क्या धरती पर फिर होगी इस खुंखार दैत्य की वापसी? 30000 साल पुराना वुली मैमथ ‘जिंदा’ मिला
हाथी जैसा दिखने वाला ये जीव अभी भी बिल्कुल सजीव लग रहा है और इसकी त्वचा से इसके बाल अभी भी चिपके हुए हैं।
ओटावा, जून 26: हजारों साल पहले लुप्त हो चुके दैत्याकार जीव वुली मैमथ की खोज की गई है, जो आज से 30 हजार साल पहले जिंदा था। कनाडा के युकोन में धरती की खुदाई के दौरान मिला ये बेबी मैमथ सबसे पूर्ण मैमथ है, जो उत्तरी अमेरिका में पाया जाता था। इस बेबी मैमथ का नाम 'Nun cho ga' रखा गया है और हान भाषा में इस शब्द का मतलब 'बड़ा बेबी जानवर' होता है। खुदाई के दौरान मिला ये बेबी मैमथ वैज्ञानिकों के लिए किसी आश्चर्य से कम नहीं है, क्योंकि ये बर्फ के अंदर इस तरह से जम गया था, कि ये आज भी बिल्कुल 'जिंदा' दिख रहा है।

दुर्लभ खोज है बेबी मैमथ
कनाडा के सुदूर उत्तर के क्लोंडाइक सोने के खेतों में खनिकों ने इस बेबी मैमथ की दुर्लभ खोज की है और बेबी मैमथ का ये अवशेष किस हद तक संरक्षित है, इसका अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं, कि इसके शरीर पर अभी भी लंबे बाल मौजूद हैं। अधिकारियों ने शुक्रवार को कहा कि, कनाडा के युकोन क्षेत्र में डावसन सिटी के दक्षिण में पर्माफ्रॉस्ट के माध्यम से खुदाई के दौरान बेबी मैमथ के अवशेष पाए गए, जो अमेरिकी राज्य अलास्का की सीमा के पास स्थित है। आपको बता दें कि, पर्माफ्रॉस्ट धरती के उस सतह को कहते हैं, जहां का तामपान दो या ज्यादा सालों के लिए शून्य डिग्री सेल्सियस से नीचे होता है। (फोटो क्रेडिट- Government of Yukon)

अभी भी सजीव दिख रहा है मैमथ
हाथी जैसा दिखने वाला ये जीव अभी भी बिल्कुल सजीव लग रहा है और इसकी त्वचा से इसके बाल अभी भी चिपके हुए हैं। पैलियोन्टोलॉजिस्ट ग्रांट ज़ाज़ुला ने कहा कि नन्हा टाइके, जिसने अपनी त्वचा और बालों को अभी भी बरकरार रखा है, वो 'दुनिया में अब तक खोजे गए सबसे अविश्वसनीय ममीकृत हिमयुग जानवरों में से एक है'। अभी तक की खोज में पता चला है कि, ये बेबी मैमथ एक मादा जानवर था और 30,000 साल पहले हिमयुग के दौरान उसकी मृत्यु हो गई होगी, जब ऊनी मैमथ जंगली घोड़ों, गुफा शेरों और विशाल स्टेपी बाइसन के साथ इस क्षेत्र में घूमते थे। (फोटो क्रेडिट- Government of Yukon)
हिमयुग के समय होता था राज
यह खोज उत्तरी अमेरिका में पाए जाने वाले हिमयुग के समय के जानवरों की पहली ऐसी खोज है, जिसका अवशेष पूर्ण रूप से संरक्षित मिला है और ये ममीकृत ऊनी मैमथ को चिह्नित करती है। इससे पहले एफी नाम का एक आंशिक विशाल बछड़ा 1948 में अलास्का के इंटीरियर में एक सोने की खदान में पाया गया था। 2007 में साइबेरिया में एक 42,000 साल पुराना ममीकृत शिशु वुली मैमथ, जिसे ल्यूबा के नाम से जाना जाता है, उसकी भी खोज की गई थी। युकोन सरकार के अनुसार, ल्यूबा और नन चो गा लगभग एक ही आकार के हैं। वहीं, वैज्ञानिकों ने इस बात को नोट किया है, कि युकोन के पास "हिम युग के जानवरों का एक विश्व प्रसिद्ध जीवाश्म रिकॉर्ड है, लेकिन त्वचा और बालों के साथ ममीकृत अवशेष शायद ही कभी पाए जाते हैं।"

