Kash Patel: डोनाल्ड ट्रंप के वफादार, हार्डलाइनर, कंस्पिरेसी थ्योरिस्ट, काश पटेल बनेंगे FBI के अगले डायरेक्टर
Kash Patel: कई हफ्तों की अटकलों के बाद, अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आखिरकार पुष्टि कर दी है, कि फेडरल इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (FBI) के डायरेक्टर क्रिस्टोफर ए. रे की जगह लेने के लिए 'डीप स्टेट' के कट्टर आलोचक काश पटेल को नियुक्त करना चाहते हैं।
यानि, भारतीय मूल के काश पटेल 20 जनवरी को डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिका के राष्ट्रपति के तौर पर कार्यभार संभालने के बाद FBI के अगले डायरेक्टर होंगे, हालांकि मौजूदा डायरेक्टर रे का कार्यकाल 2027 तक चलेगा।

डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी समयानुसार शनिवार को काश पटेल के नाम का ऐलान किया है। डोनाल्ड ट्रंप, जो एफबीआई पर पूरी तरह से कंट्रोल चाहते हैं, उनके लिए काश पटेल से ज्यादा वफादार और तेजतर्रार उम्मीदवार मिलना मुश्किल था।
काश पटेल के पास पहले भी डोनाल्ड ट्रंप के साथ काम करने का लंबा अनुभव रहा है और डोनाल्ड ट्रंप के पिछले कार्यकाल के दौरान वो देश के रक्षा सचिव के सलाहकार थे, लेकिन काश पटेल की नियुक्ति के रास्ते में सबसे बड़ी बाधा ये बन सकती है, कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों के खिलाफ उनका रख काफी विवादास्पद रहा है।
काश पटेल के रास्ते में आखिरी बाधा
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, काश पटेल पहले भी FBI के वाशिंगटन मुख्यालय को बंद करने, इसके नेतृत्व को बर्खास्त करने और देश की कानून प्रवर्तन एजेंसियों को "नियंत्रण में लाने" का आह्वान कर चुके हैं। उन्होंने एफबीआई के खुफिया जानकारी जुटाने के काम को हटाने और ट्रंप का समर्थन न करने वाले किसी भी कर्मचारी को हटाने का भी सुझाव दिया।
ट्रंप ने शनिवार रात को अपनी सोशल मीडिया वेबसाइट ट्रुथ सोशल पर लिखा, "मुझे यह घोषणा करते हुए गर्व हो रहा है, कि कश्यप 'काश' पटेल संघीय जांच ब्यूरो (FBI) के अगले डायरेक्टर के रूप में काम करेंगे।"
रिपब्लिकन नेता ने कहा, "काश एक शानदार वकील, इन्वेस्टिगेटर और 'अमेरिका फर्स्ट' योद्धा हैं, जिन्होंने अपना करियर भ्रष्टाचार को उजागर करने, न्याय की रक्षा करने और अमेरिकी लोगों की रक्षा करने में बिताया है। उनके नेतृतव में FBI, अमेरिका में बढ़ती अपराध महामारी को समाप्त करेगी, प्रवासी आपराधिक गिरोहों को खत्म करेगी और सीमा पार मानव और मादक पदार्थों की तस्करी के बुरे अभिशाप को रोकेगी।"
काश पटेल: ट्रम्प के वफादार
काश पटेल के बायोडाटा की बात करें, तो वो ट्रंप के वफादार रहे हैं और उन्होंने संघीय अभियोजक और सार्वजनिक वकील के तौर पर काम किया है। हालांकि, कानून प्रवर्तन एजेंसी में काम करने का उन्हें कोई अनुभव नहीं है।
ट्रंप के अन्य कट्टर वफादारों की तरह ही पटेल का भी मानना है, कि 2020 के चुनाव नतीजों में पूर्व राष्ट्रपति के खिलाफ धांधली की गई थी। पिछले साल, पटेल ने उन पत्रकारों की जांच करने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने की कसम खाई थी, जिन्होंने "झूठ बोला" और "जो बाइडेन को राष्ट्रपति चुनाव में धांधली करने में मदद की।"
काश पटेल ने उस समय लिखा था, "चाहे यह आपराधिक हो या नागरिक, हम इसका पता लगा लेंगे।"
गवर्नमेंट गैंगस्टर्स नामक अपनी विवादास्पद पुस्तक में, पटेल ने "डीप स्टेट को हराने के लिए शीर्ष सुधारों" की लिस्ट बनाई है। इस लिस्ट में FBI मुख्यालय को वाशिंगटन से बाहर ले जाना और एजेंसी की कार्य शक्ति को कम करना शामिल था।
दिलचस्प बात यह है, मौजूदा डायरेक्टर रे को डोनाल्ड ट्रंप ने ही अपने पहले कार्यकाल के दौरान साल 2017 में एफबीआई डायरेक्टर नियुक्त किया था और उनका कार्यकाल 2027 तक समाप्त नहीं होगा। लेकिन, रे ने अपने कार्यकाल के दौरान डोनाल्ड ट्रंप को काफी परेशान किया है। जिसके लिए ट्रंप ने सार्वजवनिक तौर पर कई बार रे की आलोचना की है। रे के कहने पर ही एफबीआई अधिकारियों ने ट्रंप के फ्लोरिडा स्थिति घर मार-ए-लागो में छापेमारी की थी।
पिछले कुछ वर्षों में, व्यवसायी से राजनेता बने रे खुले तौर पर रे की आलोचना करते रहे हैं, खासकर तब जब कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने वर्गीकृत दस्तावेजों की तलाश में उनके आवास की तलाशी ली थी।












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