Afghanistan crisis: देश छोड़ने के चक्कर में अब तक 20 लोगों की मौत, नाटो अधिकारी का खुलासा
काबुल, 22 अगस्त: उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के एक अधिकारी ने रविवार को कहा कि 15 अगस्त को अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता हथियाने के बाद यहां के लोगों में देश छोड़ने के लिए भगदड़ मच गई। इस दौरान काबुल एयरपोर्ट और उसके आसपास इलाके में पिछले 7 दिनों में कम से कम 20 लोगों की जान चली गई है। रॉयटर्स के अनुसार तालिबानियों के डर से अफगानों ने अपना देश छोड़ने के लिए काबुल के हामिद करजई एयरपोर्ट पर ढेरा जमा लिया है।

नाटो के अधिकारी ने आगे बताया कि काबुल हवाई अड्डे के बाहर संकट दुर्भाग्यपूर्ण है। हमारा ध्यान सभी विदेशियों को जल्द से जल्द निकालने पर है। उन्होंने आगे कहा कि तालिबान के साथ किसी भी संभावित संघर्ष को रोकने के लिए हमारे सैनिक एयरपोर्ट के बाहरी इलाके से सुरक्षित दूरी बनाए हुए हैं। इससे पहले दिन में ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में बतााय कि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के पास कम से कम 7 अफगान नागरिक मारे गए हैं।
दरअसल, तालिबान की सत्ता में वापसी के बाद हवाई अड्डे से सामने आए कई तस्वीरों से साफ दिखाई दे रही है कि अफगान अपनी मातृभूमि छोड़ने के लिए तैयार हैं। एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें कुछ अफगान पुरुष अमेरिकी वायु सेना के एक विमान से चिपके हुए दिखाई दे रहे थे, जो रनवे पर उड़ान भरने की तैयारी कर रहा था। बाद में वे हवा के बीच से नीच गिरते हुए दिखाई दिए थे। इस हादसे में 2 लोगों की मौत हुई थी।
आपको याद दिला दें कि यह दूसरी बार है, जब अफगानिस्तान में तालिबान सत्ता में है। इसने पहले 1996 से शुरू होकर 5 सालों तक युद्धग्रस्त राष्ट्र पर शासन किया था। साल 2001 में इसे अमेरिका सैनिकों ने हराया था, जो 9/11 के हमलों के बाद यहां पहुंचे थे। हालांकि इस साल अप्रैल में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि वह 31 अगस्त तक अफगानिस्तान में सभी अमेरिकी सैनिकों को वापस बुला लेंगे। इसके बाद तालिबान काबुल की ओर बढ़ने और अंत में कब्जा करने में सफल हो गया।












Click it and Unblock the Notifications