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अब चंद्रमा पर स्थापित किया जाएगा बेहद शक्तिशाली वाई-फाई नेटवर्क, NASA ने शुरू की तैयारी

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क्लीवलैंड, ओहियो, अक्टूबर 18: पूरी दुनिया के तमाम बड़े स्पेस एजेंसी लगातार अंतरिक्ष क्षेत्र में नये नये टेक्नोलॉजी के विस्तार पर काम कर रहे हैं और अब नासा ने कहा है कि वो चंद्रमा पर बेहद शक्तिशाली वाई-फाई नेटवर्क सिस्टम इंस्टाल करने की तैयारी कर रहा है और इसके लिए बकायदा तैयारी भी शुरू हो गई है। चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर वाई-फाई नेटवर्क सिस्टम स्थापित कर नासा एक साथ कई प्रयोग करेगा, जिसमें अमेरिका ने तेज नेटवर्क स्थापित करना भी शामिल है।

चंद्रमा पर वाई-फाई नेटवर्क सिस्टम

चंद्रमा पर वाई-फाई नेटवर्क सिस्टम

क्लीवलैंड में नासा के ग्लेन रिसर्च सेंटर में कम्पास लैब ने अंतरिक्ष में वाई-फाई नेटवर्क स्थापित करने को लेकर रिसर्च किया है और इस परीक्षण से पृथ्वी पर कनेक्टिविटी चिंताओं को दूर करने के प्रयास पर रिसर्च किया गया है। नासा की तरफ से जारी की गई प्रेस रिलीज में कहा गया है कि, इस मिशन के जरिए अमेरिका के कुछ हिस्सों में इंटरनेट असुविधाओं को दूर करने और आने वाले भविष्य में आर्टिमिस बेसकैंप मिशनों में मदद करने में सहायता मिलेगी। नासा ने अपने बयान में कहा है कि, वाई-फाई नेटवर्क स्थापित करने से आर्टेमिस के तहत चंद्रमा पर अंतरिक्ष यात्रियों को भेजने में जो दिक्कतें आती हैं, उसमें कमी आने की पूरी संभावना है और हमारे समाज में आने टेक्नोलॉजी को लेकर आने वाली कई दिक्कतों को सुलझाने में भी मदद मिलेगी।

    चंद्रमा पर Wi-Fi network स्थापित करेगा NASA, नहीं होगी इंटरनेट की दिक्कत | वनइंडिया हिंदी
    नई टेक्नोलॉजी से इंसानों को मदद

    नई टेक्नोलॉजी से इंसानों को मदद

    नासा ने पिछले साल आर्टेमिस कार्यक्रम का खुलासा किया था और इस मिशन का उद्येश्य इंसान को फिर से चंद्रमा पर भेजना था। इससे पहले नासा ने साल 1972 में पहली बार किसी इंसान को धरती से चंद्रमा की सतह पर उतारा था। इस मिशन की योजना 2021 में चंद्रमा के चारों ओर एक मानव रहित मिशन शुरू करने की है, इसके बाद 2023 में एक क्रू मून फ्लाईबाई, फिर 2024 में इंसान को चंद्रमा की सतह पर उतारने का मिशन है, जिसको लेकर काफी तेजी से काम चल रहा है। नासा के कम्पास टीम के प्रमुख स्टीव ओल्सन ने कहा कि, ''हम पूरे दिन अंतरिक्ष में नई नई कल्पनाओं को हकीकत की धरातल पर उतारने के लिए काम करते रहते हैं''।

    अमेरिका में खराब है इंटरनेट व्यवस्था

    अमेरिका में खराब है इंटरनेट व्यवस्था

    बिजनेस इनसाइडर से बात करते हुए नासा के कम्पास टीम के प्रमुख स्टीव ओल्सन ने कहा कि, ''ये स्टडी काफी ज्यादा महत्वपूर्ण है क्योंकि, आर्टेमिस बेसकैंप से जुड़े क्रू मेंबर्स, रोवर्स, वित्रान और खनन उपकरणों को धरती पर लगातार संपर्क में रहने के लिए एक शक्तिशाली कनेक्शन की जरूरत होगी''। नासा की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि, डिजिटल असमानता और पर्याप्त इंटरनेट सेवा तक पहुंच की कमी पूरे अमेरिका में एक सामाजिक आर्थिक चिंता है, जो COVID-19 महामारी के दौरान और खराब हो गई है। नेशनल डिजिटल इनक्लूजन एलायंस की एक रिपोर्ट के अनुसार, क्लीवलैंड के लगभग 31% घरों में ब्रॉडबैंड की सुविधा नहीं है।

    चंद्रमा से मिलेगा बेहतर नेटवर्क

    चंद्रमा से मिलेगा बेहतर नेटवर्क

    तमाम स्टडी के बाद पाया गया है कि, अमेरिका में डिजिटल असमानता काफी ज्यादा है और अगर नासा चंद्रमा के ऊपर वाई-फाई सिस्टम इंस्टॉल करने में कामयाब रहता है, तो चंद्रमा के जरिए अमेरिका में भी इंटरनेट कनेक्शन को मजबूत किया जा सकता है। ओल्सन ने अंदरूनी सूत्रों को बताया कि, यह आंकलन करने के लिए कि चंद्रमा पर ऐसा नेटवर्क कैसा दिख सकता है, नासा के ग्लेन रिसर्च सेंटर में कम्पास टीम ने मूल्यांकन किया कि पास के क्लीवलैंड में नेटवर्क कैसे काम कर सकता है, इसको लेकर रिसर्च किया गया है।

    नासा का मिशन चंद्रमा

    नासा का मिशन चंद्रमा

    नासा एक बार फिर से अंतरिक्ष यात्री को चंद्रमा पर उतारने के मिशन पर काम कर रहा है और नासा कई रोवर भी चांद पर लॉन्च कर चुका है, जो चांद पर कई अलग अलग खोज कर रहा है। आपको बता दें कि आठ देशों ने नासा के आर्टेमिस प्रोग्राम के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत चंद्रमा की सतह पर दीर्घकालिक बस्तियों को आकार देने की कोशिश की जाएगी। नासा इसके लिए स्पेसएक्स के साथ मिलकर काम कर रहा है। साथ ही नवंबर 2024 में वो एक यान चंद्रमा पर भेज सकता है।

    चीन भी कर रहा काम

    चीन भी कर रहा काम

    रूस और चीन ने चंद्रमा मिशन के लिए हाथ मिलाया है। जिसके तहत वो एक ज्वाइंट इंटरनेशनल लूनर रिसर्च स्टेशन (ILRS) बनाएंगे। ये एक तरह की प्रयोगशाला होगी, जो चंद्रमा पर काम करेगी। दोनों देश अब चंद्रमा की सतह पर दीर्घकालिक, स्वायत्त और व्यापक वैज्ञानिक प्रयोग आधार के लिए अन्य सहयोगी देशों की तलाश कर रहे हैं। इससे जुड़े एक समझौते पर मार्च में दोनों देशों ने हस्ताक्षर भी किया था। जिसमें चंद्रमा और उसकी कक्षा दोनों में रिसर्च सेंटर का निर्माण शामिल है।

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    English summary
    NASA is planning to install Wi-Fi system on the Moon. Internet speed on Earth will increase if NASA's mission is successful.
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