Narendra Modi News: मोहम्मद युनूस की PM मोदी से पहली मुलाकात, जानिए क्यों अहम है ये मीटिंग?
Narendra Modi News: पीएम नरेंद मोदी ने शुक्रवार, 4 अप्रैल को बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस से मुलाकात की। बांग्लादेश की पूर्व प्रधान मंत्री शेख हसीना के तख्तापलट के बाद दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच यह पहली बैठक थी। । द्विपक्षीय बैठक ऐसे समय में हुई है जब ढाका ने मतभेदों को दूर करने के लिए बिम्सटेक शिखर सम्मेलन के दौरान द्विपक्षीय बैठक का अनुरोध किया था। बीते गुरूवार(3 अप्रैल) की रात बिम्सटेक नेताओं के डीनर प्रोग्राम में भी दोनों एक-दूसरे के साथ में बैठे थे।
बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों को निशाना बनाकर की गई हिंसा की कथित घटनाओं और शेख हसीना को शरण देने के भारत के फैसले को लेकर मतभेदों के कारण दोनों देशों के बीच संबंधों में तनाव देखने को मिला। चीन में बोआओ फोरम फॉर एशिया (बीएफए) के वार्षिक सम्मेलन में भाग लेने के दौरान यूनुस द्वारा भारत के पूर्वोत्तर राज्यों पर की गई टिप्पणी के बाद भी द्विपक्षीय संबंधों में तनाव बढ़ गया था।

यूनुस द्वारा भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को लेकर दिए बयान हुआ था विवाद
मुहम्मद यूनुस ने हालही में चीन यात्रा के दौरान भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को लेकर एक टिप्पणी की, जिससे विवाद उत्पन्न हुआ है। उन्होंने कहा कि भारत के पूर्वी हिस्से के सात राज्य, जिन्हें 'सात बहनें' कहा जाता है, चारों ओर से भूमि से घिरे हुए हैं और उनकी समुद्र तक कोई सीधी पहुंच नहीं है। उन्होंने बांग्लादेश को इस क्षेत्र में महासागर का एकमात्र संरक्षक बताते हुए चीन से अपील की कि वह बांग्लादेश में अपना आर्थिक प्रभाव बढ़ाए।
उनके इस बयान पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य संजीव सान्याल ने सवाल उठाते हुए कहा कि बांग्लादेश में चीन का निवेश स्वागत योग्य है, लेकिन भारत के सात राज्यों के भूमि से घिरे होने का इससे क्या संबंध है? असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने भी इसे अपमानजनक और निंदनीय बताया। ऐसे में पीएम मोदी और यूनुस का यह मुलाकात कई मामले में अहम है।
मोहम्मद युनूस की PM मोदी से पहली मुलाकात
मोहम्मद यूनुस के हाथों में सत्ता आने के बाद से भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में काफी खटास आ गई थी। वो पिछले कुछ दिनों से कोशिश में थे कि पीएम मोदी से उनकी मुलाकात हो। मोहम्मद यूनुस की तरफ से किए गए आग्रह पर ही बिम्सटेक सम्मेलन के दौरान यह मुलाकात तय हुई।
यह वार्ता अंतरिम सरकार के साथ पहली उच्चतम स्तर की बातचीत भी है, जब पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना पिछले साल अगस्त में भारत भाग गई थीं और उन्होंने शरण मांगी थी। पूर्व प्रधानमंत्री बांग्लादेश से छात्रों के नेतृत्व में हुए बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन के बाद भाग गई थीं, जिसने उनकी अवामी लीग की 16 साल की सरकार को गिरा दिया था।
मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक इस मामले में यूनुस ने दावा किया है कि ढाका ने कानूनी मुकदमे का सामना करने के लिए हसीना के प्रत्यर्पण की मांग करते हुए भारत को "औपचारिक पत्र" भेजे, लेकिन नई दिल्ली से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली।
भारत- बांग्लादेश के साथ अपनी साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है: PM मोदी
पिछले महीने यूनुस को लिखे पत्र में, पीएम मोदी ने कहा, "भारत शांति, स्थिरता और समृद्धि की आम आकांक्षाओं से प्रेरित होकर और एक-दूसरे के हितों और चिंताओं के प्रति पारस्परिक संवेदनशीलता के आधार पर बांग्लादेश के साथ अपनी साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
मिली जानकारी के मुताबिक पीएम मोदी और यूनुस के बीच बातचीत दोनो देशों के बीच बढ़ती तनाव को कम करने के लिए हुई है। बता दे कि यह बैठक करीब 40 मिनट तक चली है। बंगलादेश ने बिम्सटेक बैठक से इतर नई दिल्ली के साथ द्विपक्षीय वार्ता का आग्रह किया था। इससे पहले पीएम मोदी और यूनुस बैंकॉक में बिम्सटेक रात्रिभोज में एक साथ बैठे नजर आए थे।












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