बाइडेन ने भारतवंशी रिच वर्मा को टॉप डिप्लोमेट किया नामित, जानिए कौन हैं और क्या मिली जिम्मेदारी?
रिच वर्मा भारत में अमेरिका के राजदूत रह चुके हैं और डेमोक्रेटिक पार्टी के अंदर उनकी काफी पकड़ है। उन्होंने कानून की पढ़ाई में पीएचडी किया हुआ है।

Rich Verma Nomited Top Diplomate Of US: संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने शुक्रवार को भारतीय-अमेरिकी वकील रिच वर्मा को डिप्टी सेक्रेटरी ऑफ स्टेट फॉर मैनेजमैंट एंड रिसोर्सेस नामित किया है। रिच वर्मा को इस टॉप डिप्लोमेटिक पद पर नामित किया जाना, अमेरिका में भारतीय मूल के लोगों के बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है। बाइडेन प्रशासन में पहले ही दर्जन भर से ज्यादा भारतवंशी मौजूद हैं, जो अलग अलग विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
रिच वर्मा को मिल सकती है अहम जिम्मेदारी
54 साल के रिच वर्मा फिलहाल मास्टरकार्ड कंपनी में चीफ लीगल ऑफिसर और ग्लोबल पब्लिक पॉलिसी के प्रमुख हैं। विदेश विभाग में शीर्ष राजनयिक पद के लिए नामांकित होने से पहले, रिच वर्मा ने 16 जनवरी 2015 से 20 जनवरी 2017 तक भारत में अमेरिकी राजदूत के रूप में भी काम किया है। यदि, अमेरिकी सीनेट में रिच वर्मा के नाम पर मुहर लग जाती है, तो फिर वो विदेश विभाग में सर्वोच्च रैंकिंग वाले भारतीय अमेरिकी बन जाएंगे। वर्मा ने ओबामा सरकार के दौरान विधायी मामलों के राज्य के सहायक सचिव के रूप में भी काम किया है।
कई अहम पदों की संभाल चुके हैं जिम्मेदारी
रिच वर्मा कई अहम पदों पर रह चुके हैं और इससे पहले वो द एशिया ग्रुप के वाइस चेयरमैन रहने के अलावा स्टेप्टो एंड जॉनसन एलएलपी में पार्टनर और सीनियर काउंसलर और अलब्राइट स्टोनब्रिज ग्रुप में सीनियर काउंसलर के रूप में काम किया है। वह संयुक्त राज्य अमेरिका के वायु सेना के एडवोकेट भी रह चुके हैं, जहां उन्होंने सक्रिय तौर पर काम कर तुकते हैं। रिच वर्मा ने अमेरिका के लेहाई विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन किया है और जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी लॉ सेंटर से उन्हें कानून की शिक्षा में मास्टर्स की है, इसके साथ ही उन्होंने जॉर्ज टाउन यूनिवर्सिटी से पीएच.डी की पढ़ाई की है।

बाइडेन के करीबी हैं रिच वर्मा
रिच वर्मा को अभी तक कई पुरस्कार और सम्मान मिल चुके हैं, जिनमें राज्य विभाग से विशिष्ट सेवा पदक, विदेश संबंध परिषद से अंतर्राष्ट्रीय मामलों की फैलोशिप और संयुक्त राज्य वायु सेना से मेधावी सेवा पदक शामिल हैं। रिच वर्मा, मास डिस्ट्रक्सन एंड टेरेरिज्म कमीशन के पूर्व रहस्य रह चुके हैं और उन्हें पहले राष्ट्रपति के खुफिया सलाहकार बोर्ड में भी नियुक्त किया गया था। वह द फोर्ड फाउंडेशन के एक ट्रस्टी के रूप में भी काम करते हैं और नेशनल एंडोमेंट फॉर डेमोक्रेसी और लेहाई यूनिवर्सिटी के बोर्ड में भी शामिल हैं।












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