Nepal: क्रैश हुए विमान कंपनी के साथ पहले भी हो चुकी है दो अनहोनी, मालिक की हवाई हादसे में ही गई थी जान
नेपाल में रविवार को जो विमान क्रैश हुआ, उस कंपनी के साथ एक नहीं, दो-दो अनहोनी पहले भी हो चुकी है। यति एयरलाइंस के मालिक की हेलीकॉप्टर हादसे में ही मौत हुई थी। उनके भाई भी विमान दुर्घटना में ही मारे गए थे।

नेपाल में रविवार को हुए विमान हादसे में उस एयरक्राफ्ट में सवार 72 लोगों में कोई भी जिंदा बरामद नहीं हुआ है। 68 लोगों की मौत की पुष्टि कल ही कर दी गई थी। चार लोगों की तलाश का काम सोमवार सुबह शुरू किया गया था। इस बीच काठमांडू से पोखरा आ रहे Yeti Airlines के जिस विमान में 68 यात्री और 4 क्रू सवार थे, उसके मालिक की भी हवाई दुर्घटना में ही जान चली गई थी। घटना चार साल पुरानी है। यह वही साल था, जब यह हादसाग्रस्त विमान Yeti Airlines के बेड़े में शामिल हुआ था।

यति एयरलाइंस ने 2019 में खरीदा था यह विमान
नेपाल के पोखरा में रविवार को Yeti Airlines का जो ATR-72 विमान दुर्घटाग्रस्त हुआ था, उसका मालिकाना हक पहले भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या के किंगफिशर एयरलाइंस के पास था। 15 साल पुराना 9N-ANC एयरक्राफ्ट 2007 में किंगफिशर एयरलाइंस को डिलिवर किया गया था। 6 साल के बाद इस विमान को थाईलैंड के Nok Air ने खरीद लिया था। लेकिन, नेपाल के Yeti Airlines ने 2019 में इस विमान को खरीदकर अपने बेड़े में शामिल कर लिया। यह जानकारी Cirium Fleets के मुताबिक है, जो कि एयरक्राफ्ट, उसके उपकरणों और कीमतों पर नजर रखता है।

विमान हादसे के पुख्ता कारण की जानकारी नहीं
नेपाल में हुए इस हवाई हादसे को वहां के एविएशन इंडस्ट्री में तीन दशक का सबसे भयानक हादसा बताया जा रहा है। इसमें सवार 68 यात्रियों और 4 क्रू में से कोई भी जिंदा नहीं मिला है। इस दुर्घटना को लेकर यति एयरलाइंस और इसकी एक सहयोगी कंपनी तारा एयर के विमानों के रखरखाव को लेकर सवाल उठ रहे हैं। विशेषज्ञों की राय में विमान के रखरखाव में कमी, एयरक्राफ्ट सिस्टम में खराबी या पायलट की थकान इस जानलेवा हादसे की वजह हो सकती है। हालांकि, पुख्ता कारण तो हादसे की विस्तृत जांच से ही सामने आ पाएंगे। सोमवार को दुर्घटनास्थल से इसके ब्लैक बॉक्स भी बरामद कर लिए गए हैं।

विमान मालिक की हवाई हादसे में ही गई थी जान
इस बीच यति एरलाइंस के हादसाग्रस्त विमान को लेकर एक हैरान कर देने वाला तथ्य सामने आया है। 2019 में जिस वर्ष यह विमान यति एयरलाइंस के बेड़े में शामिल हुआ था, उसी साल इस कंपनी के मालिक आंग त्शेरिंग शेरपा की एक हेलीकॉप्टर हादसे में दर्दनाक मौत हो गई थी। शेरपा यति के साथ-साथ तारा और हिमालयन एयरलाइंस का भी स्वामित्व रखते थे। शेरपा जिस एयर डिनास्टी कंपनी के हेलीकॉप्टर में सवार थे, उसमें नेपाल के तत्कालीन पर्यटन और नागरिक उड्डयन मंत्री रवींद्र अधिकारी समेत चार और लोग भी थे। यह हेलीकॉप्टर नेपाल के पथीभरा में हादसे का शिकार हो गया था। हैरान करने वाली बात ये है कि आंग त्शेरिंग शेरपा के सबसे छोटे भाई टेंडी शेरपा की भी मौत 1998 में एक हवाई दुर्घटना में ही हुई थी।

अपनी ही कंपनी के हेलीकॉप्टर में हुई थी मालिक की मौत
आंग त्शेरिंग शेरपा नेपाल के एक बहुत से सामान्य परिवार से निकले थे, लेकिन एविएशन और हॉस्पिटैलिटी के बिजनेस के जरिए वहां के बहुत ही अमीर कारोबारी बन गए थे। शेरपा एवरेस्ट की परछाई में रहकर सोलुखुम्बु के पैंगोम गांव में पले-बढ़े। यहां यह भी गौर करने वाली बात है कि शेरपा जिस एयर डिनास्टी हेलीकॉप्टर में सवार थे, वह एयर डिनास्टी हेली सर्विसेज की थी और उसे उन्होंने ही 1993 में स्थापित किया था।

यति एयरलाइंस से जुड़े कुछ और तथ्य
रविवार को हुए विमान हादसे के बारे में जांचकर्ता ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा है कि विमान का अगला हिस्सा थोड़ा ऊपर उठ गया था और पंख हादसे से ठीक पहले बांयी ओर झुक गए थे। यति एयरलाइंस बुद्धा एयर के बाद नेपाल की सबसे बड़ी घरेलू विमान सेवा है। लेकिन, यति और तारा एयर को मिला कर यह देश की सबसे बड़ी विमान कंपनी बन जाती है। यूरोपियन कमीशन ने यति एयरलाइंस समेत सभी नेपाली एयरलाइंस पर अपने एयरस्पेस में घुसने पर 2013 में रोक लगा दी थी। 2021 के जून तक यह रोक जारी थी। यति एयरलाइंस की मूल कंपनी यति वर्ल्ड पर केपी शर्मा ओली की सरकार के दौरान भ्रष्टाचार में शामिल होने के आरोप भी लग चुके हैं। (हेलीकॉप्टर की तस्वीर-सांकेतिक)












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