नॉर्थ कोरिया के किम और साउथ कोरिया के मून की मुलाकात के लिए क्रेडिट जाता है इस 'लेडी' को
पानमुनजोम। नॉर्थ कोरियाई लीडर किम जोंग उन और साउथ कोरिया के राष्ट्रपति मून जे-इन के बीच ऐतिहासिक मुलाकात हुई है। नॉर्थ कोरिया और साउथ कोरिया के बॉर्डर पर पानमुनजोम गांव में दोनों ही नेताओं के बीच मुलाकात हुई है। कोरियाई प्रायद्वीप में यह अब तक का सबसे बेहतरीन और शांति का दौर बताया जा रहा है, जब दोनों ही देशों के प्रतिनिधियों के बाद अपने राष्ट्रपतियों के भी मुलाकात हुई है। किम जोंग उन अपने टॉप डेलिगेशन के साथ इस मुलाकात में हिस्सा ले रहे हैं, जिसमें उनकी बहन किम यो जोंग भी शामिल है। सूत्रों की मानें तो किम जोंग उन की बहन ने इस ऐतिहासिक मुलाकात के लिए पूरी जमीन तैयार की है।

दोनों ही नेताओं के बीच मुलाकात हो चुकी है, राउंट टेबल मीटिंग में साउथ कोरिया की तरफ से राष्ट्रपति मून जे इन, नेशनल इंटेलिजेंस सर्विस के प्रमुख सुह हून और चीफ प्रेसिडेंसियल सेक्रेटरी इम जोंग-सुक मौजुद थे। वहीं, नॉर्थ कोरियाई सुप्रीम लीडर किम जोंग उन के साथ उनकी पार्टी सेंट्रल कमेटी के मैंबर किम योंग चोल और सेंट्रल कमेटी वर्कर्स की वाइस डायरेक्टर किम यो जोंग अपने भाई के साथ बैठी थीं।
इसी साल फरवरी में नॉर्थ कोरिया के टीम विंटर ओलंपिक गेम्स में भाग लेने के लिए साउथ कोरिया गई थी, जिसका किम यो जोंग ने अपनी टीम का प्रतिनिधित्व किया था। उस दौरान जोंग ने साउथ कोरिया के राष्ट्रपति से भी मुलाकात की थी। उसी दौरान कोरियाई प्रायद्वीप में शांति के लिए दोनों देशों के सुप्रीम लीडर के बीच मीटिंग आयोजन करने मे जोंग की ही सबसे बड़ी भूमिका है। कोरिया युद्ध के बाद किम यो जोंग पहली नॉर्थ कोरिया सदस्य है, जिसने साउथ कोरिया के राजनेताओं से मुलाकात की।
पिछले साल किम जोंग उन ने वर्कर्स पार्टी के कैबिनेट में फेरबदल किया था, उस वक्त उन्होंने अपनी बहन किम यो जोंग को सबसे बड़ी जिम्मेदारी सौंपी थी। किम जोंग उन ने अपनी बहन को 30 की उम्र में पार्टी में दूसरे नंबर का ओहदा देकर, पोलित ब्योरो में बड़ी जिम्मेदारी सौंपी।












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