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संयुक्त राष्ट्र में पहली बार महात्मा गांधी की विशेष उपस्थिति, शिक्षा पर दुनिया को दिया संदेश

विश्व संगठन में शिक्षा पर अपने संदेश को साझा करते हुए महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) ने पहली बार संयुक्त राष्ट्र में एक विशेष उपस्थिति दर्ज की।

संयुक्त राष्ट्र 1 अक्टूबर : राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने दुनिया को सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलना सिखाया। आज पूरा विश्व उनके मार्ग पर चलकर विश्व में शांति बनाए रखने की दिशा में प्रयासरत है। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 2 अक्टूबर के दिन को अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में मनाने का संकल्प लिया था। इसको लेकर महासभा में 15 जून 2007 को एक प्रस्ताव भी पारित किया गया था। इस प्रस्ताव के अनुसार बापू के जन्मदिन पर शिक्षा और जन जागरूकता के माध्यम से दुनिया भर में सत्य और अहिंसा के संदेश का प्रसार करने की बात कही गई थी। वहीं, 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी के जन्मदिन को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र (UN) में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

महात्मा गांधी ने शिक्षा पर दिया संदेश

महात्मा गांधी ने शिक्षा पर दिया संदेश

विश्व संगठन में शिक्षा पर अपने संदेश को साझा करते हुए महात्मा गांधी ने पहली बार संयुक्त राष्ट्र में एक विशेष उपस्थिति दर्ज की। भारत के राष्ट्रपिता की जयंती के अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस मनाया गया। बता दें कि, 2 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस मनाया जाएगा। इस उपलक्ष्य पर संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन और यूनेस्को महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ पीस एंड सस्टेनेबल डेवलपमेंट (एमजीआईईपी) के साझा सहयोग से यूएन मुख्यालय में विशेष पैनल चर्चा आयोजित किया गया। पैनल चर्चा के दौरान महात्मा गांधी का एक विशेष आदमकद होलोग्राम शो का आयोजन किया गया । गांधी जी के आदमकद का होलोग्राम शो को देखकर एक समय तो ऐसा लगा कि सचमुच में बापू कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच आ गए हो और वे उन्हें शांति और अहिंसा का पाठ पढ़ा रहे हैं।

मानव विकास के लिए शिक्षा जरूरी

मानव विकास के लिए शिक्षा जरूरी

यूएन में आयोजित पैनल चर्चा में संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज, द किंग सेंटर की सीईओ, अटलांटा बर्निस किंग युवा प्रतिनिधि और इंडोनेशिया की राजकुमारी हयू शामिल थीं। विश्व अहिंसा दिवस के अवसर पर यूनेस्को एमजीआईईपी के निदेशक अनंत दुरईअप्पा द्वारा संचालित इस चर्चा में मानव विकास के लिए शिक्षा पर विशेष तौर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम अहिंसा व्याख्यान श्रृंखला का हिस्सा था। वहीं, रुचिरा कंबोज ने री ट्वीट कर लिखा,भारत का स्थायी मिशन और UNESCO_MGIEP 30 सितंबर, 2022 को दोपहर 3:00 बजे (EDT) अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस की सह-मेजबानी कर रहे हैं। इस दौरान जारी एक बयान में कहा गया है कि संयुक्त राष्ट्र में पहली बार महात्मा गांधी के आदमकद होलोग्राम ने पैनल चर्चा का नेतृत्व किया।

महात्मा गांधी के आदमकद होलोग्राम ने पैनल चर्चा का नेतृत्व किया

महात्मा गांधी के आदमकद होलोग्राम ने शिक्षा पर बापू के विचारों को साझा किया। वहीं, पैनल चर्चा से पहले, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुतारेस का एक संदेश पढ़ा गया। अपने संदेश में गुतारेस ने कहा कि महात्मा गांधी का जीवन और उदाहरण विश्व में शांति और सहिष्णुा का मार्ग प्रशस्त करता है। उन्होंने दुनिया को एक मानव परिवार के रूप में गांधी जी के दिखाए शांति के मार्ग पर चलने का आह्वान किया। वहीं, हैदराबाद में महात्मा गांधी डिजिटल संग्रहालय के निदेशक बिराद याज्ञनिक ने कार्यक्रम के दर्शकों को बताया कि होलोग्राम बनाने की प्रक्रिया 2018 में शुरू हुई थी जब राजदूत काम्बोज दक्षिण अफ्रीका में थीं।

सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलें

सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलें

महात्मा गांधी के जन्मदिन 2 अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस मनाया जाता है। जून 2007 के महासभा के प्रस्ताव के अनुसार, जिसने स्मरणोत्सव की स्थापना की, यह दिन 'शिक्षा और जन जागरूकता के माध्यम से अहिंसा के संदेश को प्रसारित करने' का एक अवसर है। संकल्प 'अहिंसा के सिद्धांत की सार्वभौमिक प्रासंगिकता' और 'शांति, सहिष्णुता, समझ और अहिंसा की संस्कृति को सुरक्षित करने' की इच्छा की पुष्टि करता है।

(Video Credit : Twitter)

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