसी की ताइवान यात्रा से नाराज चीन ताइपे के आसपास ताबड़तोड़ मिसाइले दाग रहा है। इसी बीच ताइवान की सेना ने दावा किया है कि, कि 68 चीनी लड़ाकू विमान और 13 युद्धक जहाज़ों (Warships) ने ताइवान जलडमरू(Taiwan Strait)में ताइवान और चीन को अलग करने वाली अनौपचारिक मीडियन लाइन (Median Line) का उल्लंघन किया है।

ताइवान को घेर चीन
बता दें कि, नैन्सी पेलोसी के ताइवान दौरे के बाद भड़के हुए चीन ने मंगलवार से शनिवार तक ताइवान को घेर कर 6 समुद्री क्षेत्रों में लाइव फायर सैन्य अभ्यास की आड़ में भारी बमबारी की है। ऐसा लग रहा है कि वह ताइवान को डरा कर अपने में मिलाने की साजिश शुरू कर दिया है। वहीं, नैन्सी की ताइवान यात्रा को लेकर चीन ने अमेरिका (US) के साथ कई क्षेत्रों में सहयोग खत्म करने की घोषणी की। चीन ने कहा है कि वह अमेरिका के साथ कई रक्षा बैठकें रद्द कर रहा है। साथ ही चीन ने अमेरिका के साथ पर्यावरण को लेकर होने वाली अहम बातचीत को भी स्थगित कर दिया है। चीन ने यह फैसला अमेरिका की प्रतिनिधिसभा की स्पीकर नैन्सी पेलोसी की ताइवान यात्रा से नाराज होकर लिया है।
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कितना दूर है ताइवान
ताइवान एक द्वीप है, जो दक्षिण पूर्व चीन के तट से लगभग 100 मील दूर है और अमेरिका के अनुकूल क्षेत्रों की सूची में शामिल है। यह देश अमेरिकी विदेश नीति के लिए काफी महत्वपूर्ण है। लेकिन चीन ताइवान पर हमेशा से अपना दावा करता रहा है।

चीन का सैन्य अभ्यास
अमेरिकी स्पीकर नैन्सी पेलोसी के ताइवान से वापस जाते ही अमेरिका ने देश के हवाई मार्ग के आसपास फायरिंग शुरू कर दी थी। चीन गुस्से में देश का अब तक का सबसे बड़ा सैन्य अभ्यास शुरू कर दिया। चीन नैन्सी के आने से ताइवान और अमेरिका दोनों से खफा है और वह बदले की आग में जल रहा है। चीन ने ताइपे के हवाई इलाके को घेर लिया है और ताबड़तोड़ गोलीबारी और फायरिंग किए जा रहा है। यह उसका सैन्य अभ्यास का एक हिस्सा है।

ताइवान को लेकर क्या सोचता है चीन
बता दें कि, चीन ने अमेरिकी स्पीकर नैन्सी पेलोसी की ताइवान यात्रा की निंदा करते हुए इसे 'बेहद खतरनाक' बताया है। बता दें कि, पिछले 25 साल में इस स्वतंत्र द्वीप की यात्रा करने वाली नैन्सी पेलोसी अमेरिका की पहली बड़ी नेता हैं। उनकी यात्रा के विरोध में चीन ने ताइवान में अपने लड़ाकू विमान उड़ाकर अमेरिका को ताकत दिखाने का प्रयास किया, लेकिन अमेरिका जैसे महाशक्ति देश ने चीन की इस धमकी को नजरअंदाज कर दिया। चीन ताइवान को एक अलग प्रांत के रूप में देखता है। चीन का यह भी कहना है कि, ताइवान फिर से बीजिंग के नियंत्रण में होगा। वहीं, ताइवान खुद को एक स्वतंत्र देश के रूप में देखता है, जिसका अपना संविधान और लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित नेता हैं।दूसरी तरफ चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा है कि ताइवान को चीन में मिलाने के लिए अगर बीजिंग को बल भी प्रयोग करना पड़े, तो भी वह पीछे नहीं हटेगा।
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