क्या आने वाली है तबाही? 70 हजार साल से धधक रहा है ये ज्वालामुखी, 1 महीने में 1100 से ज्यादा भूकंप

वॉशिंगटन, 9 अगस्त। दुनिया इस समय कोरोना वायरस महामारी का सामना कर रही है, ऐसे में भारत समेत कई देश अन्य भयानक प्राकृतिक आपदाओं से जूझ रहे हैं। पिछले सप्ताह अमेरिका में कोविड संकट के बीच आए भीषण भूकंप ने हजारों लोगों को प्रभावित किया। वैसे तो भूकंप के झटके दुनियाभर में आते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं अमेरिका में एक ऐसी जगह है जहां पिछले महीने में 1100 से ज्यादा बार भूकंप आए। आपको जानकर हैरानी होगी कि यह वही जगह है जिसे फिल्म '2012' में दिखाया गया था।

एक महीने में 1100 से अधिक भूकंप के झटके

एक महीने में 1100 से अधिक भूकंप के झटके

अमेरिका का 'यलोस्टोन नेशनल पार्क' दुनियाभर में मशहूर है, यहां दूर-दूर से पर्यटक जंगली जानवरों और प्रकृति को करीब से देखने के लिए आते हैं। यह जगह उस समय तब चर्चा में आई थी जब फिल्म '2012' में इसे शूट किया गया था। अब 'यलोस्टोन नेशनल पार्क' सबसे अधिक भूकंप के झटके झेलने वाली जगहों में से एक बन गया है। रिपोर्ट के मुताबिक यहां की धरती पिछले महीने 1100 से अधिक बार हिली।

2017 के बाद आए इतने भूकंप

2017 के बाद आए इतने भूकंप

यूएस जियोलॉजिकल सर्वे की रिपोर्ट के मुताबिक साल 2017 के बाद से पहली बार 'यलोस्टोन नेशनल पार्क' में एक महीने के भीतर इतने भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। हालांकि भूकंप की तीव्रता ज्यादा विनाशकारी नहीं थी, सिर्फ 4 ऐसे झटके थे जिनकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 3 से अधिक रही। इन भूकंपों की वजह से किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं हुआ। आपको बता दें कि यहां दुनिया के सबसे बड़े ज्वालामुखियों में से एक का मुहाना भी है। जो आखिरी बार 70000 साल पहले फटा था।

ज्वालामुखी के मुहाने पर बसा है पार्क

ज्वालामुखी के मुहाने पर बसा है पार्क

गनीमत रही कि भूकंप के झटकों का असर ज्वालामुखी पर नहीं पड़ा, नहीं तो भारी तबाही का सामना करना पड़ सकता था। धधकते ज्वालामुखी के मुहाने पर बसा 'यलोस्टोन नेशनल पार्क' कई प्राकृतिक और भौगोलिक हैरतों से भरा हुआ है। वैज्ञानिकों के मुताबिक एक महीने में इतने ज्यादा भूकंप आना चिंता का विषय है। रिपोर्ट के मुताबिक धरती के सतह के नीचे किसी तरह की कोई चुंबकीय हलचल नहीं दर्ज की गई जिसकी वजह भूकंप को बताया जा सके।

किस वजह से आए इतने भूकंप

किस वजह से आए इतने भूकंप

वैज्ञानिकों का मानना है कि अगर झटके लावा के बहाव की वजह से आए तो ऐसा संभव नहीं है। यूएस जियोलॉजिकल सर्वे के मुताबिक लावा के बहाव से इतने भूकंप नहीं आते, वैज्ञानिकों को इसके अन्य कारणों का पता लगाना होगा। इसका एक कारण धरती के नीचे गर्मी या गैस उत्सर्जन की अधिक मात्रा हो सकता है लेकिन इसके संकेत भी नहीं मिले हैं। बताया जा रहा है कि पिछले महीने आए भूकंप 7 अलग-अलग सीरीज में थे। सबसे ज्यादा ताकतवर भूकंप 16 जुलाई को आया था।

एक दिन में आए 764 भूकंप

एक दिन में आए 764 भूकंप

यूएस जियोलॉजिकल सर्वे ने बताया कि 16 जुलाई को 'यलोस्टोन नेशनल पार्क' की धरती के नीचे 764 भूकंप के झटके आए। इनमें से एक की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.6 मापी गई। पार्क में आने वाले इतने अधिक भूकंप अब शोध का विषय हैं, फिलहाल इसका कारण धरती के नीचे मौजूद फॉल्ट्स के हिलने को माना जा रहा है। ये फॉल्ट्स बर्फ पिघलने से हिल सकते हैं, ऐसा इसलिए क्योंकि ऊपरी दबाव कम होने से फाल्ट्स में कंपन आता है।

यह भी पढ़ें: महाराष्ट्र में 6 करोड़ साल पहले विशालकाय ज्वालामुखी ने मचाई थी भयानक 'तबाही', अब मिले सबूत

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+