मलाला को सर्वोच्च मानवाधिकार सम्मान
लंदन| दुनिया भर में बालिका शिक्षा की एक आवाज बन गयी पाकिस्तान की मलाला यूसुफजई और सामाजिक न्याय कार्यकर्ता हैरी बेलाफोंटे को संयुक्त रूप से एमनेस्टी इंटरनेशनल का एंबेसेडर ऑफ कंसाइंस अवार्ड 2013 देने की घोषणा मंगलवार को की गई। एमनेस्टी इंटरनेशनल के महासचिव सलिल शेट्टी ने कहा, "हमारे दो नए एंबेसेडर ऑफ कंसाइंस कई मामलों में एक दूसरे से बिल्कुल भिन्न हैं। लेकिन दोनों में एक बात समान है कि दोनों ही कहीं भी और किसी के लिए भी मानवाधिकारों की लड़ाई जारी रखने के प्रति समर्पित हैं।"
उन्होंने कहा, "हैरी और मलाला अंतरात्मा के सच्चे राजदूत हैं, वे सार्वभौमिक अधिकारों, न्याय और मानवीय गरिमा की बात करते हैं और दूसरों को भी ऐसा करने की प्रेरणा देते हैं।" पाकिस्तान की 16 वर्षीया स्कूली छात्रा मलाला यूसुफजई सबके लिए समान शिक्षा की पक्षधर हैं। एंबेसडर आफ कंसाइंस अवार्ड मानवाधिकार के क्षेत्र में दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है जो कि उन लोगों को दिया जाता है जो कि अपने कार्यों से मानवाधिकार को बढ़ावा देते हैं।

गौर हो कि मलाला ने बालिकाओं की शिक्षा का समर्थन किया था । उसने 2009 में बीबीसी के लिए लिखी गई अपनी डायरी में तालिबान के बालिका शिक्षा विरोधी होने और पाकिस्तान में लड़कियों के स्कूल जाने पर प्रतिबंध लगाने की निंदा की थी। जिससे तालिबानियों ने उस पर हमला कर दिया था।
मलाला को एंबेसेडर ऑफ कंसाइंस अवार्ड गायक बोनो और लेखिका अजर नफीसी प्रदान करेंगे।












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