Myanmar: सेना ने बौद्ध मठ में लाइन से खड़ा कर दर्जनों लोगों को गोलियों से भून डाला, 29 की मौत
केएनडीएफ का कहना है कि सेना के हमले में 29 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। म्यांमार के मीडिया में छपी खबरों के अनुसार, सेना ने लोगों को मठ की दीवार के सहारे खड़ा करके गोलियों से भून दिया।

Image: Facebook
म्यांमार में फिर से भीषण नरसंहार की घटना को अंजाम दिया गया है। शान प्रांत में एक मठ में शनिवार को तीन भिक्षुओं सहित कम से कम 29 लोगों की हत्या कर दी गई। म्यांमार नाउ की रिपोर्ट के मुताबिक स्थानीय विद्रोही समूह KNDF और सेना समर्थित जुंटा ने एक-दूसरे पर नरसंहार करने का आरोप लगाया है। रिपोर्ट के मुताबिक जिन लोगों की हत्या हुई है, उन्होंने देश के दक्षिणी इलाके शान प्रांत के बौद्ध मठ में पनाह ले रखा था।
रविवार को ऑनलाइन पोस्ट की गई तस्वीरों में गांव के मठ के प्रवेश द्वार के पास खून से लथपथ कई शव दिखाई दे रहे हैं, जिनमें तीन बौद्ध भिक्षुओं के हैं। मठ के सामने के हिस्से पर भी गोलियों के निशान थे। म्यांमार नाउ की रिपोर्ट के अनुसार, इस महीने की शुरुआत में सागैंग क्षेत्र के म्यिनमु टाउनशिप में जून्टा सैनिकों द्वारा कथित तौर पर 17 ग्रामीणों की हत्या करने के कुछ ही हफ्तों बाद ताजा घटना शनिवार को नन्नेइन्ट गांव में हुई है।
सरकार विरोधी करेनी नेशनलिटीज डिफेंस फोर्स (KNDF) द्वारा प्रकाशित और म्यांमार नाउ द्वारा स्वतंत्र रूप से सत्यापित की गई तस्वीरों में स्पष्ट रूप से पीड़ितों के सिर और उनके शरीर के अन्य हिस्सों पर बंदूक की गोली के घाव दिखाई दे रहे हैं। जिस जगह पर ये घटना हुई है, वह इलाका शान प्रांत की राजधानी नायपयीताव और पड़ोसी देश की थाईलैंड की सीमा के बीच स्थित है। केएनडीएफ एक सशस्त्र गुट है, जो म्यांमार की सेना के खिलाफ कार्यों को अंजाम देती है।
KNDF के प्रवक्ता के अनुसार, "यह ऐसा था जैसे उन्हें मठ के सामने खड़ा कर दिया और भिक्षुओं सहित उन सभी को क्रूरता से गोली मार दी। प्रवक्ता ने कहा कि अब तक कुल 22 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि अन्य सात के अभी भी घटनास्थल पर होने की आशंका है। KNDF प्रवक्ता ने कहा कि मठ के पीछे सात और शव हैं जिन्हें हम अभी तक एकत्र नहीं कर पाए हैं। इस गांव के एक अधिकारी ने स्थानीय अखबार द इरावदी को बताया कि, KNDF ने कुछ गांवों पर कब्जा कर लिया है और इसलिए म्यांमार की सेना अब उन पर गोलाबारी कर रही है।
इस बीच, म्यांमार के जुंटा प्रवक्ता मेजर जनरल ज़ॉ मिन तुन ने इस हत्याकांड में सेना से जुड़े आरोपों को खारिज कर दिया है। म्यांमार के सरकारी समाचार पत्र ग्लोबल लाइट में मेजर तुन ने इस हत्याकांड का जिम्मेदार KNDF को ठहराया है। एडवोकेसी ग्रुप असिस्टेंस एसोसिएशन फॉर पॉलिटिकल प्रिजनर्स (AAPP) के अनुसार, तख्तापलट के बाद से, म्यांमार में कम से कम 2,900 लोग जुंटा सैनिकों द्वारा मारे गए हैं और 17,500 से अधिक गिरफ्तार किए गए हैं।












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