नीरव मोदी को लंदन हाई कोर्ट से मिली राहत, भारत प्रत्यार्पण के खिलाफ अपील को किया स्वीकार
लंदन, 9 अगस्त। पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) घोटाले का आरोपी और भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी को फिलहाल भारत लाने में और समय लगने वाला है। लंदन के हाई कोर्ट ने भगोड़े व्यापारी को बड़ी राहत देते हुए अपने प्रत्यर्पण के आदेश के खिलाफ चुनौती की अनुमति दे दी है। बता दें कि लंदन की मजिस्ट्रेट कोर्ट ने नीरव मोदी को भारत को सौंपने के पक्ष में फैसला सुनाया था, इसी आदेश के खिलाफ सोमवार को हाई कोर्ट ने भगोड़े व्यापारी को अपील करने की अनुमति दे दी है।

गौरतलब है कि भारत आने से बचने के लिए नीरव मोदी लगातार नए-नए पैंतरे आजमा रहा है। बीते दिनों उसने लंदन की हाई कोर्ट में भारतीय जेलों की बदहाली का हवाला दिया था। मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश के खिलाफ लंदन हाई होर्ट का दरवाजा खटखटाने वाले नीरव मोदी ने अपनी याचिका में कहा था कि भारत की जेल उसकी आत्महत्या का कारण बन सकती हैं। नीरव मोदी के वकील ने कोर्ट में मानसिक स्वास्थ्य जोखिम और आत्महत्या की प्रवृत्ति का भी हवाला दिया।
यह भी पढ़ें: भारत आने से बचने के लिए नीरव मोदी का नया हथकंडा, लंदन कोर्ट में नई अपील कर बताया आत्महत्या का जोखिम
लंदन उच्च न्यायालय ने नीरव मोदी की याचिका पर विचार करते हुए उसे अपने प्रत्यर्पण के खिलाफ अपील करने की अनुमति दे दी है। नीरव के वकील ने न्यायाधीश मार्टिन चेम्बरलेन को ये भी बताया कि भारत को सौंपने के बाद नीरव को मुंबई की आर्थर रोड जेल में रखा जाएगा। तो ऐसे में जेल में आत्महत्या को रोकने के लिए पर्याप्त उपाय हैं या नहीं इसपर बहस होनी चाहिए। जिसके बाद चेम्बरलेन ने अपना फैसला सुनाया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक लंदन हाई कोर्ट के न्यायाधीश ने कहा कि याचिकाकर्ता की अपील पर विचार करते हुए ग्राउंड 3 और 4 के आधार पर बहस करने की इजाजत दी जाती है।












Click it and Unblock the Notifications