दुनिया के कई देश झेल चुके हैं कोरोना की दूसरी लहर, वुहान में भी पटरी पर लौटी जिंदगी की गाड़ी
नई दिल्ली, अप्रैल 23। साल भर पहले केरल में कोरोना का पहला केस मिला था, लेकिन आज की तारीख में ये वायरस पूरे देश में अपना कहर बरपा रहा है। इस वक्त वायरस का नया वैरिएंट बहुत घातक और जानलेवा साबित हो रहा है। तमाम राज्यों में अस्पतालों के अंदर बेड की कमी, ऑक्सीजन की कमी और साथ ही देश में वैक्सीन की कमी बहुत बड़ी और गंभीर समस्या है, लेकिन ऐसा नहीं है कि ऐसे हालात हमारे यहां ही पैदा हुए हैं, बल्कि दुनिया के कई देश इस स्थिति का सामना कर चुके हैं। दुनिया में कई देश कोरोना की दूसरी और तीसरी लहर से बाहर आ चुके हैं और वहां अब जिंदगी बिल्कुल नॉर्मल हो गई है।

वुहान में पटरी पर लौटी जिंदगी
चीन का सेंट्रल पॉइंट कहे जाने वाले वुहान में कोरोना से स्थिति बहुत ज्यादा खराब थी। 1 करोड़ से अधिक आबादी वाले वुहान शहर को कोरोना का जन्मस्थान कहा जाता है। चीन पर हमेशा यही आरोप लगे हैं कि वुहान से ही कोरोना वायरस की शुरुआत हुई थी, लेकिन आज वुहान में जिंदगी एकदम सामान्य है। कथित तौर पर दिसंबर 2019 में पहली बार वुहान में कोरोना का केस मिला था, लेकिन कई सावधानियों के साथ अब वुहान शहर में जिंदगी पटरी पर लौट आई है।
वुहान में जीवन एकदम सामान्य- केरल की एक डॉक्टर
द इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, केरल की रहने वाली डॉक्टर अनिला पी अजयन फिर से वुहान में जाकर बस गई हैं। एक समय जब वुहान में कोरोना संक्रमण ऊंचाई पर था तो उन्हें अपने घर वापस आना पड़ा था, लेकिन अब स्थिति सामान्य होने के बाद अजयन फिर से वुहान में जाकर बस गई हैं। उन्होंने बताया है कि वुहान लौटने के लिए हमें एक लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। वुहान में अब जीवन एकदम सामान्य हो गया है। उन्होंने बताया कि लोग सड़कों पर अब बिना किसी डर के घूमते हैं, लेकिन फेस्टिवल, त्योहार और वीकेंड पर सावधानियां बरती जाती हैं, लोग अभी भी मास्क पहन रहे हैं।
डॉक्टर अनिला का कहना है कि वुहान में लोग सर्जिकल मास्क और N95 मास्क का इस्तेमाल करते हैं, वहां कपड़े वाले मास्क का तो कोई मतलब ही नहीं है, क्योंकि कोरोना वायरस 12 माइक्रोमीटर से भी छोटा है, जो कपड़े वाले मास्क से आसानी से प्रवेश कर सकता है।












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