Operation Dost: 'ऑपरेशन दोस्त' पूरा कर लौटा NDRF दल, जांबाज डॉग रेम्बो और हनी की भी वतन वापसी
तुर्की में भूकंप प्रभावितों को लिए भारत की ओर से चलाए जा 10 दिवसीय ऑपरेशन दोस्त के पूरा होने पर एनडीआरएफ की टीम अपने डॉग स्क्वायड के सदस्य रेम्बो और हनी के साथ भारत लौट चुकी है।

सीरिया और तुर्की में आए विनाशकारी भूकंप के कारण दोनों देशों में भारी नुकसान हुआ। भूकंप प्रभावित तुर्की में राहत बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ और डॉग स्क्वायड के सदस्य रेम्बो और हनी की भी वापसी हो चुकी है। तुर्की में रेस्क्यू ऑपरेशन को लेकर एनडीआरएफ की सब इंस्पेक्टर शिवानी अग्रवाल ने कहा कि भारत ने भूकंप पीड़ितों के साथ भावनात्मक रूप से जुड़कर उनकी सहायता की। तुर्की में साहसिक कार्य को पूरा कर लौटे बचाव दल का स्वागत किया गया।

भूकंप पीड़ितों को भारत की मदद
तुर्की में आए विनाशकारी भूकंप (Turkey Earthquake) के कारण बड़ी संख्या में लोग बेघर हो गए। कई लोगों को मकान के मलबों से जिंदा निकाला गया। भारत की ओर से तुर्की में चलाए जा रहे राहत बचाव कार्य 'ऑपरेशन दोस्त' के तहत बड़ी मात्रा में राहत सामग्री और बचाव दल भेजे गए। भारत ने तुर्की को मानवीय सहायता देते हुए कई लोगों की जान बचाई। तुर्की में एनडीआरएफ का बचाव दल भारतीय वायुसेना सी17 उड़ान और एक विशेष रूप से प्रशिक्षित डॉग स्क्वॉड भेजा गया। इसके अलावा रेस्क्यू ऑपरेशन के सभी आवश्यक उपकरण,चिकित्सा आपूर्ति, ड्रिलिंग मशीन समेत अन्य सामग्रियां भेजी गईं।

NDRF टीम वापस लौटी
NDRF की टीम में प्रशिक्षित कर्मियों के अलावा लैब्राडोर नस्ल के डॉग स्क्वायड भी मौजूद थे। 10 दिन तक चले राहत बचाव कार्य के पूरा होने के बाद NDRF की टीम भारत वापस आ गई है। वापस लौटे राहत बचाव दल की सब इंस्पेक्टर शिवानी अग्रवाल ने टीम की कार्य को सराहा और कहा की दल ने तुर्की में भूकंप पीड़ितों के साथ भावनात्मक रूप से जुड़कर कार्य किया।

41,000 से अधिक मौतें
तुर्की और उत्तर पश्चिमी सीरिया में मौतों का कुल आंकड़ा 41,000 हजार के पार पहुंच चुका है। भारी संख्या में मलबे में दबी लाशें मिली। ऐसे में डॉग स्क्वायड की टीमों ने बड़ी भूमिका निभाई। एक बच्ची की जान बचाने में डॉग स्क्वायड का अहम रोल रहा, जो कई टन मलबे की नीचे दबी मिली। 'ऑपरेशन दोस्त' को लेकर राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल के अधिकारियों भारत सरकार के निर्णय के तहत तुर्की से साथ अपनी दायित्यों को बखूबी निभाया।

'ऑपरेशन दोस्त'
तुर्की और सीरिया में आए भूकंप से तबाही के बाद तमाम देशों ने भूकंप प्रभावितों की मदद के लिए हाथ बढ़ाया। भारत ने इसके लिए 'ऑपरेशन दोस्त' की घोषणा की। जिसके तहत मानवीय सहायता देने के लिए मेडिकल सुविधा के लिए 60 पैरा फील्ड अस्पताल और एनडीआरएफ की टीमों को सभी आवश्यक राहत बचाव सामग्री के साथ भेजा गया। 10 दिन चले ऑपरेशन दोस्त में मलबे के बीच अपनी सुरक्षा की परवाह के बिना शवों और जीवित लोगों को पता लगाने में बचाव कर्मियों के अलावा सबसे अधिक अधिक श्रेय डॉग स्क्वायड सदस्य रेम्बो और हनी को दिया गया।












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