Naim Qassem: नईम कासिम बना हिज्बुल्लाह का नया चीफ, इजराइल के डर से भाग गया है ईरान, जानिए कौन है?
Naim Qassem Hezbollah Chief: हिजबुल्लाह ने एक बयान में कहा कि उसने नईम कासिम को अपना नया प्रमुख नियुक्त किया है। नईम कासिम, हिज्बुल्लाह के मारे गये प्रमुख हसन नसरल्लाह का स्थान लेगा। सितंबर के अंत में बेरूत में इजराइली हमले में नसरल्लाह की मौत हो गई थी।
हिज्बुल्लाहस, जिसने एक साल से ज्यादा वक्त से इजराइल के खिलाफ जंग छेड़ रखी है, उसके ज्यादातर वरिष्ठ नेताओं को इजराइल ने अलग अलग हमलों में मार गिराया है, वहीं रिपोर्ट ये भी है, कि नईम कासिम भी मौत के डर से ईरान भाग चुका है।

इसी महीने यूएई स्थित एरेम न्यूज की एक रिपोर्ट में एक ईरानी सूत्र के हवाले से बताया गया है, कि कासिम ईरानी विमान से लेबनान छोड़कर भाग गया है। दावा किया गया है, कि नईम कासिम, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची द्वारा इस्तेमाल किए गए विमान में सवार होकर लेबनान से भाग गया। उसे लेबनान से भागने का आदेश इस्लामिक रिपब्लिक ईरान के नेताओं ने दिया था, जिन्हें डर था, कि इजराइली हमले में वो भी मारा जाएगा।
नईम कासिम कौन है?
71 साल का नईम कासिम, हिज्बुल्लाह का उप महासचिव है और उसे अक्सर हिज्बुल्लाह का नंबर-2 माना जाता रहा है। उसका जन्म नबातिह गवर्नरेट के कफर किला में हुआ था, जो दक्षिणी लेबनान का एक गांव है। इस गांव पर पिछले साल अक्टूबर के बाद से इजराइल ने कई हमले किए हैं।
कासिम का शिया राजनीतिक सक्रियता में एक लंबा इतिहास रहा है। 1970 के दशक में, वह इमाम मूसा अल-सदर की तरफ से चलाए गये आंदोलन में शामिल हो गया था, जो अंत में लेबनान में एक शिया समूह, अमल आंदोलन का हिस्सा बन गया। बाद में उसने अमल छोड़ दिया और 1980 के दशक की शुरुआत में हिज्बुल्लाह की स्थापना में मदद की, और समूह के संस्थापक धार्मिक विद्वानों में से एक बन गया।
कासिम के धार्मिक गुरुओं में से एक कट्टर इस्लामिक विचारधारा को मानने वालवा अयातुल्ला मोहम्मद हुसैन फदलल्लाह था, वहीं कासिम ने बेरूत में दशकों तक इस्लामिक शिक्षा हासिल की, जिससे वो काफी कट्टर बन गया। हालांकि, हिज्बुल्लाह में उसकी क्या भूमिका है, ये एक रहस्य है। हिज्बुल्लाह के बड़े नेताओं की जानकारी हमेशा से काफी गुप्त रही है, इसलिए उसकी सभी भूमिकाओं की जानकारी नहीं है।
लेकिन एक वक्त वो हिज्बुल्लाह के शैक्षिक नेटवर्क के एक हिस्से की देखरेख की और समूह की संसदीय गतिविधियों की देखरेख में भी शामिल था। कासिम को 1991 में तत्कालीन महासचिव अब्बास अल-मुसावी के अधीन उप महासचिव चुना गया था, जिनकी भी इजराइल ने हत्या कर दी थी। कासिम ने भी वर्षों से हिज़्बुल्लाह में एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक भूमिका निभाई है, और समूह की शूरा परिषद के सदस्य भी है।
उसने 2005 में हिज़्बुल्लाह, द स्टोरी फ्रॉम विदिन नामक एक किताब लिखी थी, जिसका कई भाषाओं में अनुवाद किया गया।
हिज्बुल्लाह के कितने वरिष्ठ नेता मारे गये
फुआद शुकर: हिज्बुल्लाह के संस्थापक सदस्य
हसन नसरल्लाह: हिज्बुल्लाह प्रमुख
अली कराकी: हिज्बुल्लाह के शीर्ष कमांडर
नबील कौक: हिज्बुल्लाह की केंद्रीय परिषद के उप प्रमुख
मोहम्मद सरूर: हिज्बुल्लाह की ड्रोन इकाई के प्रमुख
इब्राहिम कुबैसी: हिज्बुल्लाह की मिसाइल इकाई के प्रमुख
इब्राहिम अकील: हिज्बुल्लाह के ऑपरेशन कमांडर
मोहम्मद नासिर: वरिष्ठ कमांडर
फिलहाल इसकी जानकारी नहीं मिल पाई है, कि नईम कासिम ईरान से ही हिज्बुल्लाह की कमान संभालेगा या वो निडर बनकर लेबनान लौटेगा?












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