नीरव मोदी के भाई के खिलाफ न्यूयार्क में फ्रॉड का केस, 25 साल हो सकती है सज़ा
न्यूयार्क। Nirav Modi Brother Nehal Modi: भारत से भगोड़े कारोबारी नीरव मोदी के भाई नेहल मोदी के खिलाफ न्यूयॉर्क में 26 लाख डॉलर की धोखाधड़ी के मामले में केस दर्ज किया गया है। नेहल के ऊपर विभिन्न स्कीम के जरिए दुनिया की सबसे बड़ी हीरा कम्पनियों के साथ फ्रॉड करने का आरोप है।
Recommended Video

नेहल मोदी के खिलाफ चार्ज की घोषणा करते हुए न्यूयार्क के सरकारी अभियोजक ने कहा कि जहां तक हीरों की बात है वे हमेशा रहेंगे लेकिन ये गलत स्कीम हमेशा नहीं रहेगी और अब नेहल मोदी को स्पष्ट रूप से न्यूयार्क की सबसे बड़ी अदालत में अभियोग का सामना करना पड़ेगा।
25 साल की हो सकती है सज़ा
न्यूयार्क के मैनहट्टन सिटी डिस्क्ट्रिक्ट में अभियोजक सीवाई वांस ने बताया कि नेहल मोदी के ऊपर न्यूयार्क की स्टेट सुप्रीम कोर्ट में 'महा चोरी की फर्स्ट डिग्री' चार्ज किया गया है। उन पर आरोप हैं कि उन्होंने धोखाधड़ी करके मैनहट्टन स्थित एक हीरे की कंपनी से 26 लाख डॉलर की कीमत के हीरे हड़प लिए।
न्यूयार्क स्टेट के कानून के मुताबिक ग्रैंड चोरी का फर्स्ट डिग्री आरोप होने पर अगर 10 लाख डॉलर से ज्यादा का फ्रॉड होता है तो दोषी को अधिकतम 25 साल तक की सजा हो सकती है।
बिना बेल के ही कोर्ट ने किया रिहा
न्यूयार्क पोस्ट की खबर के मुताबिक मोदी ने कोर्ट को बताया कि उसके ऊपर जो चार्ज लगाए हैं वह गलत हैं। इसके बाद कोर्ट ने उसे बिना बेल के ही जाने दिया। न्यूयार्क पोस्ट की वेबसाइट पर एक शॉर्ट वीडियो भी पोस्ट किया गया है जिसमें वह एक व्यक्ति, जो शायद उनका वकील है, के साथ घूमते नजर आ रहे हैं। उनसे केस के बारे में पूछा जाता है तो वह जवाब देते हैं कि केस के बारे में कुछ नहीं है। इसके बाद जब उनसे इंटरपोल (INTERPOL) के नोटिस के बारे में सवाल किया गया तो उनके साथ चल रहा शख्स जवाब देता है कि हम यहां केस पर बात नहीं कर रहे हैं।
नेहल मोदी भारत में पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के 13000 करोड़ रुपये (1.9 अरब डॉलर) की धोखाधड़ी केस में वांटेड है। भारत सरकार के अनुरोध पर इंटरपोल ने नेहल मोदी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया है। इसके तहत अंतरराष्ट्रीय एजेंसी पूरी दुनिया में उसकी तलाश कर रही है।
ज्यूरी को मिले पर्याप्त सबूत
न्यूयार्क की न्यायिक प्रक्रिया के मुताबिक नेहल मोदी के मामले को ग्रैंड ज्यूरी को सौंपा गया था। इस दौरान ग्रैंड ज्यूरी ने पाया कि नेहल मोदी के खिलाफ चार्ज लगाने के लिए पर्याप्त सबूत हैं।
आरोपों के मुताबिक नेहल मोदी ने 2015 में अमेरिका की एलएलडी डायमंड्स से झूठी गारंटी देकर 26 लाख डॉलर के हीरे की मांग की थी जिनमें से कुछ को उन्होंने कर्ज पर दे दिया और बाकी को सस्ते दाम पर बेच दिया।
एलएलडी डायमंड्स की वेबसाइट के मुताबिक यह दुनिया का सबसे बड़ी निजी स्वामित्व वाला हीरे की उत्पादक और तराशने वाला समूह है। कंपनी को पूरी तरह से बाहरी सप्लायर से स्वतंत्र बताया गया है। इसके मुताबिक कंपनी के पास दुनिया भर में अपनी खदान से हीरा प्राप्त होता है जिसे तराशा जाता है।












Click it and Unblock the Notifications