‘हमारे देश के लिए उल्लेखनीय खोज’
'ओंडेक ह्वेच' के प्रमुख रोबर्टा जोसेफ ने एक बयान में कहा कि, 'यह हमारे राष्ट्र के लिए एक उल्लेखनीय खोज है, और हम इन अवशेषों के साथ आगे बढ़ने की प्रक्रिया में युकोन सरकार के साथ सहयोग करने के लिए तत्पर हैं, जो हमारी परंपराओं, संस्कृति और कानूनों का सम्मान करता है'। उन्होंने कहा है कि, खदान में काम करने वाले कर्मचारियों की सहायता के बिना ये खोज संभव नहीं थी और ये जानवर पैर पर पैर चढ़ाकर लेटा हुआ था और इसकी दोनों आंखें बंद थीं।

मैमथ हाथी पर चल रही है रिसर्च
आपको बता दें कि, लुप्त जानवरों के जो अवशेष मिलते हैं, उनके जीन की एडिटिंग करके वैज्ञानिकों ने उन जानवरों के जैसा नया जानवर बनाने के प्रोजेक्ट पर काम कई साल पहले शुरू कर दिया है। और करीब दो साल पहले प्रसिद्ध कारोबारी बेन लैम ने हॉवर्ड यूनिवर्सिटी के आनुवांशिक वैज्ञानिक जॉर्ज इस प्रोजेक्ट पर काम कर चुके हैं। लेकिन, इस तरह के प्रोजेक्ट में पैसे लगाने के लिए लोग नहीं मिल रहे थे। ये प्रोजेक्ट काफी ज्यादा महंगा है, लिहाजा इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाना अभी तक मुमकिन नहीं हो रहा था। पिछले साल वैज्ञानिक चर्च ने सीएनबीसी को बताया था कि, "पिछले 15 सालों में हमारे पास करीब एक लाख डॉलर थे, जो कि मेरी प्रयोगशाला में किसी भी अन्य प्रोजेक्ट से कम है। लेकिन ये प्रोजेक्ट मेरा सबसे पसंदीदा है। लेकिन पैसों की कमी की वजह से काम नहीं हो पा रहा था। लेकिन अब पैसों का इंतजाम हो चुका है।'' वहीं, अब इस बेबी मैमथ का मिलना विज्ञान की दिशा में बहुत बड़ी उपलब्धि है।

आर्कटिक की जंगलों में लौटेंगे मैमथ?
वैज्ञानिक जिस स्टार्टअप पर काम कर रहे हैं, वो किसी पागलपन से कम नहीं है। खासकर जो इस प्रोजेक्ट के बारे में सुनता है, वो इसे क्रेजी प्रोजेक्ट बताता है। लेकिन, इस स्टार्टअप का लक्ष्य है आनुवंशिक रूप से इंजीनियरिंग करके लुप्तप्राय एशियाई हाथियों के द्वारा आर्कटिक तापमान का सामना करने में सक्षम विलुप्त हो चुके ऊनी मैमथ के समान एक नए प्रकार का जानवर बनाना। रिपोर्ट के मुताबिक, कारोबारी बेन लैम ने इस प्रोजेक्ट के लिए 11 मिलियन पाउंड देने की बात कही है। कारोबारी लैम और वैज्ञानिक जॉर्ज चर्च के स्टार्टअप का नाम है कोलोसल। आपको बता दें कि वैज्ञानिक डॉर्ज जीन एडिटिंग में माहिर माने जाते हैं। पिछले साल सितंबर महीने में इस प्रोजेक्ट की घोषणा कर दी गई थी और अगर सब सही रहा, तो अगले 10 सालों में लुप्त जानवरों को वापस धरती पर लाने का सपना सच साबित हो सकता है।












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