आतंकी संदिग्धों को टॉर्चर करने का समर्थन करने लगे हैं अमेरिकी
वाशिंगटन। पिछले दिनों अमेरिकी राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवारी की दौड़ में सबसे आगे चल रहे रिपब्लिकन डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि अगर वह राष्ट्रपति बने तो फिर से वाटरबोर्डिंग जैसी उन तमाम टेक्निक्स को वापस लाएंगे जो आतंकी गतिविधियों में शामिल संदिग्धों के लिए प्रयोग की जाती थी।
अब अमेरिकी नागरिकों ने भी ट्रंप के सुर में सुर मिलाया है। न्यूज एजेंसी रायटर्स और इप्सोस की ओर से कराए गए एक सर्वे में दो तिहाई अमेरिकी नागरिकों ने संदिग्धों से पूछताछ के लिए यातना को सही करार दिया है।
9/11 के बाद ग्वांतनामो बे में कैसे होती थी पूछताछ
अमेरिका पर 9/11 हमलों के बाद कुछ ऐसी टेक्निक्स प्रयोग हुईं जिनकी आज तक आलोचना होता है। लेकिन इस सर्वे से तो साफ है कि अमेरिकी नागरिका इस मुद्दे पर ट्रंप का समर्थन कर रहे हैं।
सर्वे के नतीजे सैन बर्नाडिनो में हुए आतंकी हमले में 14 लोगों की मौत और हाल के महीनों में पेरिस और ब्रसेल्स जैसे यूरोपियन शहरों में हुए बड़े हमलों के बाद अमेरिकी जनता के बदलते मूड की ओर इशारा करते हैं।
एक नजर डालिए इस सर्वे के खास नतीजों पर।

ऑनलाइन सर्वे में आए नतीजे
ब्रसेल्स में पिछले हफ्ते एयरपोर्ट और मेट्रो स्टेशन पर हुए हमलों में 32 लोग मारे गए थे। इन हमलों के बाद 22 से 28 मार्च तक एक ऑनलाइन सर्वे कराया गया। इसी सर्वे में कुछ हैरान करने वाले नतीजे सामने आए।

संदिग्धों के लिए यातना का समर्थन
सर्वे में 25 प्रतिशत लोगों ने संदिग्ध आतंकियों से आतंकी हमलों के बारे में जानकारी पाने के लिए यातना को उचित ठहराया। 38 प्रतिशत ने इसे कभी कभी उचित ठहराया जबकि 15 प्रतिशत ने कहा कि यातना का किसी भी हाल में प्रयोग नहीं होना चाहिए।

नाइजीरियाई लोगों जैसी सोच
नाइजीरिया, आतंकी जहां हमले आम बात बन चुके हैं, वहां के नागरिक भी इसी तरह से यातना का समर्थन करते हैं। साफ है कि यूरोप में बढ़ती आतंकी गतिविधियों के बाद एक समुदाय के लिए अब सोच में बदलाव आ रहा है।

डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन
अमेरिका में राष्ट्रपति चुनावों के लिए रिपब्लिकन पार्टी की उम्मीदवारी की रेस में आगे चल रहे डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि राष्ट्रपति बनने पर वे वाटरबोर्डिंग जैसे तरीकों पर प्रतिबंध लगाने के राष्ट्रपति ओबामा के फैसले को नहीं मानेंगे। वर्ष 2001 के आतंकी हमलों के बाद शुरू हुई इस टेक्निक में संदिग्ध को पानी में डूबाने जैसा अनुभव कराया जाता है।

कुछ और सर्वे और उनके नतीजे
दूसरी एजेंसियों द्वारा कराए गए सर्वे में यातना के लिए अमेरिकी जनता ने करीब 50 प्रतिशत तक अपना समर्थन यातना के तरीकों के लिए दिया है। वर्ष 2014 में एमनेस्टी इंटरनेशनल ने यातना और उत्पीड़न पर एक सर्वे कराया था इसमें 45 प्रतिशत लोगों ने यातना का समर्थन किया था।

भारत के 74 प्रतिशत लोग समर्थन में
एमनेस्टी के इस सर्वे में नाइजीरिया में 64, केन्या में 66 और भारत में 74 प्रतिशत लोगों ने संदिग्धों के लिए यातना का समर्थन किया था।












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