Pennsylvania की जंग जीतकर जो बाइडेन ने डोनाल्ड ट्रंप को दी मात
वॉशिंगटन। डेमोक्रेट पार्टी के उम्मीदवार जो बाइडेन अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति बनेंगे। साथ ही भारतीय मूल की कमला हैरिस दुनिया के सबसे शक्तिशाली लोकतंत्र में उप राष्ट्रपति बनने जा रही हैं। 3 नवबंर से शुरू हुई मतदान की गिनती लगातार 4 दिनों तक चली। इस बार कई डेमोक्रेट राज्यों में रिपब्लिक ने कब्जा जमाया तो वहीं कई रिपब्लिक के माने जाने वाले राज्यों में डेमोक्रेट का डंका बजा है।

ऐसा ही एक राज्य पेन्सिलवेनिया है। जहां ट्रंप की जीत देखी जा रही थी, लेकिन अंत में ये जो बाइडेन के खाते में चला गया है। 20 इलेक्टोरल वोट वाले पेन्सिलवेनिया में 49.7%(33,45,906) वोट मिले हैं। वहीं डोनाल्ड ट्रंप को 49.2% (33,11,448) वोट मिले। यहां बाइडेन को प्रमुख बढ़त पोस्टल वोट खुलने के बाद मिली। हालांकि, अभी 5 राज्यों में काउंटिंग जारी है। जीत के बाद बाइडेन ने ट्वीट किया, 'अमेरिका, मैं सम्मानित महसूस कर रहा हूं कि आपने मुझे हमारे महान देश का नेतृत्व करने के लिए चुना है। हमारा आगे का काम मुश्किल होगा, लेकिन मैं आपसे वादा करता हूं कि मैं सभी अमेरिकियों का राष्ट्रपति बनूंगा। चाहे आपने मुझे वोट दिया हो या न दिया हो।'
न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, जो बाइडेन और उनकी टीम ने सरकार संभालने की तैयारी शुरू कर दी है। इसे ट्रांजिशन प्लान कहा जाता है। बाइडेन के सभी एडवाइजर्स उनके साथ डेलावेयर में उनके कैम्प ऑफिस में मौजूद हैं। इस बीच, फेडरल एजेंसीज के कुछ अफसर भी बाइडेन से मिलने पहुंचे। हालांकि, बाइडेन खेमा बहुत अनुशासन और शांति से चुनाव नतीजों के औपचारिक ऐलान का इंतजार कर रहा है।
एरिजोना और नेवादा में बाइडेन के पास 20,000 से ज्यादा वोट की बढ़त है। जॉर्जिया में वे 7 हजार से ज्यादा वोट से आगे हैं। वहीं, नॉर्थ कैरोलिना और अलास्का में ट्रम्प आगे चल रहे हैं। बाइडेन के पास 273 इलेक्टोरल वोट हो चुके हैं। राष्ट्रपति बनने के लिए 270 का आंकड़ा चाहिए। 20 नवंबर 1942 को जन्मे बाइडेन 78 वर्ष की उम्र में राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे। वह अमेरिका के इतिहास के सबसे उम्रदराज राष्ट्रपति होंगे। 6 बार सीनेटर रह चुके बाइडेन पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में 2008 से 2016 तक दो बार उपराष्ट्रपति भी रहे हैं।इस चुनाव में भी ओबामा ने उन्हें काफी समर्थन दिया है।












Click it and Unblock the Notifications